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Sonebhadra News: नीति आयोग की रैंकिंग में सोनभद्र देश में अव्वल, आकांक्षी जिलों में भी हासिल किया पहला स्थान
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सोनभद्र। नीति आयोग के आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत जारी दिसंबर 2025 की प्रगति रिपोर्ट में सोनभद्र ने देश के 112 आकांक्षी जिलों में पहला स्थान हासिल किया है। समग्र विकास के आधार पर जिले को यह उपलब्धि मिली है। सोनभद्र का ओवरऑल स्कोर नवंबर 2025 के 57.36 से बढ़कर दिसंबर 2025 में 65.00 हो गया। जिले ने 7.646 का डेल्टा स्कोर अर्जित किया, जो सभी आकांक्षी जिलों में सर्वाधिक रहा।
अलग-अलग श्रेणियों की रिपोर्ट पर गौर करें तो कृषि एवं जल संसाधन के क्षेत्र में सोनभद्र ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया। इस क्षेत्र में जिले का स्कोर 37.95 से बढ़कर 42.72 हो गया। किसानों के हित में संचालित योजनाओं, जल संरक्षण और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार को इसका प्रमुख कारण माना जा रहा है। स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में भी जिले ने उल्लेखनीय प्रगति करते हुए देश में छठी रैंक प्राप्त की। इस क्षेत्र में स्कोर 68.27 से बढ़कर 86.45 पहुंच गया। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और पोषण अभियानों के प्रभावी संचालन का इसमें अहम योगदान रहा। हालांकि शिक्षा, वित्तीय समावेशन और आधारभूत संरचना जैसे क्षेत्रों में अभी और सुधार की आवश्यकता है, लेकिन समग्र प्रदर्शन ने सोनभद्र को राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान दिलाया है।
बता दें कि शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण, बुनियादी विकास, कृषि एवं जल संसाधन, वित्तीय समावेशन सहित छह श्रेणियों के आधार पर देश के 112 आकांक्षी जिलों का चयन किया गया है। यूपी के आठ जिलों में सोनभद्र के अलावा चंदौली, चित्रकूट, फतेहपुर, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच इसमें शामिल हैं। इनके समन्वित विकास की निगरानी नीति आयोग कर रहा है।
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यह उपलब्धि जनपदवासियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों और शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े सभी लोगों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। आने वाले समय में शिक्षा, आधारभूत संरचना और वित्तीय समावेशन जैसे क्षेत्रों में और बेहतर कार्य कर सोनभद्र को विकास के आदर्श मॉडल जनपद के रूप में स्थापित किया जाएगा। -चर्चित गौड़, डीएम।
अलग-अलग श्रेणियों की रिपोर्ट पर गौर करें तो कृषि एवं जल संसाधन के क्षेत्र में सोनभद्र ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया। इस क्षेत्र में जिले का स्कोर 37.95 से बढ़कर 42.72 हो गया। किसानों के हित में संचालित योजनाओं, जल संरक्षण और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार को इसका प्रमुख कारण माना जा रहा है। स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में भी जिले ने उल्लेखनीय प्रगति करते हुए देश में छठी रैंक प्राप्त की। इस क्षेत्र में स्कोर 68.27 से बढ़कर 86.45 पहुंच गया। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और पोषण अभियानों के प्रभावी संचालन का इसमें अहम योगदान रहा। हालांकि शिक्षा, वित्तीय समावेशन और आधारभूत संरचना जैसे क्षेत्रों में अभी और सुधार की आवश्यकता है, लेकिन समग्र प्रदर्शन ने सोनभद्र को राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान दिलाया है।
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बता दें कि शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण, बुनियादी विकास, कृषि एवं जल संसाधन, वित्तीय समावेशन सहित छह श्रेणियों के आधार पर देश के 112 आकांक्षी जिलों का चयन किया गया है। यूपी के आठ जिलों में सोनभद्र के अलावा चंदौली, चित्रकूट, फतेहपुर, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच इसमें शामिल हैं। इनके समन्वित विकास की निगरानी नीति आयोग कर रहा है।
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