{"_id":"6a0b6773c261b407500abc18","slug":"strategy-formulated-to-curb-unnecessary-purchases-of-gold-and-silver-sonbhadra-news-c-194-1-son1033-146646-2026-05-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonebhadra News: सोने-चांदी की अनावश्यक खरीद पर रोक के लिए बनाई रणनीति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonebhadra News: सोने-चांदी की अनावश्यक खरीद पर रोक के लिए बनाई रणनीति
विज्ञापन
कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा करते डीएम चर्चित गौड।स्रोत सूचना विभाग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
सोनभद्र। कच्चे तेल के आयात के साथ सोना-चांदी की बढ़ती कीमतों के चलते विदेशी मुद्रा भंडार पर बढ़ते दबाव पर रोक के लिए पहल तेज हो गई है। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम चर्चित गौड़, एसपी अभिषेक वर्मा, जीएसटी अफसरों और सराफा-बुलियन कारोबारियों के बीच बैठक हुई। सोने-चांदी की अनावश्यक खरीद पर रोक की रणनीति बनाई गई।
सराफा कारोबारियों ने जिले में ज्यादातर सोने-चांदी की खरीद पुराने जेवरों की अदली-बदली पर आधारित होने का दावा किया। भरोसा दिया कि अनावश्यक खरीद को रोकने के लिए हर संभव पहल की जाएगी।
डीएम ने कहा कि भारत विश्व के सबसे बड़े स्वर्ण आयातक देशों में शामिल है। इसके चलते प्रतिवर्ष बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा सोने के आयात पर व्यय होती है।
विज्ञापन
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध-वैश्विक अस्थिरता के कारण डॉलर की मांग व आयात लागत में वृद्धि से विदेशी मुद्रा भंडार पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में बुलियन (सोने-चांदी की ईंट/बिस्कुट) की अनावश्यक खरीद-बिक्री को सीमित करने से देश की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी। सराफा व्यापारियों-एसोसिएशन प्रतिनिधियों ने हर संभव सहयोग का भरोसा देते हुए कहा कि जिले का ज्यादातर सोने-चांदी का व्यापार पुराने जेवरों के बदले नए जेवरों की खरीदारी पर आधारित है। यहां बुलियन का कोई खास कारोबार नहीं है।
इस मौके पर जीएसटी के सहायक आयुक्त रामविजय साहनी, सराफा कारोबारी मिठाईलाल सोनी, अमित सेठ, संदीप खेतान, राधेश्याम केशरी, रवि सर्राफ, दीपक सर्राफ आदि मौजूद रहे।
सराफा कारोबारियों ने जिले में ज्यादातर सोने-चांदी की खरीद पुराने जेवरों की अदली-बदली पर आधारित होने का दावा किया। भरोसा दिया कि अनावश्यक खरीद को रोकने के लिए हर संभव पहल की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
डीएम ने कहा कि भारत विश्व के सबसे बड़े स्वर्ण आयातक देशों में शामिल है। इसके चलते प्रतिवर्ष बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा सोने के आयात पर व्यय होती है।
Trending Videos
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध-वैश्विक अस्थिरता के कारण डॉलर की मांग व आयात लागत में वृद्धि से विदेशी मुद्रा भंडार पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में बुलियन (सोने-चांदी की ईंट/बिस्कुट) की अनावश्यक खरीद-बिक्री को सीमित करने से देश की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी। सराफा व्यापारियों-एसोसिएशन प्रतिनिधियों ने हर संभव सहयोग का भरोसा देते हुए कहा कि जिले का ज्यादातर सोने-चांदी का व्यापार पुराने जेवरों के बदले नए जेवरों की खरीदारी पर आधारित है। यहां बुलियन का कोई खास कारोबार नहीं है।
इस मौके पर जीएसटी के सहायक आयुक्त रामविजय साहनी, सराफा कारोबारी मिठाईलाल सोनी, अमित सेठ, संदीप खेतान, राधेश्याम केशरी, रवि सर्राफ, दीपक सर्राफ आदि मौजूद रहे।