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Sonebhadra News: आज से शुरू होगी 10 पुरानी बंधियों की तकनीकी जांच
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सोनभद्र। जिले की करीब पांच दशक पुरानी 10 प्रमुख बंधियों की सुरक्षा जल्द ही तकनीकी जांच के दायरे में होगी। इनकी स्थिति परखने के लिए केंद्रीय जल आयोग की तीन सदस्यीय विशेषज्ञ टीम मंगलवार को सोनभद्र पहुंचेगी। टीम 11 से 14 अगस्त तक चिह्नित बंधियों का स्थलीय निरीक्षण कर उनकी संरचनात्मक स्थिति, सुरक्षा और आवश्यक मरम्मत कार्यों का जायजा लेगी। विशेषज्ञों की जांच रिपोर्ट के आधार पर शासन स्तर से बंधियों की सुरक्षा और मरम्मत को लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
चार राज्यों की सीमा से लगे सोनभद्र में सिंचाई व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में बांध और बंधियां महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। जिले में कई जल संरचनाएं दशकों पुरानी हैं। ऐसे में इनकी तकनीकी स्थिति की नियमित जांच को सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषकर बारिश के मौसम में बंधियों पर पानी का दबाव बढ़ने के कारण इनकी मजबूती की जांच अहम हो जाती है। सिंचाई निर्माण खंड रॉबर्ट्सगंज के अधिकारियों के अनुसार विशेषज्ञ टीम करगरा, अमौली, रघुनाथपुर, रजवन, सिलहटा, देवरी, नरसो, मूर्तिया, जोगेंद्रा और शिगोरी बंधी का निरीक्षण करेगी। सभी बंधियों की ऊंचाई 10 मीटर से अधिक है और ये सिंचाई निर्माण खंड रॉबर्ट्सगंज के अंतर्गत आती हैं। टीम बंधियों की मौजूदा स्थिति, संरचनात्मक मजबूती और सुरक्षा से जुड़े विभिन्न तकनीकी पहलुओं का स्थलीय परीक्षण करेगी। निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली कमियों और आवश्यक सुधार के संबंध में विशेषज्ञ अपनी रिपोर्ट तैयार करेंगे। इसके बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी और उसी के आधार पर आवश्यक मरम्मत एवं सुरक्षा कार्य कराए जाएंगे। इसी तरह नगवां बांध की तकनीकी जांच के लिए पांच सदस्यीय विशेषज्ञ टीम 23 अगस्त को सोनभद्र आएगी। यह टीम बांध की सुरक्षा से जुड़े तकनीकी पहलुओं का विस्तृत परीक्षण करेगी। नगवां बांध की जांच को भी सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सिंचाई निर्माण खंड रॉबर्ट्सगंज के उपखंड अधिकारी राकेश दत्त मिश्रा ने बताया कि करीब 50 साल पुरानी 10 बंधियों की तकनीकी जांच के लिए केंद्रीय जल आयोग की तीन सदस्यीय विशेषज्ञ टीम मंगलवार को सोनभद्र पहुंच रही है। टीम 11 से 14 अगस्त तक जिले में रहकर बंधियों का स्थलीय निरीक्षण करेगी।
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चार राज्यों की सीमा से लगे सोनभद्र में सिंचाई व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में बांध और बंधियां महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। जिले में कई जल संरचनाएं दशकों पुरानी हैं। ऐसे में इनकी तकनीकी स्थिति की नियमित जांच को सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषकर बारिश के मौसम में बंधियों पर पानी का दबाव बढ़ने के कारण इनकी मजबूती की जांच अहम हो जाती है। सिंचाई निर्माण खंड रॉबर्ट्सगंज के अधिकारियों के अनुसार विशेषज्ञ टीम करगरा, अमौली, रघुनाथपुर, रजवन, सिलहटा, देवरी, नरसो, मूर्तिया, जोगेंद्रा और शिगोरी बंधी का निरीक्षण करेगी। सभी बंधियों की ऊंचाई 10 मीटर से अधिक है और ये सिंचाई निर्माण खंड रॉबर्ट्सगंज के अंतर्गत आती हैं। टीम बंधियों की मौजूदा स्थिति, संरचनात्मक मजबूती और सुरक्षा से जुड़े विभिन्न तकनीकी पहलुओं का स्थलीय परीक्षण करेगी। निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली कमियों और आवश्यक सुधार के संबंध में विशेषज्ञ अपनी रिपोर्ट तैयार करेंगे। इसके बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी और उसी के आधार पर आवश्यक मरम्मत एवं सुरक्षा कार्य कराए जाएंगे। इसी तरह नगवां बांध की तकनीकी जांच के लिए पांच सदस्यीय विशेषज्ञ टीम 23 अगस्त को सोनभद्र आएगी। यह टीम बांध की सुरक्षा से जुड़े तकनीकी पहलुओं का विस्तृत परीक्षण करेगी। नगवां बांध की जांच को भी सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सिंचाई निर्माण खंड रॉबर्ट्सगंज के उपखंड अधिकारी राकेश दत्त मिश्रा ने बताया कि करीब 50 साल पुरानी 10 बंधियों की तकनीकी जांच के लिए केंद्रीय जल आयोग की तीन सदस्यीय विशेषज्ञ टीम मंगलवार को सोनभद्र पहुंच रही है। टीम 11 से 14 अगस्त तक जिले में रहकर बंधियों का स्थलीय निरीक्षण करेगी।
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