सोनभद्र। अखिल भारतीय किसान सभा, खेत मजदूर यूनियन और ट्रेड यूनियनों के संयुक्त आह्वान पर सोमवार को जेल भरो आंदोलन के तहत कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। किसान, मजदूर, महिलाएं और नौजवानों ने प्रदर्शन कर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाई। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
किसान सभा के जिला संयोजक प्रेमनाथ ने कहा कि देश आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक संकट से गुजर रहा है। राष्ट्रीय संपदा और सार्वजनिक क्षेत्र के कारखानों को बड़े पूंजीपतियों को सौंपा जा रहा है। किसान, मजदूर और युवाओं की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। खेत मजदूर यूनियन के जिलाध्यक्ष पुरुषोत्तम ने बेरोजगारी और महंगाई का मुद्दा उठाते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए। प्रदर्शनकारियों ने किसानों की भूमि का जबरन अधिग्रहण रोकने, 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून को लागू करने, फसलों का लागत मूल्य से डेढ़ गुना दाम देने और चारों श्रम संहिताओं को वापस लेने की मांग की। इसके अलावा खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने, सिंचाई के साधनों की सफाई व मरम्मत कराने, महंगाई पर रोक लगाने और सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की मांग भी की। धंधरौल जलाशय की खाली कृषि योग्य भूमि गरीब और पात्रों को पट्टे पर देने की मांग की गई। चेतावनी दी कि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में राजकुमार सिंह, पकड़ू सिंह, राजनारायण सिंह, लाल बहादुर सिंह, उदय प्रकाश, रामबचन, राजबली, रामेश्वर विश्वकर्मा आदि शामिल रहे। नेतृत्व सीपीआईएम के जिला मंत्री नंदलाल आर्य ने किया।