समाजवादी पार्टी ने बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर में अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व राज्य मंत्री व्यास जी गोंड के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। इस दौरान आदिवासी समाज और जिले की विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर राज्यपाल के नाम संबोधित नौ सूत्री ज्ञापन प्रशासन को सौंपा गया। ज्ञापन में तरिया क्षेत्र में आदिवासियों की भूमि और जंगल पर कथित कब्जे रोकने, वनाधिकार से जुड़े मामलों में उत्पीड़न बंद करने तथा वर्षों से वन भूमि पर रह रहे आदिवासियों और मूल निवासियों को बेदखल न किए जाने की मांग की गई। साथ ही बालू और पत्थर खदानों में होने वाली दुर्घटनाओं की सीबीआई जांच कराने तथा मृत श्रमिकों के लिए ठेकेदारों की ओर से एक करोड़ रुपये का जीवन बीमा अनिवार्य किए जाने की मांग उठाई गई। व्यास जी गोंड ने कहा कि सोनभद्र प्रदेश का सबसे बड़ा आदिवासी बहुल जिला है, लेकिन पंचायतों और सरकारी नौकरियों में जनजातियों को उनकी आबादी के अनुरूप आरक्षण नहीं मिल रहा है। उन्होंने जनसंख्या के आधार पर आरक्षण सुनिश्चित करने की मांग की। ज्ञापन में अमवार-कनहर परियोजना से विस्थापित परिवारों के शीघ्र पुनर्वास, किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने, उर्वरकों की कालाबाजारी पर रोक लगाने तथा हर घर जल योजना के तहत खोदी गई सड़कों की तत्काल मरम्मत कराने की भी मांग की गई। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सपा सरकार के कार्यकाल में कराए गए विकास कार्यों के शिलापट्ट हटाकर नए शिलापट्ट लगाए जा रहे हैं। उन्होंने इस पर रोक लगाने की मांग की। प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष राम निहोर यादव, पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा, राजेंद्र सिंह पटेल, रमेश चंद्र दुबे, रविंद्र बहादुर सिंह पटेल, आजाद राय, मोहम्मद शहीद कुरैशी, अनिल कुमार यादव, रवि कुमार गोंड, विजय यादव, अनिल प्रधान, अशोक पटेल, सरदार पारब्रह्म सिंह, विजय शंकर जायसवाल, जुबेर आलम, डॉ. लोकपति सिंह पटेल, त्रिपुरारी गोंड, डॉ. केडी सिंह पटेल सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।