सोनभद्र। तरिया क्षेत्र के ससनई स्थित डीह बाबा स्थल पर मंगलवार को बड़ी संख्या में आदिवासी परिवारों की बैठक हुई। इसमें जल, जंगल और जमीन से जुड़े अधिकार, भूमि संबंधी मामलों और कथित पेड़ कटान के मुद्दे पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने इन विषयों पर चिंता जताते हुए सरकार से निष्पक्ष जांच और पारदर्शिता की मांग की। सभा में संदीप मिश्र ने कहा कि जल, जंगल और जमीन आदिवासी समाज के जीवन और अस्तित्व के आधार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि फर्जी हस्ताक्षर और मुहर के जरिये पूर्वजों के वंशजों के अधिकारों को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि किसी परिवार के घर या जमीन पर कार्रवाई की जाती है तो उसका लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा। पेड़ हैं तो प्राण हैं... अभियान के जिला संयोजक रामसूरत खरवार ने कहा कि जंगल और पर्यावरण आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा और आजीविका से जुड़े हैं। उन्होंने दावा किया कि एक ओर जनहित याचिका में प्रमुख सचिव के हलफनामे में संबंधित क्षेत्र में कोई कार्य नहीं होने की बात कही गई है तो वहीं दूसरी ओर ग्रीनको कंपनी को बड़ी संख्या में पेड़ काटने की अनुमति देने की चर्चा है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर पौधरोपण और पेड़ कटान से संबंधित अभिलेख सार्वजनिक करने की मांग की। बैठक में आदिवासी परिवारों के जल, जंगल और जमीन से जुड़े अधिकारों की रक्षा करने पर जोर दिया गया। इस दौरान बासमती गोंड़, गुलाबी चेरो, कन्हैया चेरो, जोगेंद्र यादव, दिनेश चेरो, बिंदू खरवार, आकाश चौहान, मुखलाल चेरो और गुलाब चेरो आदि मौजूद रहे।