सोनभद्र। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और भाकपा (माले) के संयुक्त बैनर तले सोमवार को देशव्यापी आह्वान के तहत कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन प्रेषित करते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और विभिन्न मांगों पर कार्रवाई की मांग उठाई। वामदलों के नेताओं ने आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक अधिकारों पर लगातार हमले हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि बुलडोजर कार्रवाई, फर्जी मुकदमे, राजनीतिक विरोधियों पर कार्रवाई, जन आंदोलनों से पहले नेताओं और कार्यकर्ताओं को नजरबंद करने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन की भी अनुमति नहीं दिए जाने के मामले बढ़े हैं। नेताओं ने उत्तर प्रदेश सरकार पर भी सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अनदेखी करते हुए बुलडोजर अभियान चलाने और असहमति की आवाज उठाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान कम्युनिस्ट नेताओं ने जिला प्रशासन से कलेक्ट्रेट के पिछले हिस्से में बने धरना स्थल के बजाय गांधी उद्यान को प्रदर्शन स्थल घोषित करने की मांग भी उठाई। उनका कहना था कि वर्तमान धरना स्थल पर शेड, पेयजल, शौचालय और अधिकारियों की उपलब्धता जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, जिससे प्रदर्शनकारियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। प्रदर्शन में भाकपा जिला सचिव आरके शर्मा, माकपा जिला सचिव नंदलाल आर्य, भाकपा (माले) जिला सचिव सुरेश कोल, बसावन गुप्ता, चंदन प्रसाद, मोहम्मद कलीम, प्रेमनाथ, नागेंद्र प्रसाद, महेंद्र सिंह, राजबली, हनुमान प्रसाद, नंदलाल यादव, ईश्वर दयाल आदि शामिल रहे।