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Sultanpur News: मनरेगा के 17,500 लंबित कार्य, विभाग ने मांगा विवरण
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Thu, 07 May 2026 12:04 AM IST
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सुलतानपुर। मनरेगा के वित्तीय वर्ष 2024-2025 और 2025-2026 के 17,500 कार्य लंबित मिले हैं। शासन ने अधिकारियों और कर्मचारियों को इन कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। विवादित व पांच फीसदी तक के कार्य पोर्टल से हटाए जाने की संभावना है।
वीबीजी रामजी योजना लागू करने के लिए शासन ने पहले 2025-2026 के लंबित कार्यों की सूचना मांगी थी। अब 2024-2025 के कार्यों का विवरण भी मांगा गया है। विकास विभाग ने लंबित कार्यों का पूरा विवरण तलब किया है। इसमें आपसी व न्यायिक विवाद, धनाभाव और भुगतान जैसी वजहें शामिल हैं। खंड विकास अधिकारियों को इन रुके हुए कार्यों का विवरण देना होगा। लंबे समय से शुरू होकर पांच फीसदी तक हुए कार्यों को मनरेगा पोर्टल से हटा दिया जाएगा। इन पर खर्च धनराशि सरकारी खाते में जमा कराई जाएगी।
लंबित कार्यों पर कार्रवाई
स्थानीय विवाद वाले मामलों को प्रशासन और पुलिस मिलकर सुलझाएंगे। न्यायिक विवादों पर शासन के निर्देशानुसार निर्णय लिया जाएगा। धनराशि के अभाव में रुके कार्यों के लिए बजट उपलब्ध कराने की तैयारी है। मनरेगा उपायुक्त अजीत कुमार सिंह ने बताया कि लंबित कार्यों का विवरण मिलते ही उन्हें पूरा कराया जाएगा। पांच फीसदी से कम हुए कार्यों की धनराशि सरकारी खाते में जमा होगी।
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वीबीजी रामजी योजना लागू करने के लिए शासन ने पहले 2025-2026 के लंबित कार्यों की सूचना मांगी थी। अब 2024-2025 के कार्यों का विवरण भी मांगा गया है। विकास विभाग ने लंबित कार्यों का पूरा विवरण तलब किया है। इसमें आपसी व न्यायिक विवाद, धनाभाव और भुगतान जैसी वजहें शामिल हैं। खंड विकास अधिकारियों को इन रुके हुए कार्यों का विवरण देना होगा। लंबे समय से शुरू होकर पांच फीसदी तक हुए कार्यों को मनरेगा पोर्टल से हटा दिया जाएगा। इन पर खर्च धनराशि सरकारी खाते में जमा कराई जाएगी।
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लंबित कार्यों पर कार्रवाई
स्थानीय विवाद वाले मामलों को प्रशासन और पुलिस मिलकर सुलझाएंगे। न्यायिक विवादों पर शासन के निर्देशानुसार निर्णय लिया जाएगा। धनराशि के अभाव में रुके कार्यों के लिए बजट उपलब्ध कराने की तैयारी है। मनरेगा उपायुक्त अजीत कुमार सिंह ने बताया कि लंबित कार्यों का विवरण मिलते ही उन्हें पूरा कराया जाएगा। पांच फीसदी से कम हुए कार्यों की धनराशि सरकारी खाते में जमा होगी।