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Sultanpur News: अलीगंज चौकी को अब तक नहीं मिला थाने का दर्जा
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Mon, 16 Mar 2026 11:27 PM IST
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12. पुलिस चौकी अलीगंज। संवाद
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बंधुआकला। नवीन मॉडर्न थाना बंधुआकला बनने के बाद भी अलीगंज क्षेत्र के लोगों की समस्याएं कम नहीं हुईं। पहले मुसाफिरखाना और धम्मौर थाने का चक्कर लगाने वाले ग्रामीणों को अब बंधुआकला थाना जाना पड़ रहा है। दूरदराज के गांवों से थाने तक पहुंचने में फरियादियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अमेठी और सुल्तानपुर जिले की सीमा पर स्थित अलीगंज संवेदनशील इलाका माना जाता है। यहां नौ राजस्व ग्राम सभाओं के करीब 45 पुरवों की लगभग 30 हजार से अधिक आबादी की सुरक्षा अलीगंज पुलिस चौकी के जिम्मे है। क्षेत्रवासियों की लंबे समय से मांग है कि अलीगंज पुलिस चौकी को उच्चीकृत कर थाने का दर्जा दिया जाए। पूर्व सांसद वरुण गांधी ने भी प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर अलीगंज चौकी को थाने का दर्जा देने की अपेक्षा की थी, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। पूर्व सांसद मेनका गांधी के प्रयास से बंधुआकला में नया थाना तो बना, लेकिन अलीगंज क्षेत्र के लोगों को राहत नहीं मिल सकी। स्थानीय निवासी त्रियुगी नारायण और विश्वंभर नाथ का कहना है कि मठा रामपुर से बंधुआकला थाने की दूरी करीब 20 किलोमीटर है। ऊंचगांव, घुसियरिया, टिकरिया, बबुरी और खंडसा जैसे गांवों से भी थाना मुख्यालय काफी दूर पड़ता है। ऐसे में किसी घटना-दुर्घटना के समय थाने तक पहुंचने में ही एक घंटे लग जाते हैं। अलीगंज बाजार में हर बृहस्पतिवार को साप्ताहिक बाजार लगती है। यहां दो राष्ट्रीयकृत बैंक, एक ग्रामीण बैंक, पोस्ट ऑफिस, पशु अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी है। इनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी स्थानीय चौकी पर ही है।
विधायक ने भी उठाई थाना बनाने की मांग
अलीगंज पुलिस चौकी इंचार्ज हरेंद्र सिंह का कहना है कि सीमित संसाधनों के बावजूद क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है। विधायक मोहम्मद ताहिर खान ने भी अलीगंज में नया थाना बनाए जाने की मांग उठाई है।
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अमेठी और सुल्तानपुर जिले की सीमा पर स्थित अलीगंज संवेदनशील इलाका माना जाता है। यहां नौ राजस्व ग्राम सभाओं के करीब 45 पुरवों की लगभग 30 हजार से अधिक आबादी की सुरक्षा अलीगंज पुलिस चौकी के जिम्मे है। क्षेत्रवासियों की लंबे समय से मांग है कि अलीगंज पुलिस चौकी को उच्चीकृत कर थाने का दर्जा दिया जाए। पूर्व सांसद वरुण गांधी ने भी प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर अलीगंज चौकी को थाने का दर्जा देने की अपेक्षा की थी, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। पूर्व सांसद मेनका गांधी के प्रयास से बंधुआकला में नया थाना तो बना, लेकिन अलीगंज क्षेत्र के लोगों को राहत नहीं मिल सकी। स्थानीय निवासी त्रियुगी नारायण और विश्वंभर नाथ का कहना है कि मठा रामपुर से बंधुआकला थाने की दूरी करीब 20 किलोमीटर है। ऊंचगांव, घुसियरिया, टिकरिया, बबुरी और खंडसा जैसे गांवों से भी थाना मुख्यालय काफी दूर पड़ता है। ऐसे में किसी घटना-दुर्घटना के समय थाने तक पहुंचने में ही एक घंटे लग जाते हैं। अलीगंज बाजार में हर बृहस्पतिवार को साप्ताहिक बाजार लगती है। यहां दो राष्ट्रीयकृत बैंक, एक ग्रामीण बैंक, पोस्ट ऑफिस, पशु अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी है। इनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी स्थानीय चौकी पर ही है।
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विधायक ने भी उठाई थाना बनाने की मांग
अलीगंज पुलिस चौकी इंचार्ज हरेंद्र सिंह का कहना है कि सीमित संसाधनों के बावजूद क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है। विधायक मोहम्मद ताहिर खान ने भी अलीगंज में नया थाना बनाए जाने की मांग उठाई है।