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VIDEO: बैलों के सहारे खेती, गंगाराम की अनोखी मिसाल, सादगी और मेहनत से जी रहे आत्मनिर्भर जीवन
विंदेश्वरीगंज,सुल्तानपुर। बुधईपुर मजरे तुलसीपुर निवासी 70 वर्षीय किसान गंगाराम यादव आज भी बैलों से खेती कर पारंपरिक कृषि को जीवित रखे हुए हैं। करीब 17 बीघे में वे धान, गेहूं, चना, सरसों सहित कई फसलें उगाते हैं।
रासायनिक खाद से दूरी बनाकर वे गोबर की देसी खाद का उपयोग करते हैं, जिससे मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है। गंगाराम का कहना है कि बैलों से जोताई करने पर खेत समतल रहता है और सिंचाई में आसानी होती है। सीमित आय के बावजूद वे सादगी और मेहनत से आत्मनिर्भर जीवन जी रहे हैं।
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