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Sultanpur News: विशेष बच्चों के लिए खुलेगा केंद्र, भवन की तलाश शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Fri, 24 Apr 2026 01:02 AM IST
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सुल्तानपुर। जिले में दिव्यांग बच्चों को आत्मनिर्भर और शिक्षित बनाने की दिशा में एक नई पहल शुरू की गई है। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग जल्द ही बचपन डे केयर सेंटर खोलने जा रहा है। इसका उद्देश्य दिव्यांग बच्चों को शुरुआती दौर में ही विशेष शिक्षा देकर तैयार करना है, ताकि वे आगे चलकर सामान्य बच्चों के साथ शिक्षा ग्रहण कर सकें।
इस सेंटर में तीन से सात वर्ष तक के मानसिक, मूकबधिर और अन्य दिव्यांगता वाले बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा। बच्चों को सिखाने के लिए विभाग विशेष रूप से प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति करेगा। अभिभावकों को बच्चों को केंद्र तक लाना और ले जाना होगा, हालांकि जरूरत पड़ने पर विभाग वाहन की व्यवस्था भी करेगा। शासन के निर्देशानुसार, इस केंद्र के लिए कम से कम सात कमरों और दो दिव्यांग-अनुकूल शौचालयों वाले शासकीय भवन की तलाश की जा रही है। विभाग पहले सरकारी भवन को प्राथमिकता दे रहा है। यदि उपयुक्त सरकारी भवन नहीं मिलता है, तो केंद्र को किराये के निजी भवन में संचालित किया जाएगा। भवन चयन की प्रक्रिया पूरी होते ही शिक्षकों की नियुक्ति और बच्चों का पंजीकरण शुरू कर दिया जाएगा। इस सेंटर के खुलने से दिव्यांग बच्चों के मानसिक और शैक्षणिक विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
भवन की तलाश जारी
जिला दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी मुदित श्रीवास्तव ने बताया कि केंद्र के लिए उपयुक्त भवन की तलाश की जा रही है। जैसे ही किराये पर कोई उचित भवन मिल जाएगा, इसकी सूचना निदेशालय को भेज दी जाएगी। इसके बाद केंद्र के संचालन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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इस सेंटर में तीन से सात वर्ष तक के मानसिक, मूकबधिर और अन्य दिव्यांगता वाले बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा। बच्चों को सिखाने के लिए विभाग विशेष रूप से प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति करेगा। अभिभावकों को बच्चों को केंद्र तक लाना और ले जाना होगा, हालांकि जरूरत पड़ने पर विभाग वाहन की व्यवस्था भी करेगा। शासन के निर्देशानुसार, इस केंद्र के लिए कम से कम सात कमरों और दो दिव्यांग-अनुकूल शौचालयों वाले शासकीय भवन की तलाश की जा रही है। विभाग पहले सरकारी भवन को प्राथमिकता दे रहा है। यदि उपयुक्त सरकारी भवन नहीं मिलता है, तो केंद्र को किराये के निजी भवन में संचालित किया जाएगा। भवन चयन की प्रक्रिया पूरी होते ही शिक्षकों की नियुक्ति और बच्चों का पंजीकरण शुरू कर दिया जाएगा। इस सेंटर के खुलने से दिव्यांग बच्चों के मानसिक और शैक्षणिक विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
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भवन की तलाश जारी
जिला दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी मुदित श्रीवास्तव ने बताया कि केंद्र के लिए उपयुक्त भवन की तलाश की जा रही है। जैसे ही किराये पर कोई उचित भवन मिल जाएगा, इसकी सूचना निदेशालय को भेज दी जाएगी। इसके बाद केंद्र के संचालन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

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