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Sultanpur News: खेल-खेल में गणित और भाषा में पारंगत होंगे बच्चे
Tue, 18 Aug 2026 12:29 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Tue, 18 Aug 2026 12:29 AM IST
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सुल्तानपुर। परिषदीय विद्यालयों में अब पढ़ाई सिर्फ किताब-कॉपी तक सीमित नहीं रहेगी। बच्चों को खेल और गतिविधियों के जरिये भाषा और गणित की बुनियादी अवधारणाएं समझाई जाएंगी। इससे जहां विद्यार्थियों में विषयों की समझ विकसित होगी, वहीं कक्षा में उनकी सक्रिय भागीदारी और पढ़ाई के प्रति रुचि भी बढ़ेगी।
जिले में 2065 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें करीब 1.80 लाख विद्यार्थी पढ़ते हैं। बच्चों के शैक्षिक स्तर में सुधार के लिए गतिविधि आधारित शिक्षण पर जोर दिया जा रहा है। खासकर भाषा और गणित में बच्चों की नींव मजबूत करने के लिए शिक्षकों को उनकी सीखने की क्षमता और गति के अनुसार गतिविधियां कराने पर जोर दिया जाएगा।
गणित की पढ़ाई में गिनती, जोड़-घटाव, गुणा-भाग और अन्य अवधारणाओं को खेल, पहेली और अभ्यास के जरिये समझाया जाएगा। इसी तरह भाषा में शब्द पहचानने, पढ़ने, लिखने और बोलने की क्षमता विकसित करने के लिए अलग-अलग गतिविधियां कराई जाएंगी। इससे बच्चों को कठिन लगने वाले विषय भी आसानी से समझ में आएंगे।
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शैक्षिक स्तर में सुधार के लिए ऐसे विद्यार्थियों को चिह्नित किया जाएगा, जिन्हें भाषा और गणित सीखने में परेशानी हो रही है। इन बच्चों के लिए सुधारात्मक शिक्षण कराया जाएगा। शिक्षक उनकी सीखने की क्षमता के अनुसार अतिरिक्त अभ्यास और गतिविधियां कराएंगे, ताकि वे अपनी कक्षा के अपेक्षित शैक्षिक स्तर तक पहुंच सकें।
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कम होगी बच्चों की झिझक
लगातार किताब और कॉपी के माध्यम से पढ़ाने के बजाय बच्चों को गतिविधियों से जोड़ने पर वे चीजों को अधिक आसानी से समझ सकेंगे। खेल और अभ्यास के माध्यम से सीखने से बच्चों की झिझक कम होगी और वे कक्षा में खुलकर भाग लेंगे।
-उपेंद्र गुप्ता, बीएसए
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जिले में 2065 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें करीब 1.80 लाख विद्यार्थी पढ़ते हैं। बच्चों के शैक्षिक स्तर में सुधार के लिए गतिविधि आधारित शिक्षण पर जोर दिया जा रहा है। खासकर भाषा और गणित में बच्चों की नींव मजबूत करने के लिए शिक्षकों को उनकी सीखने की क्षमता और गति के अनुसार गतिविधियां कराने पर जोर दिया जाएगा।
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गणित की पढ़ाई में गिनती, जोड़-घटाव, गुणा-भाग और अन्य अवधारणाओं को खेल, पहेली और अभ्यास के जरिये समझाया जाएगा। इसी तरह भाषा में शब्द पहचानने, पढ़ने, लिखने और बोलने की क्षमता विकसित करने के लिए अलग-अलग गतिविधियां कराई जाएंगी। इससे बच्चों को कठिन लगने वाले विषय भी आसानी से समझ में आएंगे।
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शैक्षिक स्तर में सुधार के लिए ऐसे विद्यार्थियों को चिह्नित किया जाएगा, जिन्हें भाषा और गणित सीखने में परेशानी हो रही है। इन बच्चों के लिए सुधारात्मक शिक्षण कराया जाएगा। शिक्षक उनकी सीखने की क्षमता के अनुसार अतिरिक्त अभ्यास और गतिविधियां कराएंगे, ताकि वे अपनी कक्षा के अपेक्षित शैक्षिक स्तर तक पहुंच सकें।
कम होगी बच्चों की झिझक
लगातार किताब और कॉपी के माध्यम से पढ़ाने के बजाय बच्चों को गतिविधियों से जोड़ने पर वे चीजों को अधिक आसानी से समझ सकेंगे। खेल और अभ्यास के माध्यम से सीखने से बच्चों की झिझक कम होगी और वे कक्षा में खुलकर भाग लेंगे।
-उपेंद्र गुप्ता, बीएसए