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Sultanpur News: फोरलेन की परत-दर-परत जांच, सड़क काटकर 20 नमूने सील
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गोलाघाट-टेढ़ुई निर्माणाधीन फोरलेन।
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सुल्तानपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त रुख के बाद गोलाघाट-टेढ़ुई फोरलेन की गुणवत्ता जांच अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है। पहले निरीक्षण में निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने के बाद बुधवार को लोक निर्माण विभाग की विशेष टीम ने सड़क की परतों को काटकर 20 कोर सैंपल लिए। इन नमूनों की प्रयोगशाला में जांच होगी और रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार अधिकारियों व निर्माण एजेंसी पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे फोरलेन मार्ग में सात जुलाई को मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग अजय कुमार चौहान ने मौके पर गुणवत्ता की जांच कराई थी। प्रारंभिक जांच में निर्माण मानकों में खामियां मिलने पर मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता अरुण कुमार को निलंबित कर दिया गया था। अन्य संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी जारी है।
इसी क्रम में गत बुधवार को अयोध्या मंडल के अधीक्षण अभियंता ओमप्रकाश वर्मा के नेतृत्व में तकनीकी टीम मौके पर पहुंची। टीम ने पूरे फोरलेन के प्रत्येक किलोमीटर में कम से कम तीन स्थानों पर सड़क की कोर कटिंग कर तारकोल और गिट्टी की परतों के 20 नमूने एकत्र किए। सभी नमूनों को सील कर प्रयोगशाला भेजा गया है, जहां उनकी मोटाई, गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुरूप निर्माण की जांच की जाएगी।
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अधीक्षण अभियंता ओमप्रकाश वर्मा ने बताया कि नमूनों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुखाकर परीक्षण किया जाएगा। जांच रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाएगी। बतायाकि रिपोर्ट में यदि कहीं भी निर्माण मानकों से समझौता पाया गया तो संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे फोरलेन मार्ग में सात जुलाई को मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग अजय कुमार चौहान ने मौके पर गुणवत्ता की जांच कराई थी। प्रारंभिक जांच में निर्माण मानकों में खामियां मिलने पर मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता अरुण कुमार को निलंबित कर दिया गया था। अन्य संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी जारी है।
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इसी क्रम में गत बुधवार को अयोध्या मंडल के अधीक्षण अभियंता ओमप्रकाश वर्मा के नेतृत्व में तकनीकी टीम मौके पर पहुंची। टीम ने पूरे फोरलेन के प्रत्येक किलोमीटर में कम से कम तीन स्थानों पर सड़क की कोर कटिंग कर तारकोल और गिट्टी की परतों के 20 नमूने एकत्र किए। सभी नमूनों को सील कर प्रयोगशाला भेजा गया है, जहां उनकी मोटाई, गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुरूप निर्माण की जांच की जाएगी।
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अधीक्षण अभियंता ओमप्रकाश वर्मा ने बताया कि नमूनों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुखाकर परीक्षण किया जाएगा। जांच रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाएगी। बतायाकि रिपोर्ट में यदि कहीं भी निर्माण मानकों से समझौता पाया गया तो संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।