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Sultanpur News: गिरे शटर, लग गए ताले, जांच में खुली लापरवाही की क्लास
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Thu, 25 Jun 2026 12:05 AM IST
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4. शहर के शास्त्रीनगर स्थित एक रिहायशी मकान के प्रथम तल पर बंद कोचिंग सेंटर। -संवाद
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सुल्तानपुर। लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद जिले में भी कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। प्रशासन की सख्ती का असर बुधवार को साफ दिखा। जिन कोचिंग सेंटरों में रोजाना छात्रों की भीड़ रहती थी, वहां बुधवार को सन्नाटा पसरा रहा।
जांच टीम के पहुंचने से पहले ही कई संचालकों ने संस्थानों के शटर गिरा दिए। 25 से अधिक जगहों पर बाहर ताले लटके मिले, लेकिन जांच में बंद दरवाजों के पीछे चल रही लापरवाही की परतें खुलने लगीं। डीएम इंद्रजीत सिंह के निर्देश पर गठित तीन विभागों की संयुक्त टीम ने बुधवार को बस स्टेशन, गोलाघाट, बढ़ैयावीर, सिविल लाइंस, शास्त्रीनगर, विवेकनगर और निरालानगर समेत शहर के कई इलाकों में 35 से अधिक कोचिंग सेंटरों की जांच की। टीम को कई संस्थानों में न फायर एनओसी मिली और न ही आग से बचाव के पुख्ता इंतजाम। कई कोचिंग सेंटर बेसमेंट में चलते मिले, जहां रोशनी और हवा की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। कुछ संस्थानों में आपातकालीन निकास तक नहीं मिला।
रिहायशी भवनों में कोचिंग सेंटर का संचालन : शास्त्रीनगर समेत कई इलाकों में कोचिंग सेंटर रिहायशी भवनों में संचालित होने की जानकारी सामने आई। जांच के समय अधिकांश सेंटर बंद मिले, लेकिन टीम संचालकों और भवनों से जुड़े दस्तावेज जुटाकर रिपोर्ट तैयार कर रही है। जिला अग्निशमन अधिकारी केतन सिंह ने बताया कि अभियान के दूसरे दिन कई कोचिंग सेंटर बंद मिले। जांच लगातार जारी है। सुरक्षा मानकों की रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपी जाएगी।
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जांच टीम के पहुंचने से पहले ही कई संचालकों ने संस्थानों के शटर गिरा दिए। 25 से अधिक जगहों पर बाहर ताले लटके मिले, लेकिन जांच में बंद दरवाजों के पीछे चल रही लापरवाही की परतें खुलने लगीं। डीएम इंद्रजीत सिंह के निर्देश पर गठित तीन विभागों की संयुक्त टीम ने बुधवार को बस स्टेशन, गोलाघाट, बढ़ैयावीर, सिविल लाइंस, शास्त्रीनगर, विवेकनगर और निरालानगर समेत शहर के कई इलाकों में 35 से अधिक कोचिंग सेंटरों की जांच की। टीम को कई संस्थानों में न फायर एनओसी मिली और न ही आग से बचाव के पुख्ता इंतजाम। कई कोचिंग सेंटर बेसमेंट में चलते मिले, जहां रोशनी और हवा की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। कुछ संस्थानों में आपातकालीन निकास तक नहीं मिला।
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रिहायशी भवनों में कोचिंग सेंटर का संचालन : शास्त्रीनगर समेत कई इलाकों में कोचिंग सेंटर रिहायशी भवनों में संचालित होने की जानकारी सामने आई। जांच के समय अधिकांश सेंटर बंद मिले, लेकिन टीम संचालकों और भवनों से जुड़े दस्तावेज जुटाकर रिपोर्ट तैयार कर रही है। जिला अग्निशमन अधिकारी केतन सिंह ने बताया कि अभियान के दूसरे दिन कई कोचिंग सेंटर बंद मिले। जांच लगातार जारी है। सुरक्षा मानकों की रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपी जाएगी।