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Sultanpur News: शहरियों के लिए बनी टंकी से अभी तक जलापूर्ति नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Thu, 12 Mar 2026 11:59 PM IST
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शहर के जलकल परिसर स्थित पानी की टंकी। स्रोत- जल निगम
- फोटो : अमर उजाला/संवाद
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सुल्तानपुर। शहर में अमृत योजना के तहत निर्बाध जलापूर्ति के लिए जल निगम ने दीवानी न्यायालय के पास स्थित जलकल परिसर में पानी की टंकी बनाकर पाइपलाइन का विस्तार किया गया। लगभग सात साल बाद भी पानी की टंकी से जलापूर्ति नहीं हो सकी।
शहर में अमृत योजना प्रोजेक्ट की शुरुआत जल निगम ने 2019 में हुई थी। जल निगम ने शहर को पांच जोन में बांटकर 38 करोड़ रुपये की लागत से शहर के पेयजल योजना के तहत ओवरहेड टैंक का निर्माण व पाइप लाइन का विस्तार किया। इसी के अंतर्गत दीवानी न्यायालय के निकट 1700 किलोलीटर क्षमता की पानी की टंकी स्थापित की गई। यहां से सीताकुंड, सिविल लाइंस, बस स्टेशन, गंदानाला, गोलाघाट, बढ़ैयावीर, लाल डिग्गी व अन्य स्थानों पर करीब 50 हजार की आबादी कोे निर्बाध जलापूर्ति दी जानी थी।
विभागीय अधिकारियों की लापरवाही से ओवरहेड टैंक का संचालन नहीं कराया जा सका है। जलापूर्ति के लिए स्थापित इस टंकी को जल निगम ने अभी तक नगर पालिका को हस्तांतरित भी नहीं किया है।
वाटर सप्लाई की टेस्टिंग का कार्य
नई पाइप लाइन के विस्तार के बाद लीकेज की समस्या को दूर करने में समय लग गया। वाटर सप्लाई की टेस्टिंग चल रही है। यह कार्य पूरा होते ही निर्बाध जलापूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित हो सकेगी।
- नीरज कुमार, अधिशासी अभियंता, जल निगम, शहरी
नलकूपों से की जा रही जलापूर्ति
अभी जल निगम ने पानी की टंकी को नगर पालिका को हैंडओवर नहीं किया है। पेयजल की समस्या को देखते हुए नगर पालिका ने नए नलकूपों की स्थापना कराई है। नलकूपों के माध्यम से जलापूर्ति की व्यवस्था की जा रही है।
- लाल चंद्र सरोज, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका
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शहर में अमृत योजना प्रोजेक्ट की शुरुआत जल निगम ने 2019 में हुई थी। जल निगम ने शहर को पांच जोन में बांटकर 38 करोड़ रुपये की लागत से शहर के पेयजल योजना के तहत ओवरहेड टैंक का निर्माण व पाइप लाइन का विस्तार किया। इसी के अंतर्गत दीवानी न्यायालय के निकट 1700 किलोलीटर क्षमता की पानी की टंकी स्थापित की गई। यहां से सीताकुंड, सिविल लाइंस, बस स्टेशन, गंदानाला, गोलाघाट, बढ़ैयावीर, लाल डिग्गी व अन्य स्थानों पर करीब 50 हजार की आबादी कोे निर्बाध जलापूर्ति दी जानी थी।
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विभागीय अधिकारियों की लापरवाही से ओवरहेड टैंक का संचालन नहीं कराया जा सका है। जलापूर्ति के लिए स्थापित इस टंकी को जल निगम ने अभी तक नगर पालिका को हस्तांतरित भी नहीं किया है।
वाटर सप्लाई की टेस्टिंग का कार्य
नई पाइप लाइन के विस्तार के बाद लीकेज की समस्या को दूर करने में समय लग गया। वाटर सप्लाई की टेस्टिंग चल रही है। यह कार्य पूरा होते ही निर्बाध जलापूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित हो सकेगी।
- नीरज कुमार, अधिशासी अभियंता, जल निगम, शहरी
नलकूपों से की जा रही जलापूर्ति
अभी जल निगम ने पानी की टंकी को नगर पालिका को हैंडओवर नहीं किया है। पेयजल की समस्या को देखते हुए नगर पालिका ने नए नलकूपों की स्थापना कराई है। नलकूपों के माध्यम से जलापूर्ति की व्यवस्था की जा रही है।
- लाल चंद्र सरोज, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका