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Sultanpur News: एक साथ उठीं तीन अर्थियां, नम हुईं आंखें
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Thu, 18 Jun 2026 12:13 AM IST
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शहर के शास्त्री नगर में लगी लोगों की भीड़। स्रोत- सोशल मीडिया
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सुल्तानपुर। लखीमपुर के मैगलगंज के पास सोमवार देर रात हुए भीषण सड़क हादसे में जान गंवाने वाले शहर के शास्त्रीनगर निवासी सिंचाई विभाग के लिपिक विमल सिंह पटेल, उनकी पत्नी वंदना पटेल और भांजी अलिख्या वर्मा का अंतिम संस्कार बुधवार को किया गया।
एक साथ तीन अर्थियां उठीं तो परिजनों के साथ मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। शहर के हथियानाला स्थित श्मशान घाट पर तीनों का अंतिम संस्कार किया गया।
मंगलवार की देर रात पोस्टमार्टम के बाद तीनों के शव लखीमपुर से सुल्तानपुर स्थित उनके आवास पहुंचे। परिजनों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग भी भावुक हो उठे। बुधवार सुबह घर से अंतिम यात्रा निकाली गई। इसमें मोहल्ले के लोगों, रिश्तेदारों और बड़ी संख्या में सिंचाई विभाग के कर्मचारी शामिल हुए। श्मशान घाट पर विमल सिंह पटेल और उनकी पत्नी वंदना पटेल की चिता को विमल के बड़े पिता के पुत्र राजू वर्मा ने मुखाग्नि दी, जबकि अलिख्या वर्मा की चिता को उनके पिता, दोस्तपुर के रायपुर निवासी संतोष वर्मा ने मुखाग्नि दी।
उधर, हादसे में घायल विमल सिंह पटेल की पुत्री भूमि पटेल (14) और पुत्र वीर पटेल (12) का इलाज लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है। दोनों बच्चों का मंगलवार को चिकित्सकों ने ऑपरेशन किया। उनकी गंभीर हालत ने परिजनों की चिंता बढ़ा दी है।
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अंतिम संस्कार में सिंचाई विभाग खंड-16 के अधिशासी अभियंता शरद कुमार, शैलेश सिंह, कैलाश वर्मा, अरविंद यादव, रितेश दुबे, आशीष श्रीवास्तव, संजीव वर्मा, जितेंद्र वर्मा सहित अन्य कर्मचारी व शहर के गणमान्य लोग मौजूद रहे।
एक साथ तीन अर्थियां उठीं तो परिजनों के साथ मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। शहर के हथियानाला स्थित श्मशान घाट पर तीनों का अंतिम संस्कार किया गया।
मंगलवार की देर रात पोस्टमार्टम के बाद तीनों के शव लखीमपुर से सुल्तानपुर स्थित उनके आवास पहुंचे। परिजनों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग भी भावुक हो उठे। बुधवार सुबह घर से अंतिम यात्रा निकाली गई। इसमें मोहल्ले के लोगों, रिश्तेदारों और बड़ी संख्या में सिंचाई विभाग के कर्मचारी शामिल हुए। श्मशान घाट पर विमल सिंह पटेल और उनकी पत्नी वंदना पटेल की चिता को विमल के बड़े पिता के पुत्र राजू वर्मा ने मुखाग्नि दी, जबकि अलिख्या वर्मा की चिता को उनके पिता, दोस्तपुर के रायपुर निवासी संतोष वर्मा ने मुखाग्नि दी।
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उधर, हादसे में घायल विमल सिंह पटेल की पुत्री भूमि पटेल (14) और पुत्र वीर पटेल (12) का इलाज लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है। दोनों बच्चों का मंगलवार को चिकित्सकों ने ऑपरेशन किया। उनकी गंभीर हालत ने परिजनों की चिंता बढ़ा दी है।
अंतिम संस्कार में सिंचाई विभाग खंड-16 के अधिशासी अभियंता शरद कुमार, शैलेश सिंह, कैलाश वर्मा, अरविंद यादव, रितेश दुबे, आशीष श्रीवास्तव, संजीव वर्मा, जितेंद्र वर्मा सहित अन्य कर्मचारी व शहर के गणमान्य लोग मौजूद रहे।