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Sultanpur News: चिकित्सक घनश्याम तिवारी हत्याकांड में दो आरोपी दोषी करार
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Thu, 19 Mar 2026 12:07 AM IST
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सुल्तानपुर। चिकित्सक घनश्याम तिवारी हत्याकांड से जुड़े मामले में बुधवार को एडीजे प्रथम संध्या चौधरी की अदालत ने अपना फैसला सुनाया। अदालत ने इस मामले में आरोपी अजय नारायण सिंह और ड्राइवर दीपक सिंह को हत्या सहित अन्य धाराओं में दोषी करार दिया। सजा पर सुनवाई के लिए 24 मार्च की तारीख तय करते हुए दोषियों को जेल भेजने का आदेश दिया है।
कोतवाली नगर के शास्त्री नगर निवासी निशा तिवारी ने 23 सितंबर 2023 की घटना बताते हुए अपने पति डॉ. घनश्याम तिवारी की हत्या के आरोप में स्थानीय कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उनके अनुसार 23 सितंबर की शाम को नरायनपुर के जगदीश नारायण सिंह ने उन्हें अपने घर बुलाया था। वहां पैसे के विवाद में जगदीश नारायण सिंह, उनके पुत्र अजय नारायण सिंह, भतीजे विजय नारायण सिंह व ड्राइवर दीपक सिंह ने उन्हें पीटकर घायल कर दिया था।
वादिनी के मुताबिक उनके पति घायलावस्था में ई रिक्शा से घर पहुंचे। घटना में आई चोट से घनश्याम तिवारी की उसी दिन मौत हो गई। पुलिस ने विवेचना पूरी कर आरोप पत्र भी कोर्ट में पेश किया था। आरोपी जगदीश नारायण सिंह व विजय नारायण सिंह की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है। नारायणपुर निवासी आरोपी अजय नारायण सिंह व धनपतगंज थाने के मायंग निवासी आरोपी ड्राइवर दीपक सिंह के खिलाफ ट्रायल जारी रहा। मामले में कुल आठ गवाहों को पेश किया। सात मार्च को अदालत ने बहस सुनकर पत्रावली आदेश के लिए सुरक्षित कर लिया था।
दो बिस्वा जमीन के पैसे के लेनदेन में हुई थी हत्या
सुल्तानपुर। लंभुआ कोतवाली के सखौली कला गांव के डाॅ. घनश्याम तिवारी जयसिंहपुर सीएचसी में संविदा चिकित्सक थे। पत्नी निशा तिवारी का आरोप है कि पति डॉ. घनश्याम ने शास्त्रीनगर में सरस्वती विद्यामंदिर के पीछे दो बिस्वा भूमि अजय नारायण सिंह के पिता जगदीश नारायण सिंह से खरीदी थी। पहले एक बिस्वा जमीन के लिए 25 लाख रुपये दिए थे, फिर दूसरे बिस्वा के लिए भी 25 लाख दिए थे। इसके बाद भी उन्हें कब्जा नहीं दिया गया था। आरोपियों ने एक लाख रुपये और मांगे थे, जो दे दिए गए थे। उनसे ढाई लाख रुपये की मांग हो रही थी। निशा के मुताबिक 23 सितंबर 2023 को शाम करीब साढ़े सात बजे उनके पति घायल अवस्था में घर पहुंचे थे। वह केवल इतना बोल पाए कि उन्हें अजय नारायण सिंह ने मारा है।
मासूम बेटे तत्सत ने दी थी गवाही
चिकित्सक हत्याकांड में अभियोजन पक्ष ने कुल आठ गवाहों को पेश किया था। मृतक की पत्नी व वादिनी निशा तिवारी, वादिनी की बहन शांती पांडेय व वादिनी के नौ साल के पुत्र तत्सत को पेश कराया गया। प्रारंभिक विवेचना करने वाले तत्कालीन नगर कोतवाल राम आशीष उपाध्याय व उनके हटने पर विवेचना पूरी कर चार्जशीट पेश करने वाले तत्कालीन कोतवाल श्रीराम पांडेय, एफआईआर लेखक स्नेह कुमार, पंचायत नामा के गवाह एसआई नियाजी हुसैन व पोस्टमार्टम के गवाह डाॅ. दिनेश चंद्र यादव को पेश किया। उनकी गवाही से घटना को साबित करने में अभियोजन पक्ष को सफलता मिली।
अजय नारायण पर 11 आपराधिक मामले
हत्याकांड में अभियोजन पक्ष से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता ने वर्ष 2002 से 2023 के बीच आरोपी अजय नारायण सिंह के 11 आपराधिक इतिहास का ब्योरा अदालत में पेश किया। अभियोजन पक्ष ने अजय नारायण के शुरू से ही आचरण को आपराधिक प्रवृत्ति का बताते हुए उसके प्रति किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरतने लायक बताया। सामने आई क्रिमिनल हिस्ट्री में अजय नारायण सिंह के खिलाफ मारपीट, रंगदारी, गैंगस्टर, हत्या, आपराधिक साजिश सहित अन्य मामले शामिल है। (संवाद)
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कोतवाली नगर के शास्त्री नगर निवासी निशा तिवारी ने 23 सितंबर 2023 की घटना बताते हुए अपने पति डॉ. घनश्याम तिवारी की हत्या के आरोप में स्थानीय कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उनके अनुसार 23 सितंबर की शाम को नरायनपुर के जगदीश नारायण सिंह ने उन्हें अपने घर बुलाया था। वहां पैसे के विवाद में जगदीश नारायण सिंह, उनके पुत्र अजय नारायण सिंह, भतीजे विजय नारायण सिंह व ड्राइवर दीपक सिंह ने उन्हें पीटकर घायल कर दिया था।
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वादिनी के मुताबिक उनके पति घायलावस्था में ई रिक्शा से घर पहुंचे। घटना में आई चोट से घनश्याम तिवारी की उसी दिन मौत हो गई। पुलिस ने विवेचना पूरी कर आरोप पत्र भी कोर्ट में पेश किया था। आरोपी जगदीश नारायण सिंह व विजय नारायण सिंह की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है। नारायणपुर निवासी आरोपी अजय नारायण सिंह व धनपतगंज थाने के मायंग निवासी आरोपी ड्राइवर दीपक सिंह के खिलाफ ट्रायल जारी रहा। मामले में कुल आठ गवाहों को पेश किया। सात मार्च को अदालत ने बहस सुनकर पत्रावली आदेश के लिए सुरक्षित कर लिया था।
दो बिस्वा जमीन के पैसे के लेनदेन में हुई थी हत्या
सुल्तानपुर। लंभुआ कोतवाली के सखौली कला गांव के डाॅ. घनश्याम तिवारी जयसिंहपुर सीएचसी में संविदा चिकित्सक थे। पत्नी निशा तिवारी का आरोप है कि पति डॉ. घनश्याम ने शास्त्रीनगर में सरस्वती विद्यामंदिर के पीछे दो बिस्वा भूमि अजय नारायण सिंह के पिता जगदीश नारायण सिंह से खरीदी थी। पहले एक बिस्वा जमीन के लिए 25 लाख रुपये दिए थे, फिर दूसरे बिस्वा के लिए भी 25 लाख दिए थे। इसके बाद भी उन्हें कब्जा नहीं दिया गया था। आरोपियों ने एक लाख रुपये और मांगे थे, जो दे दिए गए थे। उनसे ढाई लाख रुपये की मांग हो रही थी। निशा के मुताबिक 23 सितंबर 2023 को शाम करीब साढ़े सात बजे उनके पति घायल अवस्था में घर पहुंचे थे। वह केवल इतना बोल पाए कि उन्हें अजय नारायण सिंह ने मारा है।
मासूम बेटे तत्सत ने दी थी गवाही
चिकित्सक हत्याकांड में अभियोजन पक्ष ने कुल आठ गवाहों को पेश किया था। मृतक की पत्नी व वादिनी निशा तिवारी, वादिनी की बहन शांती पांडेय व वादिनी के नौ साल के पुत्र तत्सत को पेश कराया गया। प्रारंभिक विवेचना करने वाले तत्कालीन नगर कोतवाल राम आशीष उपाध्याय व उनके हटने पर विवेचना पूरी कर चार्जशीट पेश करने वाले तत्कालीन कोतवाल श्रीराम पांडेय, एफआईआर लेखक स्नेह कुमार, पंचायत नामा के गवाह एसआई नियाजी हुसैन व पोस्टमार्टम के गवाह डाॅ. दिनेश चंद्र यादव को पेश किया। उनकी गवाही से घटना को साबित करने में अभियोजन पक्ष को सफलता मिली।
अजय नारायण पर 11 आपराधिक मामले
हत्याकांड में अभियोजन पक्ष से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता ने वर्ष 2002 से 2023 के बीच आरोपी अजय नारायण सिंह के 11 आपराधिक इतिहास का ब्योरा अदालत में पेश किया। अभियोजन पक्ष ने अजय नारायण के शुरू से ही आचरण को आपराधिक प्रवृत्ति का बताते हुए उसके प्रति किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरतने लायक बताया। सामने आई क्रिमिनल हिस्ट्री में अजय नारायण सिंह के खिलाफ मारपीट, रंगदारी, गैंगस्टर, हत्या, आपराधिक साजिश सहित अन्य मामले शामिल है। (संवाद)