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खेल में मेडल जीतें, कॅरिअर बनाएं और पाएं नौकरी : राजेश सोनकर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Tue, 23 Jun 2026 01:28 AM IST
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पंत स्पोर्ट्स स्टेडियम में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में मौजूद बालि
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सुल्तानपुर। खेलों में बेहतर प्रदर्शन कर बेटियां न सिर्फ देश-प्रदेश का नाम रोशन कर सकती हैं, बल्कि मेडल के दम पर सरकारी नौकरी के अवसर भी हासिल कर सकती हैं। सोमवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से शहर के पंत स्पोर्ट्स स्टेडियम के बहुउद्देशीय हॉल में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में बालिकाओं को खेल के क्षेत्र में कॅरिअर की संभावनाओं और आत्मरक्षा के गुर सिखाए गए।
कार्यक्रम में जिला क्रीड़ा अधिकारी राजेश कुमार सोनकर ने कहा कि खेलकूद से बेटियों का आत्मविश्वास बढ़ता है और वे हर चुनौती का मजबूती से सामना करने के लिए तैयार होती हैं। उन्होंने कहा कि अब बेटियां घर की सीमाओं से बाहर निकलकर हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं।
खेल के क्षेत्र में भी बेटियों ने देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने बालिकाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि रेलवे, पुलिस समेत कई विभागों में खिलाड़ियों के लिए बेहतर अवसर हैं। मेहनत और लगन से खेल में उपलब्धि हासिल करिए, मेडल जीतिए और नौकरी के रास्ते खोलिए।
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उन्होंने कहा कि सतर्कता, आत्मविश्वास और सही समय पर लिया गया निर्णय किसी भी परेशानी से बचाने में मदद करता है।
प्रशिक्षण सत्र में एथलेटिक्स कोच आशा ने बालिकाओं को आत्मरक्षा के व्यावहारिक तरीके बताए। उन्होंने पीछे से पकड़ने, मुंह दबाने और बाल खींचने जैसी परिस्थितियों से बचने के उपायों का अभ्यास कराया।
कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें विषम परिस्थितियों में खुद की सुरक्षा के लिए सक्षम बनाना रहा। इस मौके पर स्टेडियम कोच प्रदीप यादव, आनंद श्रीवास्तव, कार्यालय सहायक फायजा व मुनेंद्र मिश्रा समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम में जिला क्रीड़ा अधिकारी राजेश कुमार सोनकर ने कहा कि खेलकूद से बेटियों का आत्मविश्वास बढ़ता है और वे हर चुनौती का मजबूती से सामना करने के लिए तैयार होती हैं। उन्होंने कहा कि अब बेटियां घर की सीमाओं से बाहर निकलकर हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं।
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खेल के क्षेत्र में भी बेटियों ने देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने बालिकाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि रेलवे, पुलिस समेत कई विभागों में खिलाड़ियों के लिए बेहतर अवसर हैं। मेहनत और लगन से खेल में उपलब्धि हासिल करिए, मेडल जीतिए और नौकरी के रास्ते खोलिए।
उन्होंने कहा कि सतर्कता, आत्मविश्वास और सही समय पर लिया गया निर्णय किसी भी परेशानी से बचाने में मदद करता है।
प्रशिक्षण सत्र में एथलेटिक्स कोच आशा ने बालिकाओं को आत्मरक्षा के व्यावहारिक तरीके बताए। उन्होंने पीछे से पकड़ने, मुंह दबाने और बाल खींचने जैसी परिस्थितियों से बचने के उपायों का अभ्यास कराया।
कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें विषम परिस्थितियों में खुद की सुरक्षा के लिए सक्षम बनाना रहा। इस मौके पर स्टेडियम कोच प्रदीप यादव, आनंद श्रीवास्तव, कार्यालय सहायक फायजा व मुनेंद्र मिश्रा समेत अन्य लोग मौजूद रहे।