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Unnao News: 22 हजार हेक्टेयर की फसल बर्बादी पर 3.53 करोड़ का मरहम
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
Updated Mon, 04 May 2026 12:39 AM IST
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उन्नाव। अप्रैल माह में बेमौसम की बारिश व ओलावृष्टि से करीब 22 हजार हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई है। इसके चलते प्रभावित हुए 4,613 किसानों को फसल नुकसान की भरपाई के लिए शासन ने 3.53 करोड़ का मुआवजा जारी किया है। प्रशासन ने प्रभावित किसानों के खातों में मुआवजा राशि भेजने की कवायद शुरू कर दी है।
जिले में दो से सात अप्रैल के बीच आंधी, बारिश व ओलावृष्टि हुई थी। इस दौरान रबी की प्रमुख गेहूं, सरसों, मक्का, उड़द, मूंग, आम, तरोई, कद्दू, लौकी, टमाटर, करेला, खीरा, ककड़ी और बैंगन आदि फसलों को नुकसान पहुंचा था। जिला प्रशासन ने राजस्व व कृषि विभाग के कर्मचारियों को लगाकर क्षेत्रों में सर्वे कराया था। इस दौरान कर्मचारियों ने सर्वे के बाद जो रिपोर्ट दी, उसमें बांगरमऊ, हसनगंज व सफीपुर तहसील क्षेत्र में ही ज्यादा फसल नुकसान का आकलन करते हुए मुआवजे की संस्तुति की। प्रशासन ने रिपोर्ट शासन को भेजी। इसके आधार पर प्रदेश सरकार ने 3.53 करोड़ का मुआवजा स्वीकृत करते हुए धनराशि जारी कर दी। मुआवजा धनराशि मिलते ही प्रशासन ने इसे प्रभावित किसानों के खातों में भेजना शुरू कर दिया है।
बांगरमऊ क्षेत्र के किसान ज्यादा प्रभावित
बारिश व ओलावृष्टि की प्राकृतिक आपदा से सबसे ज्यादा नुकसान बांगरमऊ तहसील क्षेत्र में हुआ। यहां पर 2240 किसानों की फसलें प्रभावित हुईं। दूसरे नंबर पर हसनगंज तहसील क्षेत्र रहा। यहां पर प्रभावित किसानों की संख्या 1712 रही। सफीपुर में सबसे कम 661 किसानों की फसल को नुकसान पहुंचा। इनको ही मुआवजा के लिए चिह्नित करके धनराशि भेजी जा रही है।
दावा, किसी भी किसान को दो हजार से कम नहीं
मुआवजा देने में एक हेक्टेयर में अधिकतम 15 हजार रुपये की धनराशि तय की गई है। वहीं दो हेक्टेयर तक के किसानों को ही अभी मुआवजा देने के लिए चिह्नित किया गया है। बताया जाता है कि मुआवजे में प्रत्येक किसान को दो हजार रुपये से कम नहीं दिया गया है। यदि किसी का फसल नुकसान एक हजार या पांच सौ रुपये ही बना है, फिर भी उसे कम से कम दो हजार रुपये बतौर मुआवजा के दिए जा रहे हैं।
यह गांव हुए थे प्रभावित
-सफीपुर के गांव कुरसठ, बारी थाना, पेसारी, टिकाना, चौधरीखेड़ा, गौरियाकला, मियागंज, कादिरपुर, कुल्हा अटौरा, बीरूगढ़ी, मुशीराबाद, मुरव्वतपुर, मुजफ्फरपुर सर्रा, खानपुर पीर अली व खैरनपुर गवासा आदि।
-हसनगंज के धीरखेड़ा, संदाना, झलोतर, लखनापुर, नवई, कोड़रा व लखौरा आदि।
-बांगरमऊ के सुल्तानपुर, बरौंकी, हसनापुर, महमदाबाद, कलवारी, चहोलिया, ब्योली-इस्लामाबाद, मटुकरी, आशायस, रानीपुर ग्रांट, हैबतपुर आदि।
फसल नुकसान के मुआवजे के रूप में 3.53 करोड़ रुपये शासन से मिले हैं। जनपद में ज्यादा नुकसान नहीं हुआ था। इसलिए उसी अनुसार भरपाई के लिए पैसा मिला है। इसे किसानों के खातों में भेजने की कवायद शुरू कर दी गई है। जैसे-जैसे किसानों की ऑनलाइन फीडिंग होती जाएगी, वैसे-वैसे मुआवजा पहुंचता जाएगा।
सुशील कुमार गोंड, एडीएम (वित्त/राजस्व)।
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जिले में दो से सात अप्रैल के बीच आंधी, बारिश व ओलावृष्टि हुई थी। इस दौरान रबी की प्रमुख गेहूं, सरसों, मक्का, उड़द, मूंग, आम, तरोई, कद्दू, लौकी, टमाटर, करेला, खीरा, ककड़ी और बैंगन आदि फसलों को नुकसान पहुंचा था। जिला प्रशासन ने राजस्व व कृषि विभाग के कर्मचारियों को लगाकर क्षेत्रों में सर्वे कराया था। इस दौरान कर्मचारियों ने सर्वे के बाद जो रिपोर्ट दी, उसमें बांगरमऊ, हसनगंज व सफीपुर तहसील क्षेत्र में ही ज्यादा फसल नुकसान का आकलन करते हुए मुआवजे की संस्तुति की। प्रशासन ने रिपोर्ट शासन को भेजी। इसके आधार पर प्रदेश सरकार ने 3.53 करोड़ का मुआवजा स्वीकृत करते हुए धनराशि जारी कर दी। मुआवजा धनराशि मिलते ही प्रशासन ने इसे प्रभावित किसानों के खातों में भेजना शुरू कर दिया है।
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बांगरमऊ क्षेत्र के किसान ज्यादा प्रभावित
बारिश व ओलावृष्टि की प्राकृतिक आपदा से सबसे ज्यादा नुकसान बांगरमऊ तहसील क्षेत्र में हुआ। यहां पर 2240 किसानों की फसलें प्रभावित हुईं। दूसरे नंबर पर हसनगंज तहसील क्षेत्र रहा। यहां पर प्रभावित किसानों की संख्या 1712 रही। सफीपुर में सबसे कम 661 किसानों की फसल को नुकसान पहुंचा। इनको ही मुआवजा के लिए चिह्नित करके धनराशि भेजी जा रही है।
दावा, किसी भी किसान को दो हजार से कम नहीं
मुआवजा देने में एक हेक्टेयर में अधिकतम 15 हजार रुपये की धनराशि तय की गई है। वहीं दो हेक्टेयर तक के किसानों को ही अभी मुआवजा देने के लिए चिह्नित किया गया है। बताया जाता है कि मुआवजे में प्रत्येक किसान को दो हजार रुपये से कम नहीं दिया गया है। यदि किसी का फसल नुकसान एक हजार या पांच सौ रुपये ही बना है, फिर भी उसे कम से कम दो हजार रुपये बतौर मुआवजा के दिए जा रहे हैं।
यह गांव हुए थे प्रभावित
-सफीपुर के गांव कुरसठ, बारी थाना, पेसारी, टिकाना, चौधरीखेड़ा, गौरियाकला, मियागंज, कादिरपुर, कुल्हा अटौरा, बीरूगढ़ी, मुशीराबाद, मुरव्वतपुर, मुजफ्फरपुर सर्रा, खानपुर पीर अली व खैरनपुर गवासा आदि।
-हसनगंज के धीरखेड़ा, संदाना, झलोतर, लखनापुर, नवई, कोड़रा व लखौरा आदि।
-बांगरमऊ के सुल्तानपुर, बरौंकी, हसनापुर, महमदाबाद, कलवारी, चहोलिया, ब्योली-इस्लामाबाद, मटुकरी, आशायस, रानीपुर ग्रांट, हैबतपुर आदि।
फसल नुकसान के मुआवजे के रूप में 3.53 करोड़ रुपये शासन से मिले हैं। जनपद में ज्यादा नुकसान नहीं हुआ था। इसलिए उसी अनुसार भरपाई के लिए पैसा मिला है। इसे किसानों के खातों में भेजने की कवायद शुरू कर दी गई है। जैसे-जैसे किसानों की ऑनलाइन फीडिंग होती जाएगी, वैसे-वैसे मुआवजा पहुंचता जाएगा।
सुशील कुमार गोंड, एडीएम (वित्त/राजस्व)।
