चकलवंशी। कानपुर-बालामऊ रेलमार्ग पर बना अंडरपास स्थानीय ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। अंडरपास में बरसात के पानी से सूखने से पहले ही नहर का पानी भरने से राहगीर परेशान हैं। यहां से चार पहिया वाहन तो किसी तरह निकल जा रहे है लेकिन बाइक और साइकिल सवारों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। मुरादाबाद रेल प्रबंधक विनीता श्रीवास्तव ने बताया कि जांच कराकर समस्या को दूर कराया जाएगा।
पांच साल पहले रेलवे ने बालामऊ-कानपुर रेल मार्ग पर फाटक संख्या 11सी पर अंडरपास का निर्माण शुरू कराया था। अंडरपास से पानी निकालने की कोई उचित व्यवस्था नहीं की गई थी। छह माह पूर्व इसे आवागमन के लिए खोल दिया गया था। इस अंडरपास से कोरारीखुर्द, कोरारी कला, रनागढ़ी, पारा, चेतानखेड़ा सहित लगभग 10 हजार की आबादी वाले कई गांवों के लोग आवागमन करते हैं। यह मार्ग हरदोई-उन्नाव मार्ग से जुड़ता है।
गांव के रामलखन, रमेश सिंह, राधेश्याम, कमलेश, कैलाश, सीताराम, छंगा, राम कृष्ण आदि लोगों ने बताया कि रेलवे पटरी के दोनों ओर ग्राम पंचायत कोरारीकला के गांव है। पंचायत भवन व जिला मुख्यालय आने जाने का यही एक मात्र रास्ता है। पास से निकली नहर का पानी ओवरफ्लो होने से अंडरपास में भर गया है।