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Unnao News: सफीपुर की रूपपुर चंदेला पीएचसी में नहीं पहुंचीं डॉक्टर, चीफ फार्मासिस्ट ने देखे मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
Updated Mon, 04 May 2026 12:20 AM IST
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उन्नाव। जिले के 42 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में रविवार को मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का आयोजन हुआ। इस दौरान पहुंचने वाले मरीजों में ज्यादातर संख्या मौसम से संबंधित बीमारियों से पीड़ित लोगों की रही। सफीपुर की रूपपुर चंदेला पीएचसी में डाॅक्टर के न पहुंचने पर फार्मासिस्ट ने मेले में पहुंचे मरीजों का उपचार किया।
सफीपुर की रूपपुर चंदेला पीएचसी में प्रशिक्षु डाॅ. नंदनी नहीं पहुंची। ऐसे में चीफ फार्मासिस्ट ओम नारायण द्विवेदी ने यहां पहुंचे कुल 69 मरीजों का उपचार कर उन्हें दवाएं दी। बरीखेड़ा पीएचसी में डाॅ. जकरिया ने 62 मरीजों का उपचार किया। सकहन राजपूतान पीएचसी में कुल 58 मरीज पहुंचे। जिन्हें डॉ. रिम्मी जायसवाल ने देखा और आवश्यक दवाएं दी।
अधीक्षक डाॅ. रामसहोदर ने बताया कि रूपपुर चंदेला में नियुक्त डाॅ. नंदनी को नोटिस जारी कर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी गई है।
बिछिया की पड़रीकला पीएचसी में आरोग्य मेले में डॉ. रवि कुमार ने 69 मरीजों का उपचार किया। वहीं, आयुष विभाग के डॉ. गुरु प्रसाद ने 40 मरीज देखे। डॉ. रवि कुमार ने बताया कि मौसम के चलते डायरिया का प्रकोप बढ़ रहा है। उन्होंने छह माह तक के बच्चों को सिर्फ मां का ही दूध पिलाने की सलाह दी। साथ ही डायरिया की दशा में नियमित अंतरात में ओआरएस का घोल पिलाते रहने की बात कही।
पाटन की सुमेरपुर पीएचसी में रविवार को आयोजित आरोग्य मेले में कुल 30 मरीज पहुंचे। जिनमें से अधिकतर मरीज बुखार से संबंधित रहे। पीएचसी प्रभारी डाॅ. नरेंद्र कृष्णा ने बताया कि गर्मी के मौसम में डायरिया और डिहाईड्रेशन के मरीजों की संख्या बढ़ी है।
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चमियानी पीएचसी का इन्वर्टर खराब, गर्मी में पसीना बहाते हुए मिला उपचार
पुरवा के तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आरोग्य मेले में 75 मरीज देखे गए। पासाखेड़ा पीएचसी में डॉ. स्वाती गुप्ता ने 30 मरीजों को देखा। जिनमें आयुष, मो. अनीस, पवन बुखार से ग्रसित मिले। लैब सहायक अमित कुमार ने मलेरिया, हिमोग्लोबिन, शुगर व बलगम की कुल 13 जांचें की। यहां दो इन्वर्टर में एक खराब है। ऐसे में मरीजों को पसीना बहाकर उपचार मिला। गढ़ाकोला पीएचसी में डाॅ. चारु जैन ने 21 मरीजों का उपचार किया। चमियानी पीएचसी में डाॅ. राजलक्ष्मी दोहरे ने 24 मरीज देखे। यहां लगा इन्वर्टर खराब पड़ा है। बिजली न आने पर यहां डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मी भीषण गर्मी में पसीना बहाते हुए मरीजों का उपचार करते नजर आए।
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सफीपुर की रूपपुर चंदेला पीएचसी में प्रशिक्षु डाॅ. नंदनी नहीं पहुंची। ऐसे में चीफ फार्मासिस्ट ओम नारायण द्विवेदी ने यहां पहुंचे कुल 69 मरीजों का उपचार कर उन्हें दवाएं दी। बरीखेड़ा पीएचसी में डाॅ. जकरिया ने 62 मरीजों का उपचार किया। सकहन राजपूतान पीएचसी में कुल 58 मरीज पहुंचे। जिन्हें डॉ. रिम्मी जायसवाल ने देखा और आवश्यक दवाएं दी।
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अधीक्षक डाॅ. रामसहोदर ने बताया कि रूपपुर चंदेला में नियुक्त डाॅ. नंदनी को नोटिस जारी कर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी गई है।
बिछिया की पड़रीकला पीएचसी में आरोग्य मेले में डॉ. रवि कुमार ने 69 मरीजों का उपचार किया। वहीं, आयुष विभाग के डॉ. गुरु प्रसाद ने 40 मरीज देखे। डॉ. रवि कुमार ने बताया कि मौसम के चलते डायरिया का प्रकोप बढ़ रहा है। उन्होंने छह माह तक के बच्चों को सिर्फ मां का ही दूध पिलाने की सलाह दी। साथ ही डायरिया की दशा में नियमित अंतरात में ओआरएस का घोल पिलाते रहने की बात कही।
पाटन की सुमेरपुर पीएचसी में रविवार को आयोजित आरोग्य मेले में कुल 30 मरीज पहुंचे। जिनमें से अधिकतर मरीज बुखार से संबंधित रहे। पीएचसी प्रभारी डाॅ. नरेंद्र कृष्णा ने बताया कि गर्मी के मौसम में डायरिया और डिहाईड्रेशन के मरीजों की संख्या बढ़ी है।
चमियानी पीएचसी का इन्वर्टर खराब, गर्मी में पसीना बहाते हुए मिला उपचार
पुरवा के तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आरोग्य मेले में 75 मरीज देखे गए। पासाखेड़ा पीएचसी में डॉ. स्वाती गुप्ता ने 30 मरीजों को देखा। जिनमें आयुष, मो. अनीस, पवन बुखार से ग्रसित मिले। लैब सहायक अमित कुमार ने मलेरिया, हिमोग्लोबिन, शुगर व बलगम की कुल 13 जांचें की। यहां दो इन्वर्टर में एक खराब है। ऐसे में मरीजों को पसीना बहाकर उपचार मिला। गढ़ाकोला पीएचसी में डाॅ. चारु जैन ने 21 मरीजों का उपचार किया। चमियानी पीएचसी में डाॅ. राजलक्ष्मी दोहरे ने 24 मरीज देखे। यहां लगा इन्वर्टर खराब पड़ा है। बिजली न आने पर यहां डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मी भीषण गर्मी में पसीना बहाते हुए मरीजों का उपचार करते नजर आए।
