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Unnao News: पोर्टल के जरिए सुधारी जा सकेंगी गोल्डन कार्ड की खामियां
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उन्नाव। प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना के गोल्डन कार्ड में जन्मतिथि, पता या नाम संबंधी गलतियों को अब सुधारा जा सकेगा। शासन ने इसके लिए बीडीएमएस (बेनिफिशियरी डाटा मैनेजमेंट सिस्टम) पोर्टल की शुरुआत की है। इससे डाटा मिसमैच के कारण कार्ड निरस्त होने की समस्या खत्म होगी और लाखों लाभार्थियों को निशुल्क इलाज का लाभ मिल पाएगा। साचीज ने इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र भेजा है।
जिले में प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना के तहत 16 लाख 16 हजार 320 गोल्डन कार्ड बनाने का लक्ष्य है। इसके मुकाबले अभी तक 10 लाख 12 हजार 252 कार्ड ही बन पाए हैं। पहले डाटा मिसमैच होने के कारण कई लाभार्थियों के कार्ड नहीं बन पाते थे। आयुष्मान योजना के डीपीएम आलोक त्रिपाठी ने बताया कि जनगणना 2011 की जानकारी आधार कार्ड से मेल न खाने से यह समस्या आती थी। केवाईसी के दौरान डाटा मिसमैच होने पर कार्ड निरस्त हो जाते थे। अब इस पोर्टल के माध्यम से इन खामियों को दूर किया जा सकेगा।
यह पोर्टल उन गोल्डन कार्ड धारकों को हटाने में भी मदद करेगा जो पलायन कर चुके हैं या जिनकी मृत्यु हो चुकी है। इससे नए लाभार्थी भी योजना से जुड़ सकेंगे। उन्हें पांच लाख रुपये तक के निशुल्क उपचार का लाभ मिल पाएगा।
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जिले में प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना के तहत 16 लाख 16 हजार 320 गोल्डन कार्ड बनाने का लक्ष्य है। इसके मुकाबले अभी तक 10 लाख 12 हजार 252 कार्ड ही बन पाए हैं। पहले डाटा मिसमैच होने के कारण कई लाभार्थियों के कार्ड नहीं बन पाते थे। आयुष्मान योजना के डीपीएम आलोक त्रिपाठी ने बताया कि जनगणना 2011 की जानकारी आधार कार्ड से मेल न खाने से यह समस्या आती थी। केवाईसी के दौरान डाटा मिसमैच होने पर कार्ड निरस्त हो जाते थे। अब इस पोर्टल के माध्यम से इन खामियों को दूर किया जा सकेगा।
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यह पोर्टल उन गोल्डन कार्ड धारकों को हटाने में भी मदद करेगा जो पलायन कर चुके हैं या जिनकी मृत्यु हो चुकी है। इससे नए लाभार्थी भी योजना से जुड़ सकेंगे। उन्हें पांच लाख रुपये तक के निशुल्क उपचार का लाभ मिल पाएगा।
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