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Unnao News: नहर पटरी पर 54 किलोमीटर वैकल्पिक मार्ग बनाएगा सिंचाई विभाग
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उन्नाव। नहर पटरी पर फैले अतिक्रमण को हटाने और आवागमन को सुलभ बनाने के उद्देश्य से सिंचाई विभाग आठ करोड़ रुपये की लागत से एक वैकल्पिक मार्ग का निर्माण कराने जा रहा है। यह 54 किलोमीटर लंबा खड़ंजा मार्ग दो चरणों में पूरा होगा जिससे जिले के तीन विकासखंड क्षेत्रों के बीच संपर्क बेहतर होगा। 3.30 मीटर चौड़ा मार्ग बनने से लोगों को आवागमन सहूलियत मिलेगी।
जिले में शारदा खंड और आसीवन ब्रांच नाम की दो प्रमुख नहरें हैं जिनसे 32 रजबहे और 210 माइनर निकली हैं। वर्तमान में इन नहरों की पटरियों पर कई स्थानों पर लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। अतिक्रमण के कारण पानी का प्रवाह बाधित होता है और अधिकारी भी निरीक्षण के लिए पटरी पर आसानी से नहीं जा पाते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए सिंचाई विभाग ने खड़ंजा मार्ग निर्माण की योजना बनाई है।
पहले चरण में 41 किलोमीटर और दूसरे चरण में 13 किलोमीटर खड़ंजा मार्ग का निर्माण कराया जाएगा। कार्य सफीपुर के मुंडा गांव के पास नहर पटरी से शुरू होगा। निर्माण कार्य के लिए लगभग आठ करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। 3.30 मीटर की चौड़ाई वाले इस मार्ग पर चार पहिया वाहन भी आसानी से गुजर सकेंगे जिससे स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
नहर, रजबहा व माइनरों की हो सकेगी निगरानी
पहले चरण में सफीपुर के मुंडा से नवाबगंज के कुसुंभी तक 41 किलोमीटर लंबे खड़ंजा मार्ग का निर्माण होगा। दूसरे चरण में कुसुंभी से असोहा तक 14 किलोमीटर का खड़ंजा बिछाया जाएगा। इससे सफीपुर से असोहा तक की लोगों को आने-जाने में सहूलियत होगी। साथ ही सिंचाई विभाग के अधिकारी भी नहर, रजबहा और माइनरों की निगरानी आसानी से कर सकेंगे।
नहर पटरी को अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए सफीपुर के मुंडा से असोहा तक खड़ंजा मार्ग के निर्माण में आठ करोड़ रुपये खर्च होंगे। टेंडर प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है। यह मार्ग सफीपुर को असोहा से जोड़ेगा। इससे कई गांवों के लोगों को आवागमन में सहूलियत मिलेगी। विभाग को नहरों की देखरेख में आसानी होगी। - दीपक यादव, एक्सईएन सिंचाई विभाग।
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जिले में शारदा खंड और आसीवन ब्रांच नाम की दो प्रमुख नहरें हैं जिनसे 32 रजबहे और 210 माइनर निकली हैं। वर्तमान में इन नहरों की पटरियों पर कई स्थानों पर लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। अतिक्रमण के कारण पानी का प्रवाह बाधित होता है और अधिकारी भी निरीक्षण के लिए पटरी पर आसानी से नहीं जा पाते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए सिंचाई विभाग ने खड़ंजा मार्ग निर्माण की योजना बनाई है।
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पहले चरण में 41 किलोमीटर और दूसरे चरण में 13 किलोमीटर खड़ंजा मार्ग का निर्माण कराया जाएगा। कार्य सफीपुर के मुंडा गांव के पास नहर पटरी से शुरू होगा। निर्माण कार्य के लिए लगभग आठ करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। 3.30 मीटर की चौड़ाई वाले इस मार्ग पर चार पहिया वाहन भी आसानी से गुजर सकेंगे जिससे स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
नहर, रजबहा व माइनरों की हो सकेगी निगरानी
पहले चरण में सफीपुर के मुंडा से नवाबगंज के कुसुंभी तक 41 किलोमीटर लंबे खड़ंजा मार्ग का निर्माण होगा। दूसरे चरण में कुसुंभी से असोहा तक 14 किलोमीटर का खड़ंजा बिछाया जाएगा। इससे सफीपुर से असोहा तक की लोगों को आने-जाने में सहूलियत होगी। साथ ही सिंचाई विभाग के अधिकारी भी नहर, रजबहा और माइनरों की निगरानी आसानी से कर सकेंगे।
नहर पटरी को अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए सफीपुर के मुंडा से असोहा तक खड़ंजा मार्ग के निर्माण में आठ करोड़ रुपये खर्च होंगे। टेंडर प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है। यह मार्ग सफीपुर को असोहा से जोड़ेगा। इससे कई गांवों के लोगों को आवागमन में सहूलियत मिलेगी। विभाग को नहरों की देखरेख में आसानी होगी। - दीपक यादव, एक्सईएन सिंचाई विभाग।