{"_id":"6a3c2170f537eeac310984fe","slug":"it-took-the-grp-ten-and-a-half-hours-to-locate-and-transport-to-the-hospital-a-young-man-who-had-fallen-from-a-train-unnao-news-c-221-1-sknp1054-152730-2026-06-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Unnao News: ट्रेन से गिरे युवक को खोजने और अस्पताल पहुंचाने में जीआरपी को लगे साढ़े दस घंटे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Unnao News: ट्रेन से गिरे युवक को खोजने और अस्पताल पहुंचाने में जीआरपी को लगे साढ़े दस घंटे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उन्नाव। उन्नाव रेलवे स्टेशन से तीन किलोमीटर दूर आम्रपाली एक्सप्रेस से गिरकर युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। भाई ने लखनऊ पहुंच कर सूचना दी। युवक को खोजने और अस्पताल पहुंचाने में जीआरपी को करीब साढ़े दस घंटे का समय लग गया। सर्विलांस की मदद से युवक की लोकेशन ट्रेस की गई, जिसके बाद उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया। युवक का इलाज लखनऊ के एक निजी अस्पताल में चल रहा है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
बिहार प्रांत के गोपालगंज निवासी सूरज अपने चचेरे भाई राहुल के साथ दिल्ली से आम्रपाली एक्सप्रेस (ट्रेन 15708) से अपने घर लौट रहा था। ट्रेन के कानपुर से आगे बढ़ते ही सूरज बोगी के गेट के पास बैठ गया। उन्नाव स्टेशन पार करते ही वह चलती ट्रेन से नीचे गिर गया। लखनऊ पहुंचने पर जब राहुल ने सूरज को नहीं देखा और ट्रेन में तलाशने पर भी वह नहीं मिला, तो उसने जीआरपी को सूचना दी। कंट्रोलरूम के माध्यम से उन्नाव जीआरपी को भी सूचित किया गया।
जीआरपी ने रात भर युवक की तलाश की लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। मंगलवार सुबह जीआरपी ने युवक के मोबाइल फोन को सर्विलांस पर लगाया। मोबाइल की लोकेशन उन्नाव स्टेशन से लगभग तीन किलोमीटर दूर टीकर रेलवे क्रॉसिंग के पास मिली। जीआरपी ने ट्रैक के किनारे झाड़ियों में तलाशी ली और घायल सूरज को खोज निकाला।
विज्ञापन
युवक को एंबुलेंस से मंगलवार सुबह 11:30 बजे जिला अस्पताल लाया गया। बाद में, चचेरे भाई राहुल ने परिजन से बात करने के बाद उसे लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। राहुल ने बताया कि डॉक्टर के अनुसार, अधिक रक्तस्राव और इलाज मिलने में हुई देरी के कारण सूरज की हालत गंभीर है। जीआरपी एसओ सुनील कुमार मिश्रा ने बताया कि सर्विलांस की मदद से लोकेशन ट्रेस किया गया। एक सिपाही ने युवक को गोद में उठाकर करीब डेढ़ किलोमीटर पैदल चलकर एंबुलेंस तक पहुंचाया।
विज्ञापन
बिहार प्रांत के गोपालगंज निवासी सूरज अपने चचेरे भाई राहुल के साथ दिल्ली से आम्रपाली एक्सप्रेस (ट्रेन 15708) से अपने घर लौट रहा था। ट्रेन के कानपुर से आगे बढ़ते ही सूरज बोगी के गेट के पास बैठ गया। उन्नाव स्टेशन पार करते ही वह चलती ट्रेन से नीचे गिर गया। लखनऊ पहुंचने पर जब राहुल ने सूरज को नहीं देखा और ट्रेन में तलाशने पर भी वह नहीं मिला, तो उसने जीआरपी को सूचना दी। कंट्रोलरूम के माध्यम से उन्नाव जीआरपी को भी सूचित किया गया।
विज्ञापन
जीआरपी ने रात भर युवक की तलाश की लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। मंगलवार सुबह जीआरपी ने युवक के मोबाइल फोन को सर्विलांस पर लगाया। मोबाइल की लोकेशन उन्नाव स्टेशन से लगभग तीन किलोमीटर दूर टीकर रेलवे क्रॉसिंग के पास मिली। जीआरपी ने ट्रैक के किनारे झाड़ियों में तलाशी ली और घायल सूरज को खोज निकाला।
विज्ञापन
युवक को एंबुलेंस से मंगलवार सुबह 11:30 बजे जिला अस्पताल लाया गया। बाद में, चचेरे भाई राहुल ने परिजन से बात करने के बाद उसे लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। राहुल ने बताया कि डॉक्टर के अनुसार, अधिक रक्तस्राव और इलाज मिलने में हुई देरी के कारण सूरज की हालत गंभीर है। जीआरपी एसओ सुनील कुमार मिश्रा ने बताया कि सर्विलांस की मदद से लोकेशन ट्रेस किया गया। एक सिपाही ने युवक को गोद में उठाकर करीब डेढ़ किलोमीटर पैदल चलकर एंबुलेंस तक पहुंचाया।