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Unnao News: ठगों के जाल में फंसे जेल अधीक्षक, गंवा बैठे 23 लाख
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उन्नाव। जब प्रशासनिक अधिकारी ही धोखाधड़ी का शिकार हो जाएं तो ऐसे में आम नागरिक की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ताजा मामला उन्नाव जेल अधीक्षक से जुड़ा है। उनसे मेडिकल कॉलेज में बेटी को प्रवेश दिलाने के नाम पर 23 लाख की ठगी कर ली गई। बेटी के प्रवेश के लिए जब वह लखनऊ स्थित बताए गए कार्यालय पहुंचे तो वहां ताला बंद मिला। उन्होंने दो लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। ठगों ने जेल अक्षीक्षक को हिंद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस बाराबंकी में प्रवेश दिलाने का झांसा दिया था।
जेल अधीक्षक पंकज कुमार सिंह ने दी तहरीर में बताया कि नीट काउंसलिंग के माध्यम से बेटी को मेडिकल काॅलेज में प्रवेश दिलाने के लिए जस्ट डायल के माध्यम से ऑनलाइन स्टडी पाथवे कंसलटेंसी के प्रोपाइटर अभिनव शर्मा से फोन पर बात हुई थी। अभिनव ने हिंद मेडिकल कॉलेज सफेदाबाद बाराबंकी में प्रवेश दिलाने की बात कही। मेडिकल काॅलेज में सीट सुरक्षित कराने के लिए 23 लाख रुपये जमा करने के लिए कहा। इस पर उन्होंने 19 जुलाई 2025 को दो बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से 10-10 लाख रुपये उनके बताए बैंक खाते में जमा कराए।
बाद में पत्नी के गोमतीनगर स्थित कोटेक महिंद्रा बैंक खाते से आरटीजीएस के माध्यम से तीन लाख रुपये भेजे। इसके बाद जब अभिनव शर्मा से संपर्क किया तो उसका मोबाइल बंद बताने लगा। उसके बताए गए गोमतीनगर स्थित कार्यालय पहुंचे तो वहां ताला लगा मिला। जानकारी करने पर पता चला कि यह एक संगठित गिरोह है जो इसी तरह से फ्रॉड करता है। इनके खिलाफ अलग-अलग जिलों में प्राथमिकी दर्ज हैं।
अभिनव शर्मा के साथ उसका दोस्त संतोष कुमार भी शामिल है। जेल अधीक्षक के अनुसार जस्ट डायल से भी आरोपियों की पूरी जानकारी हटा दी गई है। इससे अपराध में जस्ट डायल की भी भूमिका से इन्कार नहीं किया जा सकता है। कोतवाल चंद्रकांत मिश्र ने बताया कि जेल अधीक्षक की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
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जेल अधीक्षक पंकज कुमार सिंह ने दी तहरीर में बताया कि नीट काउंसलिंग के माध्यम से बेटी को मेडिकल काॅलेज में प्रवेश दिलाने के लिए जस्ट डायल के माध्यम से ऑनलाइन स्टडी पाथवे कंसलटेंसी के प्रोपाइटर अभिनव शर्मा से फोन पर बात हुई थी। अभिनव ने हिंद मेडिकल कॉलेज सफेदाबाद बाराबंकी में प्रवेश दिलाने की बात कही। मेडिकल काॅलेज में सीट सुरक्षित कराने के लिए 23 लाख रुपये जमा करने के लिए कहा। इस पर उन्होंने 19 जुलाई 2025 को दो बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से 10-10 लाख रुपये उनके बताए बैंक खाते में जमा कराए।
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बाद में पत्नी के गोमतीनगर स्थित कोटेक महिंद्रा बैंक खाते से आरटीजीएस के माध्यम से तीन लाख रुपये भेजे। इसके बाद जब अभिनव शर्मा से संपर्क किया तो उसका मोबाइल बंद बताने लगा। उसके बताए गए गोमतीनगर स्थित कार्यालय पहुंचे तो वहां ताला लगा मिला। जानकारी करने पर पता चला कि यह एक संगठित गिरोह है जो इसी तरह से फ्रॉड करता है। इनके खिलाफ अलग-अलग जिलों में प्राथमिकी दर्ज हैं।
अभिनव शर्मा के साथ उसका दोस्त संतोष कुमार भी शामिल है। जेल अधीक्षक के अनुसार जस्ट डायल से भी आरोपियों की पूरी जानकारी हटा दी गई है। इससे अपराध में जस्ट डायल की भी भूमिका से इन्कार नहीं किया जा सकता है। कोतवाल चंद्रकांत मिश्र ने बताया कि जेल अधीक्षक की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
