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Unnao News: अमेरिका की रार से दोहरी मार, प्रभावित हुआ तीन हजार करोड़ का कारोबार
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फोटो नंबर-25-बंथर औद्योगिक क्षेत्र में स्थित काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट का कार्यालय। संवाद
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उन्नाव। अमेरिका की ओर से लगाए गए 50 फीसदी टैरिफ से चमड़ा उद्योग अभी पूरी तरह उबर भी नहीं पाया है। अब अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी रार ने निर्यातकों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। युद्ध जैसे हालात के कारण हवाई सेवाएं प्रभावित होने से ईरान और अरब देशों में मांस का निर्यात पूरी तरह रुक गया है। उद्यमियों के अनुसार इस महीने पैकेट बंद मांस के करीब 500 करोड़ रुपये के ऑर्डर रद्द हो गए हैं। बीते पांच महीनों में चमड़ा और मांस निर्यात से जुड़ा लगभग तीन हजार करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है।
उन्नाव की चर्म इकाइयों से हर महीने औसतन 500 करोड़ रुपये के चमड़ा उत्पाद अमेरिका भेजे जाते थे। बीते साल 27 अगस्त 2025 को अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर 25 फीसदी टैरिफ लगाया था। रूस से तेल खरीद जारी रखने पर 25 फीसदी अतिरिक्त के साथ कुल 50 फीसदी टैरिफ कर दिया गया। इस निर्णय से पिछले पांच महीनों में चमड़ा उद्योग का लगभग 2500 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है। जिले के औद्योगिक क्षेत्रों दही चौकी और बंथर स्थित टेनरियों और चर्म उत्पादक इकाइयों में अमेरिका की विभिन्न कंपनियों के लिए तैयार करीब 500 करोड़ रुपये का माल अभी फंसा हुआ है। उद्यमियों का कहना है कि अमेरिकी कंपनियों के ब्रांड की मोहर लगे इस माल को किसी अन्य देश में भी नहीं भेजा जा सकता। अब केवल अमेरिकी टैरिफ में राहत मिलने का इंतजार ही एकमात्र विकल्प बचा है। (संवाद)
मांस निर्यात भी बुरी तरह प्रभावित
ईरान में बिगड़ते हालात और अमेरिका से बढ़ते तनाव के कारण मांस उद्योग को भी बड़ा झटका लगा है। उन्नाव जिले की छह इकाइयां विदेशों में पैकेट बंद मांस और अन्य खाद्य पदार्थों का निर्यात करती हैं। इसका वार्षिक व्यापार औसतन 10 से 12 हजार करोड़ रुपये का है। ईरान में बिगड़ते हालात और वहां हवाई क्षेत्र बंद किए जाने के कारण मांस की आपूर्ति बाधित हो गई है। इससे इस महत्वपूर्ण निर्यात क्षेत्र को प्रतिमाह करीब 500 करोड़ का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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फोटो-26-ताज आलम
उत्तर प्रदेश चमड़ा उद्योग संघ (उन्नाव चैप्टर) के अध्यक्ष ताज आलम का कहना है कि जैकेट, सैडलरी, जूता, पर्स, बेल्ट व अन्य उपयोगी उत्पाद अमेरिका को निर्यात होते हैं। फिलहाल पांच महीने से बिगड़े हालात में अमेरिका में व्यापार हाल फिलहाल संभव नहीं दिख रहा है। उन्नाव की लेदर इंडस्ट्रीज का ईरान से व्यापार बहुत नहीं है लेकिन हवाई सेवा प्रभावित होने से दूसरे अरब देशों की आपूर्ति प्रभावित है। अमेरिका से चमड़ा उत्पाद का व्यापार प्रभावित होने से रूस, यूके, दुबई, जापान व अन्य यूरोपीय देशों में व्यापार बढ़ा रहे हैं।
फोटो-27-नीरज त्रिवेदी
इंडेग्रो फूड्स लिमिटेड के सीनियर मैनेजर नीरज त्रिवेदी ने बताया कि ईरान सहित अन्य अरब देशों को मीट व अन्य खाद्य पदार्थों का निर्यात होता है। पिछले कुछ दिनों से ईरान में अस्थिरता और अमेरिका से तनाव के चलते व्यापार प्रभावित हुआ है। हवाई क्षेत्र बंद होने से अन्य अरब देशों की सप्लाई प्रभावित है। करीब 500 करोड़ रुपये का मीट का कारोबार प्रभावित है। आने वाले दिनों में क्या होगा कुछ पता नहीं। फिलहाल वहां के हालात जल्दी ठीक होते नजर नहीं आ रहे हैं।
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मांस निर्यात भी बुरी तरह प्रभावित
ईरान में बिगड़ते हालात और अमेरिका से बढ़ते तनाव के कारण मांस उद्योग को भी बड़ा झटका लगा है। उन्नाव जिले की छह इकाइयां विदेशों में पैकेट बंद मांस और अन्य खाद्य पदार्थों का निर्यात करती हैं। इसका वार्षिक व्यापार औसतन 10 से 12 हजार करोड़ रुपये का है। ईरान में बिगड़ते हालात और वहां हवाई क्षेत्र बंद किए जाने के कारण मांस की आपूर्ति बाधित हो गई है। इससे इस महत्वपूर्ण निर्यात क्षेत्र को प्रतिमाह करीब 500 करोड़ का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
फोटो-26-ताज आलम
उत्तर प्रदेश चमड़ा उद्योग संघ (उन्नाव चैप्टर) के अध्यक्ष ताज आलम का कहना है कि जैकेट, सैडलरी, जूता, पर्स, बेल्ट व अन्य उपयोगी उत्पाद अमेरिका को निर्यात होते हैं। फिलहाल पांच महीने से बिगड़े हालात में अमेरिका में व्यापार हाल फिलहाल संभव नहीं दिख रहा है। उन्नाव की लेदर इंडस्ट्रीज का ईरान से व्यापार बहुत नहीं है लेकिन हवाई सेवा प्रभावित होने से दूसरे अरब देशों की आपूर्ति प्रभावित है। अमेरिका से चमड़ा उत्पाद का व्यापार प्रभावित होने से रूस, यूके, दुबई, जापान व अन्य यूरोपीय देशों में व्यापार बढ़ा रहे हैं।
फोटो-27-नीरज त्रिवेदी
इंडेग्रो फूड्स लिमिटेड के सीनियर मैनेजर नीरज त्रिवेदी ने बताया कि ईरान सहित अन्य अरब देशों को मीट व अन्य खाद्य पदार्थों का निर्यात होता है। पिछले कुछ दिनों से ईरान में अस्थिरता और अमेरिका से तनाव के चलते व्यापार प्रभावित हुआ है। हवाई क्षेत्र बंद होने से अन्य अरब देशों की सप्लाई प्रभावित है। करीब 500 करोड़ रुपये का मीट का कारोबार प्रभावित है। आने वाले दिनों में क्या होगा कुछ पता नहीं। फिलहाल वहां के हालात जल्दी ठीक होते नजर नहीं आ रहे हैं।

फोटो नंबर-25-बंथर औद्योगिक क्षेत्र में स्थित काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट का कार्यालय। संवाद

फोटो नंबर-25-बंथर औद्योगिक क्षेत्र में स्थित काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट का कार्यालय। संवाद
