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Unnao News: न्यूजीलैंड से व्यापार समझौते से उन्नाव-कानपुर की बढ़ेगी हिस्सेदारी
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फोटो-3-यादवेंद्र सचान, क्षेत्रीय अध्यक्ष चर्म निर्यात परिषद
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उन्नाव। भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से उद्यमियों में खुशी है। कपड़ा, चमड़ा, जूते-चप्पल, इंजीनियरिंग सामान, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों के भारत से निर्यात पर न्यूजीलैंड में कोई शुल्क नहीं लगेगा। उद्यमियों के अनुसार इसका सबसे ज्यादा फायदा चमड़ा उद्योग को होगा।
चर्म उत्पाद निर्यात से जुड़े असद कमाल इराकी, मुख्तारुल अमीन आदि ने बताया कि कानपुर और उन्नाव (सेंट्रल रीजन) का अभी तक सालाना चर्म निर्यात व्यापार औसतन सात हजार करोड़ है। जिस तरह यूरोपियन यूनियन (ईयू) यूके, ऑस्ट्रेलिया, ओमान आदि के बाद अब न्यूजीलैंड से कर मुक्त व्यापार समझौता हुआ है उससे औसत निर्यात व्यापार 7000 करोड़ से एक साल में बढ़कर 8000 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। मौजूदा समय में न्यूजीलैंड का दुनिया में 500 मिलियन डॉलर का व्यापार है और इसमें भारत की हिस्सेदारी सिर्फ 12 प्रतिशत है। कर मुक्त व्यापार समझौते से चमड़ा उद्योग को नई रफ्तार मिलेगी। आने वाले दो से तीन साल में न्यूजीलैंड से भारत का व्यापार में करीब आठ गुना तक बढ़ेगा। वहीं भारत-न्यूजीलैंड के बीच होने वाले व्यापार में 25 से 30 फीसदी हिस्सेदारी उन्नाव और कानपुर की होगी।
-- क्या कहते हैं उद्यमी
फोटो-3-यादवेंद्र सचान।
दो साल में 10 फीसदी बढ़ेगा व्यापार
न्यूजीलैंड का पूरी दुनिया में 500 मिलियन डॉलर का व्यापार है जिसमें भारत की हिस्सेदारी 12 प्रतिशत है। इस व्यापार समझौते से चमड़ा उद्योग को रफ्तार मिलेगी। व्यापार समझौतों से उन्नाव/कानपुर के निर्यात व्यापार में अगले दो साल में करीब 10 फीसदी तक बढ़ोतरी होगी। -यादवेंद्र सचान, क्षेत्रीय अध्यक्ष चर्म निर्यात परिषद।
फोटो-4-मो. ताज आलम।
न्यूजीलैंड से समझौते से मिली बड़ी राहत
भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापार समझौता चमड़ा उद्योग के बड़ी राहत की बात है। न्यूजीलैंड की शिपिंग आसान होने से निर्यात बढ़ेगा। इससे आने वाले करीब दो साल में व्यापार करीब आठ गुना बढ़ने का अनुमान है। ईयू, यूके आदि के बाद कर मुक्त व्यापार का समझौता बड़ी उपलब्धि है। -मो. ताज आलम, चर्म उत्पाद निर्यातक।
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फोटो-3-यादवेंद्र सचान।
दो साल में 10 फीसदी बढ़ेगा व्यापार
न्यूजीलैंड का पूरी दुनिया में 500 मिलियन डॉलर का व्यापार है जिसमें भारत की हिस्सेदारी 12 प्रतिशत है। इस व्यापार समझौते से चमड़ा उद्योग को रफ्तार मिलेगी। व्यापार समझौतों से उन्नाव/कानपुर के निर्यात व्यापार में अगले दो साल में करीब 10 फीसदी तक बढ़ोतरी होगी। -यादवेंद्र सचान, क्षेत्रीय अध्यक्ष चर्म निर्यात परिषद।
फोटो-4-मो. ताज आलम।
न्यूजीलैंड से समझौते से मिली बड़ी राहत
भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापार समझौता चमड़ा उद्योग के बड़ी राहत की बात है। न्यूजीलैंड की शिपिंग आसान होने से निर्यात बढ़ेगा। इससे आने वाले करीब दो साल में व्यापार करीब आठ गुना बढ़ने का अनुमान है। ईयू, यूके आदि के बाद कर मुक्त व्यापार का समझौता बड़ी उपलब्धि है। -मो. ताज आलम, चर्म उत्पाद निर्यातक।

फोटो-3-यादवेंद्र सचान, क्षेत्रीय अध्यक्ष चर्म निर्यात परिषद
