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Unnao News: 36 घंटे बाद भी नहीं बदला ट्रांसफार्मर, सीटी स्कैन और एक्सरे ठप
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उन्नाव। जिला अस्पताल का बृहस्पतिवार को फुंका 400 केवी ट्रांसफार्मर 36 घंटे बाद भी नहीं बदला गया। इससे अस्पताल की व्यवस्थाएं जनरेटर के सहारे रहीं। बिजली न होने से सीटी स्कैन और एक्सरे नहीं हो सके। 70 मरीजों को लौटा दिया गया। उन्हें शनिवार को बुलाया गया जबकि गंभीर हालत वाले 18 मरीजों की जनरेटर से वैकल्पिक व्यवस्था करके जांच की गई है। अस्पताल के एसी और कूलर भी बंद रहे। इमरजेंसी वार्ड और डॉक्टर कक्ष में एक-एक कूलर लगाकर काम चलाया गया। वार्डों में भर्ती मरीज पंखों के सहारे रहे।
अस्पताल परिसर में ब्लड बैंक के पास जिला अस्पताल और महिला अस्पताल का अलग-अलग फीडर है। बृहस्पतिवार की सुबह करीब 11 बजे जिला अस्पताल को बिजली आपूर्ति करने वाला ट्रांसफार्मर जल गया। इससे गुरुवार को एक्सरे, सीटी स्कैन आदि सेवाएं बाधित रहीं। जनरेटर से आपूर्ति तो दी गई लेकिन एसी और कूलर बंद रहे। इससे भर्ती मरीज गर्मी से परेशान रहे। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने तीन बड़े जनरेटर चलाकर आवश्यक सेवाएं बाधित नहीं होने दीं लेकिन वार्डों में कूलर न चलने से मरीज और तीमारदार बेहाल दिखे।
सबसे ज्यादा समस्या सीटी स्कैन न होने से हुई। सीटी स्कैन सेंटर का संचालन निजी संस्था करती है लेकिन बिजली के लिए पूरी तरह जिला अस्पताल पर ही निर्भर है। सीटी स्कैन में अत्यधिक बिजली खपत होने से इसे नहीं चलाया जा सका। इस कारण दो दिन में 45 मरीजों को लौटाया गया। मैनुअल एक्सरे की मशीन भी नहीं चलाई जा सकी। गंभीर मरीजों में 18 के सीटी स्कैन और डिजिटल एक्सरे कराए गए। इमरजेंसी वार्ड के एसी न चलने से शुक्रवार सुबह कम वोल्टेज खपत वाले दो कूलर लगाए गए। ईएमओ कक्ष में भी नया कूलर लगवाया गया।
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वर्जन...
ट्रांसफार्मर ठीक करने के लिए भेजा गया है। उम्मीद है रात तक आ जाएगा। जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं बहाल रखने के लिए दो अतिरिक्त बड़े जनरेटर लगाए गए हैं। इनमें एक 65 केवी और दूसरा 125 केवी का है। जिला अस्पताल का 40 केवी का जनरेटर भी चल रहा है। ओटी, डायग्नोस्टिक सेंटर, वार्ड, इमरजेंसी वार्ड, पैथोलॉजी, पंप हाउस, वॉटर कूलर आदि को निर्बाध रूप से चलाया जा रहा है। केवल एसी और सीटी स्कैन मशीन चलाने में ही समस्या हुई है। -डॉ. सुनील कुमार शुक्ला, सीएमएस।
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अस्पताल परिसर में ब्लड बैंक के पास जिला अस्पताल और महिला अस्पताल का अलग-अलग फीडर है। बृहस्पतिवार की सुबह करीब 11 बजे जिला अस्पताल को बिजली आपूर्ति करने वाला ट्रांसफार्मर जल गया। इससे गुरुवार को एक्सरे, सीटी स्कैन आदि सेवाएं बाधित रहीं। जनरेटर से आपूर्ति तो दी गई लेकिन एसी और कूलर बंद रहे। इससे भर्ती मरीज गर्मी से परेशान रहे। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने तीन बड़े जनरेटर चलाकर आवश्यक सेवाएं बाधित नहीं होने दीं लेकिन वार्डों में कूलर न चलने से मरीज और तीमारदार बेहाल दिखे।
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सबसे ज्यादा समस्या सीटी स्कैन न होने से हुई। सीटी स्कैन सेंटर का संचालन निजी संस्था करती है लेकिन बिजली के लिए पूरी तरह जिला अस्पताल पर ही निर्भर है। सीटी स्कैन में अत्यधिक बिजली खपत होने से इसे नहीं चलाया जा सका। इस कारण दो दिन में 45 मरीजों को लौटाया गया। मैनुअल एक्सरे की मशीन भी नहीं चलाई जा सकी। गंभीर मरीजों में 18 के सीटी स्कैन और डिजिटल एक्सरे कराए गए। इमरजेंसी वार्ड के एसी न चलने से शुक्रवार सुबह कम वोल्टेज खपत वाले दो कूलर लगाए गए। ईएमओ कक्ष में भी नया कूलर लगवाया गया।
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ट्रांसफार्मर ठीक करने के लिए भेजा गया है। उम्मीद है रात तक आ जाएगा। जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं बहाल रखने के लिए दो अतिरिक्त बड़े जनरेटर लगाए गए हैं। इनमें एक 65 केवी और दूसरा 125 केवी का है। जिला अस्पताल का 40 केवी का जनरेटर भी चल रहा है। ओटी, डायग्नोस्टिक सेंटर, वार्ड, इमरजेंसी वार्ड, पैथोलॉजी, पंप हाउस, वॉटर कूलर आदि को निर्बाध रूप से चलाया जा रहा है। केवल एसी और सीटी स्कैन मशीन चलाने में ही समस्या हुई है। -डॉ. सुनील कुमार शुक्ला, सीएमएस।