{"_id":"6a495dade176234923031988","slug":"unnao-news-unnao-news-c-221-1-sknp1054-153286-2026-07-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Unnao News: चंडीगढ़ में रैपिडो चलाता था हत्यारोपी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Unnao News: चंडीगढ़ में रैपिडो चलाता था हत्यारोपी
विज्ञापन
फोटो-37- पति की मौत से बिलखती देशकुमारी व अन्य परिजन। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उन्नाव। पिता की हत्या का आरोपी सोनेलाल के तीन छोटे भाई दीपक, मुकेश और विक्रम चंडीगढ़ में ही रहते हैं। सोनेलाल चंडीगढ़ में रहकर रैपिडो चलाता था।
दस दिन पहले वह गांव आने की बात कहकर चंडीगढ़ से निकला था लेकिन घर आने की बजाय वह ससुराल लखनऊ के बंथरा थाना के गांव गोड़वा चला गया। पत्नी, बेटी और ससुराल वालों से मिलने के बाद छह दिन पहले गांव आया था। मां देशकुमारी के अनुसार सोनेलाल पिता से काम-धंधा करने के लिए गांव की कुछ जमीन बेचकर रुपये देने या उसके हिस्से की जमीन देने की बात कह रहा था लेकिन पिता इसके लिए तैयार नहीं थे। इससे वह अक्सर माता-पिता को उसकी और उसके परिवार की कोई चिंता न होने का ताना देता था। चंडीगढ़ से आने के बाद से गांव में कोई काम न होने से वह ज्यादातर समय बाग में पिता के बनवाए मंदिर में रहता था। शनिवार रात को जैसे ही पिता मंदिर पहुंचे तो उनकी हत्या कर दी। हालांकि औरास थाना प्रभारी ने उसे मानसिक बीमार बता रहे हैं।
जानता था पिता दीपक जलाने जरूर आएंगे, योजना बनाकर हत्या
औरास। प्रमोद कहीं भी व्यस्त हों लेकिन शनिवार की शाम को मंदिर में दीपक जलाने जरूर जाते थे। इस कारण बेटे ने पहले से ही साजिश की जैसे ही पिता मंदिर पहुंचे और दीपक जलाने के लिए झुके उसने ताबड़तोड़ वार करके हत्या कर दी।
पुलिस हिरासत में बैठे सोनेलाल ने बताया कि पिता उसकी कोई बात नहीं मानते थे। पत्नी से अलगाव हो गया था। वह दूसरी शादी कराने के लिए कह रहा था तो उसके लिए भी तैयार नहीं थे। काम धंधा शुरू करने के लिए रुपये या जमीन बेचने को कहा तो भी तैयार नहीं हो रहे थे। हर बार डांट-फटकार कर भगा देते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
दस दिन पहले वह गांव आने की बात कहकर चंडीगढ़ से निकला था लेकिन घर आने की बजाय वह ससुराल लखनऊ के बंथरा थाना के गांव गोड़वा चला गया। पत्नी, बेटी और ससुराल वालों से मिलने के बाद छह दिन पहले गांव आया था। मां देशकुमारी के अनुसार सोनेलाल पिता से काम-धंधा करने के लिए गांव की कुछ जमीन बेचकर रुपये देने या उसके हिस्से की जमीन देने की बात कह रहा था लेकिन पिता इसके लिए तैयार नहीं थे। इससे वह अक्सर माता-पिता को उसकी और उसके परिवार की कोई चिंता न होने का ताना देता था। चंडीगढ़ से आने के बाद से गांव में कोई काम न होने से वह ज्यादातर समय बाग में पिता के बनवाए मंदिर में रहता था। शनिवार रात को जैसे ही पिता मंदिर पहुंचे तो उनकी हत्या कर दी। हालांकि औरास थाना प्रभारी ने उसे मानसिक बीमार बता रहे हैं।
जानता था पिता दीपक जलाने जरूर आएंगे, योजना बनाकर हत्या
औरास। प्रमोद कहीं भी व्यस्त हों लेकिन शनिवार की शाम को मंदिर में दीपक जलाने जरूर जाते थे। इस कारण बेटे ने पहले से ही साजिश की जैसे ही पिता मंदिर पहुंचे और दीपक जलाने के लिए झुके उसने ताबड़तोड़ वार करके हत्या कर दी।
विज्ञापन
पुलिस हिरासत में बैठे सोनेलाल ने बताया कि पिता उसकी कोई बात नहीं मानते थे। पत्नी से अलगाव हो गया था। वह दूसरी शादी कराने के लिए कह रहा था तो उसके लिए भी तैयार नहीं थे। काम धंधा शुरू करने के लिए रुपये या जमीन बेचने को कहा तो भी तैयार नहीं हो रहे थे। हर बार डांट-फटकार कर भगा देते थे।

फोटो-37- पति की मौत से बिलखती देशकुमारी व अन्य परिजन। संवाद
विज्ञापन