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Unnao News: रूपपुर चंदेला व ददलहा के मजरा अल्लीपुर के बीच गहराया सीमा विवाद
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सफीपुर। विकासखंड क्षेत्र के रूपपुर चंदेला व ददलहा के मजरा अल्लीपुर के बीच गांव की सीमा विवाद गहरा गया है। रूपपुर चंदेला के ग्रामीणों ने सोमवार को कलक्ट्रेट में अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को प्रार्थनापत्र सौंपा और सही नाम की मांग की। एडीएम ने एसडीएम सफीपुर को टीम गठित कर जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
रूपपुर चंदेला की प्रधान रामरोशनी के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को प्रार्थनापत्र दिया। बताया कि गंगा का पानी बढ़ने से किनारे खड़ी रूपपुर चंदेला सहित टिकईपुरवा ,नयाखेड़ा, बहलेवा निवासी 80 पट्टाधारकों किसानों की फसल नष्ट हो गई और मेड़ कट गए थे। पानी घटने के बाद पड़ोस की ग्राम पंचायत ददलहा के मजरा अल्लीपुर व बोडेपुरवा मजरा ददलहा के सात लोगों ने कब्जा कर लिया है। इसकी शिकायत एसडीएम सफीपुर से की थी। इसके बाद 29 दिसंबर को एसडीएम शिवेंद्र वर्मा के निर्देश पर नायब तहसीलदार दिनेश कुमार, कानूनगो रामशंकर, लेखपाल विवेक कटियार, गिविंद स्वरूप व चकबंदी लेखपाल अशोक बाजपेई ने जमीन की नाप कर निशान लगा दिया था।
इसके बाद अचानक खैरी चंदेला क्षेत्र के लेखपाल ने 10 जनवरी को पुनः मौके पर पहुंच पुराने सही लगे पिलर उखड़वा कर लगभग सौ मीटर अंदर आकर निशान लगा दिए थे। इससे उनके गांव के शिवराम, पितई, ओमप्रकाश, मलखे, श्यामलाल, बंदी व सर्वेश आदि 80 पट्टाधारकों की 250 बीघा भूमि उस क्षेत्र के अंदर चली गई।
प्रधान व ग्रामीणों ने पट्टाधारकों ने पुनः नाप कराकर सही सीमांकन किए जाने की मांग की। एसडीएम शिवेंद्र वर्मा ने बताया कि दस दिन पूर्व की गई नाप के निशान मिटाए जाने की सूचना मिली थी। इस कारण दोबारा टीम द्वारा शनिवार को पुनः पिलर गाड़े गए हैं। यदि मुख्यालय से जांच के लिए पत्र आएगा तो मामले को नए सिरे से दिखवाया जाएगा।
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रूपपुर चंदेला की प्रधान रामरोशनी के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को प्रार्थनापत्र दिया। बताया कि गंगा का पानी बढ़ने से किनारे खड़ी रूपपुर चंदेला सहित टिकईपुरवा ,नयाखेड़ा, बहलेवा निवासी 80 पट्टाधारकों किसानों की फसल नष्ट हो गई और मेड़ कट गए थे। पानी घटने के बाद पड़ोस की ग्राम पंचायत ददलहा के मजरा अल्लीपुर व बोडेपुरवा मजरा ददलहा के सात लोगों ने कब्जा कर लिया है। इसकी शिकायत एसडीएम सफीपुर से की थी। इसके बाद 29 दिसंबर को एसडीएम शिवेंद्र वर्मा के निर्देश पर नायब तहसीलदार दिनेश कुमार, कानूनगो रामशंकर, लेखपाल विवेक कटियार, गिविंद स्वरूप व चकबंदी लेखपाल अशोक बाजपेई ने जमीन की नाप कर निशान लगा दिया था।
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इसके बाद अचानक खैरी चंदेला क्षेत्र के लेखपाल ने 10 जनवरी को पुनः मौके पर पहुंच पुराने सही लगे पिलर उखड़वा कर लगभग सौ मीटर अंदर आकर निशान लगा दिए थे। इससे उनके गांव के शिवराम, पितई, ओमप्रकाश, मलखे, श्यामलाल, बंदी व सर्वेश आदि 80 पट्टाधारकों की 250 बीघा भूमि उस क्षेत्र के अंदर चली गई।
प्रधान व ग्रामीणों ने पट्टाधारकों ने पुनः नाप कराकर सही सीमांकन किए जाने की मांग की। एसडीएम शिवेंद्र वर्मा ने बताया कि दस दिन पूर्व की गई नाप के निशान मिटाए जाने की सूचना मिली थी। इस कारण दोबारा टीम द्वारा शनिवार को पुनः पिलर गाड़े गए हैं। यदि मुख्यालय से जांच के लिए पत्र आएगा तो मामले को नए सिरे से दिखवाया जाएगा।