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Unnao News: पौष्टिक चावल न मिलने से धान की उठान कमजोर
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फोटो-11-बांगरमऊ नवीन मंडल परिसर में संचालित केंद्र में तिरपाल से ढके धान के बोरे। संवाद
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उन्नाव। फोर्टिफाइड चावल न मिलने से मिल संचालकों ने खरीद केंद्रों से धान की उठान रोक दी है। इससे खरीद के लिए खोले गए 40 क्रय केंद्रों पर 5731 मीट्रिक टन (एमटी) धान डंप है। केंद्रों के गोदाम बोरियों से भरे हैं। जगह न होने से किसानों को केंद्रों से लौटाया जा रहा है। खरीद शुरू होने के ढाई माह में लक्ष्य के सापेक्ष 32.74 फीसदी ही खरीद हो सकी है। हालांकि जिला खाद्य विपणन अधिकारी का कहना है कि चावल मिलने लगा है और इसे मिल संचालकों को दिया जा रहा है। जल्द ही धान की शत प्रतिशत उठान करा दी जाएगी।
फोटो-11-बांगरमऊ नवीन मंडल परिसर में संचालित केंद्र में तिरपाल से ढके धान के बोरे। संवाद
केस-1 बांगरमऊ मंडी के केंद्र पर खरीद 48 प्रतिशत, उठान शून्य
बांगरमऊ। नवीन मंडी परिसर में संचालित मंडी प्रथम सेंटर में एक हजार एमटी लक्ष्य के सापेक्ष 48 एमटी की खरीद हो गई है। हालांकि उठान न होने से परिसर में ही धान पड़ा है। मंडी द्वितीय केंद्र पर 1500 एमटी के सापेक्ष 323.8 एमटी की खरीद हुई है। केवल 40 एमटी धान का ही उठान हो पाया है। शेष धान मंडी परिसर में ही तिरपाल के नीचे पड़ा है।
फोटो-12-फतेहपुर चौरासी के कालीमिट्टी केंद्र पर रखा धान व मौजूद प्रभारी। संवाद
केस-2
धान उठान में मिलर की आनाकानी से किसानों की परेशानी बढ़ी
फतेहपुर चौरासी। कालीमिट्टी में संचालित राजकीय धान क्रय केंद्र पर तीन हजार एमटी लक्ष्य के सापेक्ष 1350 एमटी की ही खरीद हो पाई है। यहां पर 463 एमटी धान उठान न होने से केंद्र पर ही रखा हुआ है। विपणन निरीक्षक सुषमा द्विवेदी का कहना है कि मिलर धान उठान में आनाकानी कर रहे हैं। हालांकि खुले बाजार में रेट 1800 और सरकारी 2369 रुपये प्रति क्विंटल है। इसलिए किसान केंद्र पर आ रहे हैं।
फोटो-13-हरौनी शमसुद्दीनपुर केंद्र के गोदाम पर रखे बोरे। संवाद
केस-3 हसनगंज के हरौनी शमसुद्दीनपुर केंद्र में उठान न होने से खरीद प्रभावित
हसनगंज। तहसील क्षेत्र के हरौनी शमसुद्दीनपुर गांव में खुले क्रय केंद्र पर 2400 एमटी लक्ष्य के सापेक्ष 500 एमटी की ही खरीद हो सकी है। इसमें से 160 एमटी धान अभी भी केंद्र पर डंप है। सचिव आनंद कुमार गुप्ता ने बताया कि धान की उठान न हो पाने से खरीद प्रभावित हो रही है।
फोटो-14-औरास के सीमऊ केंद्र पर खरीद न होने से पसरा सन्नाटा। संवाद
केस-4
पुरवा के चार केंद्रों पर 393.7 एमटी धान डंप
पुरवा/औरास। क्षेत्र में पीसीएफ समेत चार धान खरीद केंद्र खुले हैं। साधन सहकारी समिति बेहटा भवानी में 202.3 एमटी खरीद और 72 एमटी ही उठान हो पाई है। दरेहटा में 253.2 एमटी के सापेक्ष 109 एमटी धान डंप है। पीसीएफ तुसरौर में 267.5 एमटी खरीद के सापेक्ष उठान मात्र 189.9 एमटी की ही हो सकी है। चमियानी में 185.8 एमटी खरीद के सापेक्ष 109 एमटी धान की उठान हो पाई है। वहीं औरास के सीमऊ गांव में खुला धान क्रय केंद्र सन्नाटे में है।
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खरीद एक नजर में
धान खरीद प्रारंभ-एक नवंबर
क्रय केंद्र-40
लक्ष्य-35 हजार एमटी
खरीद-11,462 एमटी
कुल पंजीकृत किसान-5353
उपज बेचने वाले किसान-2367
भुगतान पाने वाले किसान-2100
खरीद के इंतजार में किसान-2986
केंद्रों में डंप धान-5731 एमटी
खरीद की समय सीमा-28 फरवरी
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फोर्टिफाइड चावल का महत्व
जिला खाद्य विपणन अधिकारी संतोष कुमार यादव ने बताया कि फोर्टिफाइड चावल में आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन बी-12 जैसे आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व मिलाए जाते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य कुपोषण और सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी से लड़ना है। शासन की ओर से मिल संचालकों को यह चावल उपलब्ध कराया जाता है जिसे वे धान से बने सामान्य चावल में मिलाकर एफसीआई में जमा करते हैं।
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शासन की गाइडलाइन के अनुसार जो मिलर धान से 67 प्रतिशत चावल बनाकर देते हैं उन्हें प्रति 100 किलोग्राम चावल पर एक किलोग्राम फोर्टिफाइड चावल दिया जाता है। जिले में फोर्टिफाइड चावल बनाने वाली केवल एक ही फैक्टरी है जो चार मंडलों के लगभग 15-16 जिलों को आपूर्ति करती है। इस कारण फोर्टिफाइड चावल की आपूर्ति में देरी हुई। वर्तमान में बांगरमऊ की चार मिलों को 30-30 क्विंटल और शहर क्षेत्र की चार मिलों को 45-45 क्विंटल फोर्टिफाइड चावल उपलब्ध करा दिया गया है। इससे मिल संचालकों ने धान की उठान शुरू कर दी है।
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फोटो-11-बांगरमऊ नवीन मंडल परिसर में संचालित केंद्र में तिरपाल से ढके धान के बोरे। संवाद
केस-1 बांगरमऊ मंडी के केंद्र पर खरीद 48 प्रतिशत, उठान शून्य
बांगरमऊ। नवीन मंडी परिसर में संचालित मंडी प्रथम सेंटर में एक हजार एमटी लक्ष्य के सापेक्ष 48 एमटी की खरीद हो गई है। हालांकि उठान न होने से परिसर में ही धान पड़ा है। मंडी द्वितीय केंद्र पर 1500 एमटी के सापेक्ष 323.8 एमटी की खरीद हुई है। केवल 40 एमटी धान का ही उठान हो पाया है। शेष धान मंडी परिसर में ही तिरपाल के नीचे पड़ा है।
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फोटो-12-फतेहपुर चौरासी के कालीमिट्टी केंद्र पर रखा धान व मौजूद प्रभारी। संवाद
केस-2
धान उठान में मिलर की आनाकानी से किसानों की परेशानी बढ़ी
फतेहपुर चौरासी। कालीमिट्टी में संचालित राजकीय धान क्रय केंद्र पर तीन हजार एमटी लक्ष्य के सापेक्ष 1350 एमटी की ही खरीद हो पाई है। यहां पर 463 एमटी धान उठान न होने से केंद्र पर ही रखा हुआ है। विपणन निरीक्षक सुषमा द्विवेदी का कहना है कि मिलर धान उठान में आनाकानी कर रहे हैं। हालांकि खुले बाजार में रेट 1800 और सरकारी 2369 रुपये प्रति क्विंटल है। इसलिए किसान केंद्र पर आ रहे हैं।
फोटो-13-हरौनी शमसुद्दीनपुर केंद्र के गोदाम पर रखे बोरे। संवाद
केस-3 हसनगंज के हरौनी शमसुद्दीनपुर केंद्र में उठान न होने से खरीद प्रभावित
हसनगंज। तहसील क्षेत्र के हरौनी शमसुद्दीनपुर गांव में खुले क्रय केंद्र पर 2400 एमटी लक्ष्य के सापेक्ष 500 एमटी की ही खरीद हो सकी है। इसमें से 160 एमटी धान अभी भी केंद्र पर डंप है। सचिव आनंद कुमार गुप्ता ने बताया कि धान की उठान न हो पाने से खरीद प्रभावित हो रही है।
फोटो-14-औरास के सीमऊ केंद्र पर खरीद न होने से पसरा सन्नाटा। संवाद
केस-4
पुरवा के चार केंद्रों पर 393.7 एमटी धान डंप
पुरवा/औरास। क्षेत्र में पीसीएफ समेत चार धान खरीद केंद्र खुले हैं। साधन सहकारी समिति बेहटा भवानी में 202.3 एमटी खरीद और 72 एमटी ही उठान हो पाई है। दरेहटा में 253.2 एमटी के सापेक्ष 109 एमटी धान डंप है। पीसीएफ तुसरौर में 267.5 एमटी खरीद के सापेक्ष उठान मात्र 189.9 एमटी की ही हो सकी है। चमियानी में 185.8 एमटी खरीद के सापेक्ष 109 एमटी धान की उठान हो पाई है। वहीं औरास के सीमऊ गांव में खुला धान क्रय केंद्र सन्नाटे में है।
खरीद एक नजर में
धान खरीद प्रारंभ-एक नवंबर
क्रय केंद्र-40
लक्ष्य-35 हजार एमटी
खरीद-11,462 एमटी
कुल पंजीकृत किसान-5353
उपज बेचने वाले किसान-2367
भुगतान पाने वाले किसान-2100
खरीद के इंतजार में किसान-2986
केंद्रों में डंप धान-5731 एमटी
खरीद की समय सीमा-28 फरवरी
फोर्टिफाइड चावल का महत्व
जिला खाद्य विपणन अधिकारी संतोष कुमार यादव ने बताया कि फोर्टिफाइड चावल में आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन बी-12 जैसे आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व मिलाए जाते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य कुपोषण और सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी से लड़ना है। शासन की ओर से मिल संचालकों को यह चावल उपलब्ध कराया जाता है जिसे वे धान से बने सामान्य चावल में मिलाकर एफसीआई में जमा करते हैं।
शासन की गाइडलाइन के अनुसार जो मिलर धान से 67 प्रतिशत चावल बनाकर देते हैं उन्हें प्रति 100 किलोग्राम चावल पर एक किलोग्राम फोर्टिफाइड चावल दिया जाता है। जिले में फोर्टिफाइड चावल बनाने वाली केवल एक ही फैक्टरी है जो चार मंडलों के लगभग 15-16 जिलों को आपूर्ति करती है। इस कारण फोर्टिफाइड चावल की आपूर्ति में देरी हुई। वर्तमान में बांगरमऊ की चार मिलों को 30-30 क्विंटल और शहर क्षेत्र की चार मिलों को 45-45 क्विंटल फोर्टिफाइड चावल उपलब्ध करा दिया गया है। इससे मिल संचालकों ने धान की उठान शुरू कर दी है।

फोटो-11-बांगरमऊ नवीन मंडल परिसर में संचालित केंद्र में तिरपाल से ढके धान के बोरे। संवाद

फोटो-11-बांगरमऊ नवीन मंडल परिसर में संचालित केंद्र में तिरपाल से ढके धान के बोरे। संवाद

फोटो-11-बांगरमऊ नवीन मंडल परिसर में संचालित केंद्र में तिरपाल से ढके धान के बोरे। संवाद
