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Unnao News: चकलवंशी के रसगुल्ले और कचौड़ी गली के समोसे को मिलेगी वैश्विक पहचान

Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 18 Jan 2026 12:30 AM IST
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फोटो-23-कड़ाही में रखे चकलवंशी के मटके वाले रसगुल्ले। संवाद
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उन्नाव। प्रदेश सरकार की ‘एक जिला एक व्यंजन’ (ओडीओसी) योजना के तहत चकलवंशी के रसगुल्ले और कचौड़ी गली के समोसे को वैश्विक पहचान दिलाने की तैयारी है। उद्योग विभाग ने दोनों प्रसिद्ध खाद्य पदार्थों का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है। उपायुक्त उद्योग करुणा राय ने कहा कि दोनों व्यंजनों का चयन होने से इन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सकेगी।
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‘एक जिला एक उत्पाद’ (ओडीओपी) की तर्ज पर शुरू की जा रही ‘एक जिला एक व्यंजन’ (ओडीओसी) योजना का मुख्य उद्देश्य हर जिले के खास व्यंजनों को पहचान दिलाना है। जिले से चकलवंशी के रसगुल्ले और कचौड़ी गली के समोसे का चयन किया गया है। शासन के निर्देश पर उद्योग विभाग ने दोनों व्यंजनों के प्रस्ताव को अंतिम रूप देकर भेज दिया है। उपायुक्त उद्योग करुणा राय के अनुसार यह प्रस्ताव शासनादेश के अनुरूप है और इसके चयन की पूरी उम्मीद है।
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दिलाया जाएगा एफएसएसएआई प्रमाणपत्र
चयनित व्यंजनों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे। सबसे पहले भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) से इन व्यंजनों का प्रमाणीकरण कराया जाएगा जिससे विदेशी बाजारों में इनकी बिक्री आसान हो सके। इसके अतिरिक्त, व्यापारियों को भारतीय पैकेजिंग संस्थान के माध्यम से आधुनिक पैकिंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फूड फेयर में इन व्यंजनों के प्रचार-प्रसार की भी व्यवस्था की जाएगी।


व्यापारियों को मिलेगी सब्सिडी, ब्रांडिंग भी होगी
कारोबार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संबंधित व्यापारियों को 25 प्रतिशत सब्सिडी पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। यह सुविधा छोटे और मध्यम उद्यमियों को वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। ओडीओसी योजना का लक्ष्य केवल व्यंजनों को सुरक्षित रखना नहीं है, बल्कि उन्हें एक ब्रांड के रूप में स्थापित करना भी है। चयनित व्यंजनों की आधुनिक पैकेजिंग से गुणवत्ता सुनिश्चित की जाएगी। इनके विपणन (मार्केटिंग) और ब्रांडिंग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही, इन विशिष्ट व्यंजनों को जीआई (जियोग्राफिकल इंडिकेशन) टैगिंग भी दिलाई जाएगी, जो उनकी प्रामाणिकता और विशिष्टता को प्रमाणित करेगा। इससे उन्नाव के पारंपरिक व्यंजन केवल प्रदेश या देश तक सीमित न रहकर, विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना पाएंगे।

फोटो-23-कड़ाही में रखे चकलवंशी के मटके वाले रसगुल्ले। संवाद

फोटो-23-कड़ाही में रखे चकलवंशी के मटके वाले रसगुल्ले। संवाद

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