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Unnao News: प्रधान ने हड़पी साढ़े सात लाख मजदूरी, अधिकार सीज
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उन्नाव। विकास खंड सफीपुर की ग्राम पंचायत पीखी के प्रधान हसीबुद्दीन ने मनरेगा मजदूरों की मजदूरी के 7.60 लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए। जांच में पुष्टि होने के बाद जिलाधिकारी ने प्रधान के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए हैं। इसके साथ ही ग्राम पंचायत के खातों के संचालन के लिए तीन सदस्यीय टीम भी गठित की है।
पीखी गांव के मेराज ने जिलाधिकारी से प्रधान के खिलाफ मजदूरों की मजदूरी हड़पने की शिकायत की थी। जिलाधिकारी ने जिला विकास अधिकारी और एक्सईएन आरईडी को जांच सौंपी। अधिकारियों ने गांव में सत्यापन किया। जांच में सामने आया कि पंचायत भवन निर्माण में मिट्टी भरान और मजदूरी का 9.19 लाख रुपये का भुगतान होना था। अभिलेखों और ग्राम स्वराज्य पोर्टल के आंकड़ों से पता चला कि इसमें से 7.60 लाख रुपये प्रधान हसीबुद्दीन ने अपने खाते में ले लिए।
जांच रिपोर्ट मिलने पर जिलाधिकारी गौरांग राठी ने प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी किया। प्रधान का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसी आधार पर जिलाधिकारी ने प्रधान हसीबुद्दीन के अधिकार सीज कर दिए। जिलाधिकारी ने दोषी पाए गए तत्कालीन सचिव और एक अन्य ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं।
खातों के संचालन के लिए बनाई टीम
डीपीआरओ आलोक सिन्हा ने बताया कि प्रधान के अधिकार सीज होने के बाद यह टीम बनाई गई है। जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत के खातों के संचालन के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की है। इसमें ग्राम पंचायत सदस्य हसरतुन, रजनी और बबली शामिल हैं। हसरतुन टीम की प्रमुख होंगी। यह टीम ग्राम पंचायत के वित्तीय कार्यों की देखरेख करेगी। इसके साथ ही मामले की अंतिम जांच जिला लेखा परीक्षा अधिकारी सहकारी समितियां एवं पंचायतें लेखा परीक्षा को दी गई है।
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पीखी गांव के मेराज ने जिलाधिकारी से प्रधान के खिलाफ मजदूरों की मजदूरी हड़पने की शिकायत की थी। जिलाधिकारी ने जिला विकास अधिकारी और एक्सईएन आरईडी को जांच सौंपी। अधिकारियों ने गांव में सत्यापन किया। जांच में सामने आया कि पंचायत भवन निर्माण में मिट्टी भरान और मजदूरी का 9.19 लाख रुपये का भुगतान होना था। अभिलेखों और ग्राम स्वराज्य पोर्टल के आंकड़ों से पता चला कि इसमें से 7.60 लाख रुपये प्रधान हसीबुद्दीन ने अपने खाते में ले लिए।
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जांच रिपोर्ट मिलने पर जिलाधिकारी गौरांग राठी ने प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी किया। प्रधान का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसी आधार पर जिलाधिकारी ने प्रधान हसीबुद्दीन के अधिकार सीज कर दिए। जिलाधिकारी ने दोषी पाए गए तत्कालीन सचिव और एक अन्य ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं।
खातों के संचालन के लिए बनाई टीम
डीपीआरओ आलोक सिन्हा ने बताया कि प्रधान के अधिकार सीज होने के बाद यह टीम बनाई गई है। जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत के खातों के संचालन के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की है। इसमें ग्राम पंचायत सदस्य हसरतुन, रजनी और बबली शामिल हैं। हसरतुन टीम की प्रमुख होंगी। यह टीम ग्राम पंचायत के वित्तीय कार्यों की देखरेख करेगी। इसके साथ ही मामले की अंतिम जांच जिला लेखा परीक्षा अधिकारी सहकारी समितियां एवं पंचायतें लेखा परीक्षा को दी गई है।