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Unnao News: फसल बीमा कंपनी से 696 किसानों ने मांगा मुआवजा
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फोटो-15-सफीपुर के अतहा में भीगी फसल को सुखाने के लिए खेत में फैलाते किसान। संवाद
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उन्नाव। जिले में दो से सात अप्रैल के बीच आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को तगड़ा नुकसान हुआ है। 696 किसानों ने गेहूं और सरसों की फसल को नुकसान की शिकायत कर फसल बीमा कंपनी से मुआवजा मांगा है।
कृषि विभाग ने किसानों को 72 घंटे के भीतर नुकसान की जानकारी देने के लिए टोल फ्री नंबर 14447 जारी किया था। किसानों ने बताया कि बारिश से खेतों में पकी खड़ी और कटी पड़ी गेहूं की फसल का रंग काला पड़ने लगा है। दाने बदरंग हो गए हैं जिससे गुणवत्ता प्रभावित हुई है। इस कारण उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाएगा।
इसके अतिरिक्त सरसों की कटी पड़ी फसल भीगने से पैदावार में कमी आने की आशंका है। कई किसानों की फसलें खेतों में ही सड़ने लगी हैं। बदले मौसम के कारण कटी हुई फसल के बोझ सूख नहीं पा रहे हैं। किसानों ने फसल बीमा कंपनी से जल्द से जल्द मुआवजा दिलाने की अपील की है। सरकार से भी मदद की गुहार लगाई है।
आम की फसल को नुकसान
गंजमुरादाबाद क्षेत्र में आम की फसल पर भी मौसम की मार पड़ी है। ब्लासम ब्लाइट रोग से ग्रसित अमिया आंधी के कारण झड़ रही है। इस समय अमिया मक्के के दाने से बड़ी हो चुकी है। अब तक बागों में करीब 20 फीसदी अमिया गिर चुकी है। राजकीय कृषि बीज भंडार कार्यालय प्रभारी मुकेश सिंह ने बताया कि बागवानों को बौर के दौरान बागों की सिंचाई और कीटनाशक का छिड़काव नहीं करना चाहिए था। उन्होंने बागवानों को सही मौसम के बाद अमिया बचाने के उपाय करने की सलाह दी है।
पानी भरने से सड़ने लगी कटी गेहूं की फसल
अचलगंज में बार-बार बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को नुकसान की संभावना है। खेतों में कटी पड़ी फसल पानी भरने से सड़ने की कगार पर पहुंच गई है। बदले मौसम के कारण फसल के बोझ सूख नहीं पा रहे हैं। सफीपुर के अतहा गांव में भी किसान भारी परेशानी में हैं। चेतराम और जगतपाल जैसे किसानों ने बताया कि खेतों पर कटे पड़े बोझ भीग गए हैं। उन्हें इन बोझों को फिर से सुखाना पड़ रहा है जिससे अतिरिक्त श्रम लग रहा है। भीगने से गेहूं के रंग पर बुरा प्रभाव पड़ेगा, जिससे मूल्य कम मिलेगा। पुरवा तहसील क्षेत्र के अगनुवाखेड़ा निवासी किसान पीयूष पटेल की आठ बीघा गेहूं की फसल गिर गई है। कायमपुर में भी फसलों को नुकसान पहुंचा है, जहां किसान शेरू खां की गेहूं की फसल भी प्रभावित हुई है।
सर्वे नहीं करने आए लेखपाल
हसनगंज में खेतों में कटी पड़ी गेहूं की फसल बारिश में भीग गई है। भांसी के किसान अनूप, इब्राहिमपुर के शिवम शुक्ला और कुलदीप सिंह प्रभावित हुए हैं। पप्पू, बाबूलाल और शिवनाथ जैसे अन्य किसानों को भी भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि अभी तक लेखपाल नुकसान का सर्वेक्षण करने गांव नहीं पहुंचे हैं। किसानों का कहना है कि एक-दो दिन में धूप निकलने पर सही आकलन नहीं हो पाएगा। किसानों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सर्वेक्षण कराने की मांग की है।
इसके अतिरिक्त, गंजमुरादाबाद में सात अप्रैल शाम आई तेज आंधी के दौरान एक होटल की झोपड़ी गिर गई। संचालक कन्हैया लाल का बेटा राकेश झोपड़ी में लेटा था जो बाल-बाल बच गया। बुधवार को क्षतिग्रस्त झोपड़ी को हटाया गया जिससे मार्ग सुचारु हो सका।
फोटो-18-अजमेरी खान
पांच बीघा गेहूं की फसल गिरी
पुरवा के कायमपुर निवासी किसान अजमेरी खान ने बताया कि ओलावृष्टि से करीब पांच बीघा गेहूं की फसल गिर गई है। करीब 50 हजार की लागत आई थी। अब लागत निकलना मुश्किल हो गया है।
फोटो-19-मूलचंद पाल
रंग काला पड़ने से बिक्री में आएगी समस्या
बांगरमऊ के ग्राम शिवपुरी निवासी मूलचंद पाल ने बताया कि एक सप्ताह से लगातार खराब मौसम व बारिश से खेतों में खड़ी गेहूं की फसल की कटाई तथा कटी पड़ी फसल की मड़ाई प्रभावित हो रही है। गेहूं का रंग काला पड़ने से बाजार में बेचने पर उचित मूल्य नहीं मिलेगा।
वर्जन....
फसल बीमा कंपनी को सर्वे के आदेश दे दिए गए हैं। सर्वे में करीब 15 दिन का समय लगेगा। इसके बाद ही नुकसान के आंकलन के आधार पर तैयार रिपोर्ट के जरिए मुआवजा तय किया जाएगा। -शशांक कुमार, जिला कृषि अधिकारी।
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कृषि विभाग ने किसानों को 72 घंटे के भीतर नुकसान की जानकारी देने के लिए टोल फ्री नंबर 14447 जारी किया था। किसानों ने बताया कि बारिश से खेतों में पकी खड़ी और कटी पड़ी गेहूं की फसल का रंग काला पड़ने लगा है। दाने बदरंग हो गए हैं जिससे गुणवत्ता प्रभावित हुई है। इस कारण उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाएगा।
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इसके अतिरिक्त सरसों की कटी पड़ी फसल भीगने से पैदावार में कमी आने की आशंका है। कई किसानों की फसलें खेतों में ही सड़ने लगी हैं। बदले मौसम के कारण कटी हुई फसल के बोझ सूख नहीं पा रहे हैं। किसानों ने फसल बीमा कंपनी से जल्द से जल्द मुआवजा दिलाने की अपील की है। सरकार से भी मदद की गुहार लगाई है।
आम की फसल को नुकसान
गंजमुरादाबाद क्षेत्र में आम की फसल पर भी मौसम की मार पड़ी है। ब्लासम ब्लाइट रोग से ग्रसित अमिया आंधी के कारण झड़ रही है। इस समय अमिया मक्के के दाने से बड़ी हो चुकी है। अब तक बागों में करीब 20 फीसदी अमिया गिर चुकी है। राजकीय कृषि बीज भंडार कार्यालय प्रभारी मुकेश सिंह ने बताया कि बागवानों को बौर के दौरान बागों की सिंचाई और कीटनाशक का छिड़काव नहीं करना चाहिए था। उन्होंने बागवानों को सही मौसम के बाद अमिया बचाने के उपाय करने की सलाह दी है।
पानी भरने से सड़ने लगी कटी गेहूं की फसल
अचलगंज में बार-बार बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को नुकसान की संभावना है। खेतों में कटी पड़ी फसल पानी भरने से सड़ने की कगार पर पहुंच गई है। बदले मौसम के कारण फसल के बोझ सूख नहीं पा रहे हैं। सफीपुर के अतहा गांव में भी किसान भारी परेशानी में हैं। चेतराम और जगतपाल जैसे किसानों ने बताया कि खेतों पर कटे पड़े बोझ भीग गए हैं। उन्हें इन बोझों को फिर से सुखाना पड़ रहा है जिससे अतिरिक्त श्रम लग रहा है। भीगने से गेहूं के रंग पर बुरा प्रभाव पड़ेगा, जिससे मूल्य कम मिलेगा। पुरवा तहसील क्षेत्र के अगनुवाखेड़ा निवासी किसान पीयूष पटेल की आठ बीघा गेहूं की फसल गिर गई है। कायमपुर में भी फसलों को नुकसान पहुंचा है, जहां किसान शेरू खां की गेहूं की फसल भी प्रभावित हुई है।
सर्वे नहीं करने आए लेखपाल
हसनगंज में खेतों में कटी पड़ी गेहूं की फसल बारिश में भीग गई है। भांसी के किसान अनूप, इब्राहिमपुर के शिवम शुक्ला और कुलदीप सिंह प्रभावित हुए हैं। पप्पू, बाबूलाल और शिवनाथ जैसे अन्य किसानों को भी भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि अभी तक लेखपाल नुकसान का सर्वेक्षण करने गांव नहीं पहुंचे हैं। किसानों का कहना है कि एक-दो दिन में धूप निकलने पर सही आकलन नहीं हो पाएगा। किसानों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सर्वेक्षण कराने की मांग की है।
इसके अतिरिक्त, गंजमुरादाबाद में सात अप्रैल शाम आई तेज आंधी के दौरान एक होटल की झोपड़ी गिर गई। संचालक कन्हैया लाल का बेटा राकेश झोपड़ी में लेटा था जो बाल-बाल बच गया। बुधवार को क्षतिग्रस्त झोपड़ी को हटाया गया जिससे मार्ग सुचारु हो सका।
फोटो-18-अजमेरी खान
पांच बीघा गेहूं की फसल गिरी
पुरवा के कायमपुर निवासी किसान अजमेरी खान ने बताया कि ओलावृष्टि से करीब पांच बीघा गेहूं की फसल गिर गई है। करीब 50 हजार की लागत आई थी। अब लागत निकलना मुश्किल हो गया है।
फोटो-19-मूलचंद पाल
रंग काला पड़ने से बिक्री में आएगी समस्या
बांगरमऊ के ग्राम शिवपुरी निवासी मूलचंद पाल ने बताया कि एक सप्ताह से लगातार खराब मौसम व बारिश से खेतों में खड़ी गेहूं की फसल की कटाई तथा कटी पड़ी फसल की मड़ाई प्रभावित हो रही है। गेहूं का रंग काला पड़ने से बाजार में बेचने पर उचित मूल्य नहीं मिलेगा।
वर्जन....
फसल बीमा कंपनी को सर्वे के आदेश दे दिए गए हैं। सर्वे में करीब 15 दिन का समय लगेगा। इसके बाद ही नुकसान के आंकलन के आधार पर तैयार रिपोर्ट के जरिए मुआवजा तय किया जाएगा। -शशांक कुमार, जिला कृषि अधिकारी।

फोटो-15-सफीपुर के अतहा में भीगी फसल को सुखाने के लिए खेत में फैलाते किसान। संवाद