असोहा। विकास खंड सभागार में निजी कंपनी की ओर से लगाए गए रोजगार मेले में एकमात्र चयनित अभ्यर्थी ने प्रशिक्षण के लिए दस हजार रुपये जमा करने की मांग पर नौकरी करने से इन्कार कर दिया। वहीं जिला सेवायोजन अधिकारी का कहना है कि कंपनी द्वारा 15 दिन का प्रशिक्षण व वर्दी आदि दी जाती है। इसके एवज में यह पैसा लिया जाता है।
शनिवार को ब्लॉक मुख्यालय पर जिला रोजगार कार्यालय के सहयोग से जीडीएक्स ग्रुप नोएडा की ओर से रोजगार मेले का आयोजन किया गया। पर्याप्त प्रचार-प्रसार के अभाव में केवल सात अभ्यर्थी ही मेले में पहुंचे। शैक्षिक अभिलेखों की जांच व साक्षात्कार के बाद ब्लॉक के समाधा निवासी विजय बहादुर को कंपनी ने सुरक्षा गार्ड पद के लिए चयनित किया गया। कंपनी ने जब 15 दिन के प्रशिक्षण के एवज में दस हजार रुपये जमा करने की बात कही तो विजय बहादुर ने नौकरी छोड़ने की बात कही। विजय बहादुर ने बताया कि कंपनी के अधिकारियों ने 10 हजार रुपये जमा करने की बात कही जबकि वह अभी नौकरी शुरू करने जा रहा है। उसके पास पैसा नहीं है। उसने नौकरी न करने का फैसला किया। उधर, जिला सेवायोजन अधिकारी प्रीती चंद्रा का कहना है कि कंपनी प्रशिक्षण के साथ वर्दी, जूते व अन्य सामान देती है। पूर्व में आई कंपनियों के पदाधिकारियों ने बताया था कि चयनित युवा प्रशिक्षण के बाद वर्दी, जूते मिलते ही वहां से चले आते थे। इससे कंपनियों को नुकसान होता था। इसके बाद ही कंपनियों द्वारा दस हजार रुपये जमा कराने की व्यवस्था शुरू की गई है।