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Unnao News: जनगणना का पहला चरण पूरा, 10.66 लाख मकानों का सूचीकरण
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फोटो-7-जनगणना के पहले चरण में लोगों को जानकारी देते प्रगणक। स्रोत: आर्काइव।
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उन्नाव। जनपद में जनगणना का पहला चरण पूरा हो गया है। इस दौरान मकानों के सूचीकरण व चिह्नांकन की प्रक्रिया पूरी कराई गई है। इसमें 10 लाख से अधिक मकानों का सूचीकरण हुआ है। इसकी ऑनलाइन फीडिंग का काम भी पूरा कर लिया गया है। दूसरा चरण अगले साल फरवरी में शुरू होगा।
पिछली बार वर्ष 2011 में जनगणना हुई थी। नियमानुसार हर दस साल में जनगणना होना चाहिए लेकिन इस बार 15 साल बाद शुरू हुई है। इसकी पूरी प्रक्रिया डिजिटल है। जनगणना से पहले सात मई से 21 मई के बीच स्वगणना हुई थी। करीब 53 हजार लोगों ने घर बैठे मोबाइल व लैपटॉप से जानकारी पोर्टल पर अपलोड की थी। इसके बाद 22 मई से जनगणना का पहला चरण शुरू हुआ था। इसमें मकानों का सूचीकरण व चिह्नांकन करना था। इसके लिए जनपद में 5927 ब्लॉक बनाए गए थे। प्रत्येक ब्लॉक में करीब 180 घरों को रखा गया था।
कलक्ट्रेट सूत्रों के मुताबिक, गणना में लगभग 10.66 लाख मकानों को सूचीबद्ध किया गया है। इस दौरान फौरी तौर पर घर के सदस्यों की संख्या की भी जानकारी एकत्रित की गई है। सूत्र बताते हैं कि मकान सूचीकरण के दौरान ही जनपद की जनसंख्या का भी करीब 42 लाख का आंकड़ा सामने आया है। हालांकि जिला प्रशासन ने इसे गोपनीय रखा हुआ है। बताया जा रहा है कि अभी सरकार द्वारा ही आंकड़े जारी करने से रोका गया है।
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इंसेट-1
सूचीकरण में पूछे गए थे 33 सवाल
मकान नंबर, निर्माण सामग्री (फर्श, दीवार, छत), मकान का उपयोग और स्थिति, परिवार और सदस्यों की संख्या, मुखिया का नाम, सामाजिक वर्ग, पानी, बिजली, शौचालय, रसोई की सुविधा, गैस कनेक्शन, मोबाइल फोन, इंटरनेट, टीवी, कंप्यूटर, वाहन, घर में उपयोग होने वाला मुख्य अनाज और मोबाइल नंबर आदि।
इंसेट-2
जनगणना का दूसरा चरण अगले साल फरवरी में
जनगणना दो चरणों में पूरी होनी है। पहले चरण में 20 जून तक मकानों का सूचीकरण किया गया है। घर की सुविधाओं (बिजली, पानी, वाहन आदि) पर 33 सवालों के जवाब लिए गए हैं। अब दूसरा चरण फरवरी 2027 में होगा। इसमें व्यक्तियों की असल गिनती होगी।
वर्जन...
जनगणना का पहला चरण पूरा हो गया है। सभी की ऑनलाइन फीडिंग भी हो गई है। जिले में तय समय से पहले ही काम पूरा कर लिया गया था। हालांकि मकानों के सूचीकरण के आंकड़े जारी करने पर अभी रोक है। इस पर उच्चाधिकारी ही निर्णय लेंगे।
उमाशंकर, जिला जनगणना पर्यवेक्षक।
पिछली बार वर्ष 2011 में जनगणना हुई थी। नियमानुसार हर दस साल में जनगणना होना चाहिए लेकिन इस बार 15 साल बाद शुरू हुई है। इसकी पूरी प्रक्रिया डिजिटल है। जनगणना से पहले सात मई से 21 मई के बीच स्वगणना हुई थी। करीब 53 हजार लोगों ने घर बैठे मोबाइल व लैपटॉप से जानकारी पोर्टल पर अपलोड की थी। इसके बाद 22 मई से जनगणना का पहला चरण शुरू हुआ था। इसमें मकानों का सूचीकरण व चिह्नांकन करना था। इसके लिए जनपद में 5927 ब्लॉक बनाए गए थे। प्रत्येक ब्लॉक में करीब 180 घरों को रखा गया था।
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कलक्ट्रेट सूत्रों के मुताबिक, गणना में लगभग 10.66 लाख मकानों को सूचीबद्ध किया गया है। इस दौरान फौरी तौर पर घर के सदस्यों की संख्या की भी जानकारी एकत्रित की गई है। सूत्र बताते हैं कि मकान सूचीकरण के दौरान ही जनपद की जनसंख्या का भी करीब 42 लाख का आंकड़ा सामने आया है। हालांकि जिला प्रशासन ने इसे गोपनीय रखा हुआ है। बताया जा रहा है कि अभी सरकार द्वारा ही आंकड़े जारी करने से रोका गया है।
इंसेट-1
सूचीकरण में पूछे गए थे 33 सवाल
मकान नंबर, निर्माण सामग्री (फर्श, दीवार, छत), मकान का उपयोग और स्थिति, परिवार और सदस्यों की संख्या, मुखिया का नाम, सामाजिक वर्ग, पानी, बिजली, शौचालय, रसोई की सुविधा, गैस कनेक्शन, मोबाइल फोन, इंटरनेट, टीवी, कंप्यूटर, वाहन, घर में उपयोग होने वाला मुख्य अनाज और मोबाइल नंबर आदि।
इंसेट-2
जनगणना का दूसरा चरण अगले साल फरवरी में
जनगणना दो चरणों में पूरी होनी है। पहले चरण में 20 जून तक मकानों का सूचीकरण किया गया है। घर की सुविधाओं (बिजली, पानी, वाहन आदि) पर 33 सवालों के जवाब लिए गए हैं। अब दूसरा चरण फरवरी 2027 में होगा। इसमें व्यक्तियों की असल गिनती होगी।
वर्जन...
जनगणना का पहला चरण पूरा हो गया है। सभी की ऑनलाइन फीडिंग भी हो गई है। जिले में तय समय से पहले ही काम पूरा कर लिया गया था। हालांकि मकानों के सूचीकरण के आंकड़े जारी करने पर अभी रोक है। इस पर उच्चाधिकारी ही निर्णय लेंगे।
उमाशंकर, जिला जनगणना पर्यवेक्षक।