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Unnao News: ई-रजिस्ट्री का दूसरे दिन भी किया विरोध
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उन्नाव/बांगरमऊ। ई-रजिस्ट्री की अनिवार्यता को लेकर स्टांप वेंडरों का धरना प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहा। स्टांप वेंडरों व दस्तावेज नवीस के सहयोग में तहसील अधिवक्ता हड़ताल पर रहे।
वरिष्ठ अधिवक्ता राम भरोसे वर्मा, रमेश द्विवेदी, मुजम्मिल अहमद, आदित्य तिवारी, सूर्यकांत द्विवेदी, महमूद आलम और दस्तावेज नवीस मोहम्मद खालिद,आफाक अहमद व स्टांप वेंडर अमन तिवारी ने कहा कि नए नियमों के तहत अब बैनामा, वसीयतनामा, हिबानामा समेत अन्य दस्तावेजों के लिए दस्तावेज नवीस की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। साथ ही वेंडर से स्टांप खरीदने तथा दस्तावेजों की फोटोकॉपी कराने की आवश्यकता भी नहीं रहेगी।
शासन की नई व्यवस्था के अनुसार, आम नागरिक किसी भी लोकवाणी केंद्र पर जाकर ऑनलाइन माध्यम से भूमि की खरीद-फरोख्त और संबंधित दस्तावेजों का पंजीकरण करा सकेंगे। इस निर्णय को लेकर दस्तावेज नवीसों, स्टांप वेंडरों तथा अधिवक्ताओं में नाराजगी है। सभी ने सरकार से नए नियम को तत्काल वापस लेने की मांग की। बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकांश लोग अभी भी ऑनलाइन प्रक्रियाओं से पूरी तरह परिचित नहीं हैं, ऐसे में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। कहा कि अगर शासन ने मांगों पर विचार नहीं किया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। हड़ताल के कारण तहसीलों में दस्तावेजों के पंजीकरण संबंधी कार्य भी प्रभावित रहे।
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वरिष्ठ अधिवक्ता राम भरोसे वर्मा, रमेश द्विवेदी, मुजम्मिल अहमद, आदित्य तिवारी, सूर्यकांत द्विवेदी, महमूद आलम और दस्तावेज नवीस मोहम्मद खालिद,आफाक अहमद व स्टांप वेंडर अमन तिवारी ने कहा कि नए नियमों के तहत अब बैनामा, वसीयतनामा, हिबानामा समेत अन्य दस्तावेजों के लिए दस्तावेज नवीस की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। साथ ही वेंडर से स्टांप खरीदने तथा दस्तावेजों की फोटोकॉपी कराने की आवश्यकता भी नहीं रहेगी।
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शासन की नई व्यवस्था के अनुसार, आम नागरिक किसी भी लोकवाणी केंद्र पर जाकर ऑनलाइन माध्यम से भूमि की खरीद-फरोख्त और संबंधित दस्तावेजों का पंजीकरण करा सकेंगे। इस निर्णय को लेकर दस्तावेज नवीसों, स्टांप वेंडरों तथा अधिवक्ताओं में नाराजगी है। सभी ने सरकार से नए नियम को तत्काल वापस लेने की मांग की। बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकांश लोग अभी भी ऑनलाइन प्रक्रियाओं से पूरी तरह परिचित नहीं हैं, ऐसे में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। कहा कि अगर शासन ने मांगों पर विचार नहीं किया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। हड़ताल के कारण तहसीलों में दस्तावेजों के पंजीकरण संबंधी कार्य भी प्रभावित रहे।