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Unnao News: परिचयपत्र लेकर ही जांच करने जाएंगे खाद्य सुरक्षा अधिकारी
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फोटो-31-जागरुकता संवाद कार्यक्रम में मौजूद खाद्य कारोबारी। स्रोत: विभागीय कर्मी
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उन्नाव। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने उन्नाव बाईपास स्थित गेस्ट हाउस में खाद्य कारोबारियों के लिए जागरूकता संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें थोक विक्रेताओं को बिल देने की अनिवार्यता बताई गई। फुटकर विक्रेताओं से कहा कि बिल जरूर लें। यह भी बताया कि अब विभागीय परिचय पत्र लेकर ही खाद्य सुरक्षा अधिकारी जांच करने जाएंगे।
जागरूकता संवाद कार्यक्रम में सदर, हसनगंज, गंगाघाट, बीघापुर, पुरवा, बांगरमऊ से होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई विक्रेता, बेकरी व किराना कारोबारी शामिल हुए। भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष अखिलेश अवस्थी ने आइसक्रीम विनिर्माण इकाई से 25 जून को जांच के दौरान पांच नमूने लेने का मामला रखा। मांग की कि कारोबारी के यहां से केवल एक नमूना ही लिया जाए। सहायक आयुक्त खाद्य लखनऊ मंडल विनीत कुमार पांडेय ने बताया कि इकाई में खाद्य पदार्थ का नमूना मानक अनुरूप ही लिया जाता है।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि खाद्य पदार्थ का नमूना लेना ठीक है लेकिन उसे नष्ट न कराया जाए। सहायक आयुक्त ने बताया कि नष्ट उन्हीं परिस्थितियों में कराया जाता है, जब टीम को भंडारित खाद्य पदार्थ अत्यधिक खराब मिलता है। उप्र उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष रजनीकांत श्रीवास्तव ने विभिन्न खाद्य कारोबारियों की समस्याओं को उठाया। खाद्य कारोबारी उमेश राठौर व बृजेश गुप्ता ने भी सैंपलों को लेकर सवाल किए।
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सहायक आयुक्त ने बताया कि सभी थोक विक्रेताओं, डिस्ट्रीब्यूटर को बिल देना जरूरी है और फुटकर विक्रेताओं को बिल लेना चाहिए। बताया कि अब विभाग के अधिकारी जब भी खाद्य कारोबार प्रतिष्ठान पर जांच के लिए आएंगे। उनके पास विभागीय परिचय पत्र रहेगा। इस दौरान सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय प्रियंका सिंह, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी शैलेश दीक्षित, खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेंद्र प्रसाद आदि मौजूद रहे।
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जागरूकता संवाद कार्यक्रम में सदर, हसनगंज, गंगाघाट, बीघापुर, पुरवा, बांगरमऊ से होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई विक्रेता, बेकरी व किराना कारोबारी शामिल हुए। भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष अखिलेश अवस्थी ने आइसक्रीम विनिर्माण इकाई से 25 जून को जांच के दौरान पांच नमूने लेने का मामला रखा। मांग की कि कारोबारी के यहां से केवल एक नमूना ही लिया जाए। सहायक आयुक्त खाद्य लखनऊ मंडल विनीत कुमार पांडेय ने बताया कि इकाई में खाद्य पदार्थ का नमूना मानक अनुरूप ही लिया जाता है।
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जिलाध्यक्ष ने कहा कि खाद्य पदार्थ का नमूना लेना ठीक है लेकिन उसे नष्ट न कराया जाए। सहायक आयुक्त ने बताया कि नष्ट उन्हीं परिस्थितियों में कराया जाता है, जब टीम को भंडारित खाद्य पदार्थ अत्यधिक खराब मिलता है। उप्र उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष रजनीकांत श्रीवास्तव ने विभिन्न खाद्य कारोबारियों की समस्याओं को उठाया। खाद्य कारोबारी उमेश राठौर व बृजेश गुप्ता ने भी सैंपलों को लेकर सवाल किए।
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सहायक आयुक्त ने बताया कि सभी थोक विक्रेताओं, डिस्ट्रीब्यूटर को बिल देना जरूरी है और फुटकर विक्रेताओं को बिल लेना चाहिए। बताया कि अब विभाग के अधिकारी जब भी खाद्य कारोबार प्रतिष्ठान पर जांच के लिए आएंगे। उनके पास विभागीय परिचय पत्र रहेगा। इस दौरान सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय प्रियंका सिंह, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी शैलेश दीक्षित, खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेंद्र प्रसाद आदि मौजूद रहे।