{"_id":"6a4563afd6be8951ad00f464","slug":"unnao-news-unnao-news-c-221-1-sknp1055-153111-2026-07-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Unnao News: न खुले ग्राम सचिवालयों के ताले और न ही पहुंचे लेखपाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Unnao News: न खुले ग्राम सचिवालयों के ताले और न ही पहुंचे लेखपाल
विज्ञापन
फोटो-33-हसनगंज के रामपुर अखौली के सचिवालय में लटकता ताला। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उन्नाव। एक जुलाई से लेखपालों के ग्राम सचिवालयों (पंचायत भवन) में बैठने का शासनादेश धरातल पर फेल नजर आया। कहीं सचिवालयों के ताले नहीं खुले तो कहीं लेखपाल ही नहीं पहुंचे। एडीएम का कहना है कि अभी रोस्टर तैयार कराया जा रहा है। इसके बाद लेखपाल सचिवालयों में बैठने लगेंगे।
ग्रामीणों की सुविधाओं के लिए शासन ने लेखपालों को ग्राम सचिवालयों में बैठने के आदेश जारी किए हैं। एक जुलाई से आदेश को अमलीजामा पहनाया जाना था लेकिन पहले ही दिन यह धरातल पर फेल नजर आया। हसनगंज एसडीएम कार्यालय से मात्र 150 मीटर की दूरी पर हसनगंज पंचायत भवन में सुबह 11 बजे ताला लटकता मिला। 10:35 बजे तक निमादपुर गांव के पंचायत भवन का ताला नहीं खुला था। यहां लेखपाल, सचिव की बात छोड़िए पंचायत सहायक तक नहीं पहुंचे थे। 10:40 बजे रामपुर अखौली गांव के पंचायत भवन में ताला लटका था। इसके अलावा चांदपुर झलिहई, झलोतर, नवई, लखनापुर व आदमपुर भांसी में भी ताले लटकते मिले।
बिछिया ब्लाॅक के ग्राम बदलीखेड़ा के पंचायत भवन में भी सुबह 11:06 बजे ताला लटका था। पुरवा तहसील प्रशासन द्वारा रोस्टर तैयार न कर पाने के कारण कोई भी लेखपाल पंचायत भवन में बैठने नहीं पहुंचा। ग्रामीणों में रमेश, अधीर सैनी व चंद्र शेखर द्विवेदी ने बताया कि पंचायत भवन में न लेखपाल मिले और ना ही पंचायत सहायक ही पहुंचे। इसके चलते जरूरी कार्य नहीं हो पाए और उनको मायूस होकर लौटना पड़ा। एडीएम वित्त राजस्व सुशील कुमार गोंड ने बताया कि सभी एसडीएम को लेखपालों का उपस्थिति रोस्टर तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद लेखपाल तय रोस्टर के अनुसार पंचायत भवन में बैठने लगेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रामीणों की सुविधाओं के लिए शासन ने लेखपालों को ग्राम सचिवालयों में बैठने के आदेश जारी किए हैं। एक जुलाई से आदेश को अमलीजामा पहनाया जाना था लेकिन पहले ही दिन यह धरातल पर फेल नजर आया। हसनगंज एसडीएम कार्यालय से मात्र 150 मीटर की दूरी पर हसनगंज पंचायत भवन में सुबह 11 बजे ताला लटकता मिला। 10:35 बजे तक निमादपुर गांव के पंचायत भवन का ताला नहीं खुला था। यहां लेखपाल, सचिव की बात छोड़िए पंचायत सहायक तक नहीं पहुंचे थे। 10:40 बजे रामपुर अखौली गांव के पंचायत भवन में ताला लटका था। इसके अलावा चांदपुर झलिहई, झलोतर, नवई, लखनापुर व आदमपुर भांसी में भी ताले लटकते मिले।
विज्ञापन
बिछिया ब्लाॅक के ग्राम बदलीखेड़ा के पंचायत भवन में भी सुबह 11:06 बजे ताला लटका था। पुरवा तहसील प्रशासन द्वारा रोस्टर तैयार न कर पाने के कारण कोई भी लेखपाल पंचायत भवन में बैठने नहीं पहुंचा। ग्रामीणों में रमेश, अधीर सैनी व चंद्र शेखर द्विवेदी ने बताया कि पंचायत भवन में न लेखपाल मिले और ना ही पंचायत सहायक ही पहुंचे। इसके चलते जरूरी कार्य नहीं हो पाए और उनको मायूस होकर लौटना पड़ा। एडीएम वित्त राजस्व सुशील कुमार गोंड ने बताया कि सभी एसडीएम को लेखपालों का उपस्थिति रोस्टर तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद लेखपाल तय रोस्टर के अनुसार पंचायत भवन में बैठने लगेंगे।

फोटो-33-हसनगंज के रामपुर अखौली के सचिवालय में लटकता ताला। संवाद
विज्ञापन