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Unnao News: बिछिया में 24 घंटे बत्ती गुल, औरास में 36 घंटे में मात्र छह घंटे मिली बिजली
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फोटो-11-चुन्नू त्रिवेदी
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सोनिक/औरास (उन्नाव)। बारिश के कारण हुए फाल्टों से बिछिया क्षेत्र में 24 घंटे बाद भी बिजली चालू नहीं हो सकी। इसके अलावा औरास में 36 घंटे में मात्र छह घंटे ही आपूर्ति मिली। इससे करीब तीन लाख की आबादी बिन बिजली बेहाल रही। अधिकारी बारिश से हुए फाल्टों की मरम्मत कराकर आपूर्ति बहाल करने की बात कहते रहे।
सोनिक सबस्टेशन से संचालित चमरौली द्वितीय फीडर से चांदपुर, ओरहर, जमुका, रायपुर बुजुर्ग, दुआ, तारगांव व बक्खाखेड़ा ग्राम पंचायत और इनके करीब 40 मजरे जुड़े हैं। इनकी आबादी करीब एक लाख। शुक्रवार शाम हुई बारिश के दौरान फाल्ट हो गया था। अधिकारी फाल्ट ढूंढ नहीं पाए और पूरी रात बिजली गुल रही। शनिवार दोपहर तक जब बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हुई तो ओरहर गांव के दिलीप सिंह, हरिकरन सिंह, रामबहादुर सिंह, गोपाल, पुनीत, शत्रोहन व सुदर्शन आदि लोग उपकेंद्र पहुंचे। जेई रणवीर सिंह से बिजली आपूर्ति चालू न होने की शिकायत की।
ग्रामीणों ने बताया कि चमरौली द्वितीय फीडर से बृहस्पतिवार की रात 11 बजे आपूर्ति ठप हो गई थी जो दूसरे दिन चालू हो सकी थी। बताया कि इस फीडर का हालत खराब है। मौसम बिगड़ते ही आपूर्ति बंद कर दी जाती है। फाल्ट बताकर पूरा दिन लाइट नहीं दी जाती है। फाल्ट ठीक करने के लिए मात्र एक संविदा लाइनमैन ही तैनात है। इसी कारण सामान्य फाल्ट होने पर भी मरम्मत में 24 घंटे से ज्यादा का समय लग जाता है। लोगों ने कहा कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो उच्चाधिकारियों के कार्यालयों का घेराव किया जाएगा। जेई ने बताया कि कर्मचारी फाल्ट खोज रहे हैं। जल्द ही फाल्ट मिलेगा, वैसे ही ठीक कराकर आपूर्ति चालू करा दी जाएगी।
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उधर, लगातार फाल्ट होने से औरास क्षेत्र की करीब दो लाख आबादी को 36 घंटों में महज छह घंटे ही बिजली मिल पाई। हाजीपुर गोसा उपकेंद्र से परौरी, जमालनगर, हाथीखेड़ा और औरास समेत चार फीडरों को बिजली आपूर्ति की जाती है। अघोषित कटौती, 33 केवी लाइन में फाल्ट, जंपर टूटने, ट्रिपिंग और पेड़ों की छंटाई के नाम पर शुक्रवार सुबह पांच बजे गुल हुई बिजली शनिवार शाम पांच बजे तक बहाल नहीं हो सकी। 33 केवी लाइन में फाल्ट से बंद सप्लाई रात में चालू हुई लेकिन दो घंटे बाद ही मियागंज-हाजीपुर गोसा 33 केवी लाइन का जंपर उपकेंद्र से लगभग दो सौ मीटर दूर टूट गया। जंपर जोड़ने में विभाग को करीब 13 घंटे लग गए।
शनिवार सुबह जंपर जुड़ने के बाद बिजली आई और फिर लाइन के पास पेड़ों की छंटाई के कारण शाम पांच बजे तक आपूर्ति बंद कर दी गई। कमलाशंकर गुप्ता, रामजी अवस्थी, सुरेंद्र, अशोक पांडेय, अनूप भट्ट, उमेश यादव और अनुज आदि ने बताया कि 36 घंटे में मात्र छह घंटे ही बिजली मिली है। इससे पेयजल संकट भी गहरा गया है। हाथ वाले पंखों के सहारे गर्मी झेलने को मजबूर हैं। पानी के लिए हैंडपंप व कुओं का ही सहारा ले रहे है।
उपभोक्ताओं का आरोप है कि क्षेत्र के जेई फोन तक नहीं उठाते और सही जानकारी भी नहीं देते। एसडीओ धर्मेंद्र राजपूत ने बताया कि शुक्रवार को 33 केवी लाइन में फाल्ट, रात में जंपर टूटने और शनिवार को पेड़ों की छंटाई के कारण आपूर्ति बाधित रही। जल्द ही बिजली आपूर्ति सामान्य हो जाएगी।
फोटो-11-चुन्नू त्रिवेदी
बिजली न होने से पानी की किल्लत
ओरहर गांव के चुन्नू त्रिवेदी ने बताया कि बिजली आपूर्ति ठप होने से हाथ पंखे के सहारे गर्मी में रात गुजारनी पड़ रही है। सुबह पीने के पानी को लेकर भी दिक्कत उठानी पड़ रही है।
फोटो-12-नीरज
अंधाधुंध कटौती, अधिकारी नहीं उठाते फोन
सीमऊ के नीरज ने बताया एचटी लाइन में फाल्ट के नाम पर जमकर कटौती की जाती है। बार-बार बिजली ट्रिपिंग हो जाती है। इसके चलते घंटों बिजली बंद रहती है। जिम्मेदार अधिकारी फोन नहीं उठाते हैं।
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सोनिक सबस्टेशन से संचालित चमरौली द्वितीय फीडर से चांदपुर, ओरहर, जमुका, रायपुर बुजुर्ग, दुआ, तारगांव व बक्खाखेड़ा ग्राम पंचायत और इनके करीब 40 मजरे जुड़े हैं। इनकी आबादी करीब एक लाख। शुक्रवार शाम हुई बारिश के दौरान फाल्ट हो गया था। अधिकारी फाल्ट ढूंढ नहीं पाए और पूरी रात बिजली गुल रही। शनिवार दोपहर तक जब बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हुई तो ओरहर गांव के दिलीप सिंह, हरिकरन सिंह, रामबहादुर सिंह, गोपाल, पुनीत, शत्रोहन व सुदर्शन आदि लोग उपकेंद्र पहुंचे। जेई रणवीर सिंह से बिजली आपूर्ति चालू न होने की शिकायत की।
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ग्रामीणों ने बताया कि चमरौली द्वितीय फीडर से बृहस्पतिवार की रात 11 बजे आपूर्ति ठप हो गई थी जो दूसरे दिन चालू हो सकी थी। बताया कि इस फीडर का हालत खराब है। मौसम बिगड़ते ही आपूर्ति बंद कर दी जाती है। फाल्ट बताकर पूरा दिन लाइट नहीं दी जाती है। फाल्ट ठीक करने के लिए मात्र एक संविदा लाइनमैन ही तैनात है। इसी कारण सामान्य फाल्ट होने पर भी मरम्मत में 24 घंटे से ज्यादा का समय लग जाता है। लोगों ने कहा कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो उच्चाधिकारियों के कार्यालयों का घेराव किया जाएगा। जेई ने बताया कि कर्मचारी फाल्ट खोज रहे हैं। जल्द ही फाल्ट मिलेगा, वैसे ही ठीक कराकर आपूर्ति चालू करा दी जाएगी।
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उधर, लगातार फाल्ट होने से औरास क्षेत्र की करीब दो लाख आबादी को 36 घंटों में महज छह घंटे ही बिजली मिल पाई। हाजीपुर गोसा उपकेंद्र से परौरी, जमालनगर, हाथीखेड़ा और औरास समेत चार फीडरों को बिजली आपूर्ति की जाती है। अघोषित कटौती, 33 केवी लाइन में फाल्ट, जंपर टूटने, ट्रिपिंग और पेड़ों की छंटाई के नाम पर शुक्रवार सुबह पांच बजे गुल हुई बिजली शनिवार शाम पांच बजे तक बहाल नहीं हो सकी। 33 केवी लाइन में फाल्ट से बंद सप्लाई रात में चालू हुई लेकिन दो घंटे बाद ही मियागंज-हाजीपुर गोसा 33 केवी लाइन का जंपर उपकेंद्र से लगभग दो सौ मीटर दूर टूट गया। जंपर जोड़ने में विभाग को करीब 13 घंटे लग गए।
शनिवार सुबह जंपर जुड़ने के बाद बिजली आई और फिर लाइन के पास पेड़ों की छंटाई के कारण शाम पांच बजे तक आपूर्ति बंद कर दी गई। कमलाशंकर गुप्ता, रामजी अवस्थी, सुरेंद्र, अशोक पांडेय, अनूप भट्ट, उमेश यादव और अनुज आदि ने बताया कि 36 घंटे में मात्र छह घंटे ही बिजली मिली है। इससे पेयजल संकट भी गहरा गया है। हाथ वाले पंखों के सहारे गर्मी झेलने को मजबूर हैं। पानी के लिए हैंडपंप व कुओं का ही सहारा ले रहे है।
उपभोक्ताओं का आरोप है कि क्षेत्र के जेई फोन तक नहीं उठाते और सही जानकारी भी नहीं देते। एसडीओ धर्मेंद्र राजपूत ने बताया कि शुक्रवार को 33 केवी लाइन में फाल्ट, रात में जंपर टूटने और शनिवार को पेड़ों की छंटाई के कारण आपूर्ति बाधित रही। जल्द ही बिजली आपूर्ति सामान्य हो जाएगी।
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बिजली न होने से पानी की किल्लत
ओरहर गांव के चुन्नू त्रिवेदी ने बताया कि बिजली आपूर्ति ठप होने से हाथ पंखे के सहारे गर्मी में रात गुजारनी पड़ रही है। सुबह पीने के पानी को लेकर भी दिक्कत उठानी पड़ रही है।
फोटो-12-नीरज
अंधाधुंध कटौती, अधिकारी नहीं उठाते फोन
सीमऊ के नीरज ने बताया एचटी लाइन में फाल्ट के नाम पर जमकर कटौती की जाती है। बार-बार बिजली ट्रिपिंग हो जाती है। इसके चलते घंटों बिजली बंद रहती है। जिम्मेदार अधिकारी फोन नहीं उठाते हैं।

फोटो-11-चुन्नू त्रिवेदी

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