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Unnao News: गंगा एक्सप्रेसवे के बगल की मिट्टी बही, संकेतक भी गिरा
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फोटो-23-गंगा एक्सप्रेसवे पर सोनिक के पास साइडिंग की बही मिट्टी। संवाद
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सोनिक। गंगा एक्सप्रेसवे में लगातार खामियां मिल रही हैं। पहली तेज बारिश के बाद टोल प्लाजा से एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाली सड़क धंसने के बाद शनिवार को सोनिक के पास सड़क के बगल की मिट्टी बही मिली। संकेतक भी गिरा था। कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर ने व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने की बात कही है।
मेरठ से प्रयागराज जाने वाली साइड में किलोमीटर संख्या 421 सोनिक के पास शुक्रवार को उतरने वाली रोड धंस गई थी। इसकी कार्यदायी संस्था ने आनन-फानन मरम्मत करा दी थी। शनिवार को इसी किलोमीटर संख्या पर साइडिंग वाली मिट्टी बही मिली। मिट्टी बहने से रोकने के लिए लगाई जानी वाली घास भी कहीं नजर नहीं आई। इसी के पास संकेतक किनारे गिरा पड़ा था। यहीं पर किनारे बनाई गई नालियां भी टूटी थीं। कार्यदायी संस्था पटेल इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रोजेक्ट मैनेजर सतीश सिंह ने बताया कि पहली बारिश में इस तरह की समस्या आती है। जहां मिट्टी बही है, उसे ठीक कराया जाएगा। संकेतक गिरने की जानकारी नहीं है। इसे भी सही कराया जाएगा।
इंसेट-1
सोनिक टोल पर लगे संकेतक में हेल्पलाइन नंबर गायब
सोनिक। गंगा एक्सप्रेसवे पर हर दो किलोमीटर पर कार्यदायी संस्था ने हेल्पलाइन नंबरों का संकेतक लगाने का दावा किया है लेकिन सोनिक टोल पर लगे किसी भी संकेतक पर कोई हेल्पलाइन नंबर नहीं लिखा है। सोनिक टोल मैनेजर गौरव शर्मा ने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे पर हर दो किलोमीटर पर संकेतक में हेल्पलाइन नंबर 14449 लिखा है। इस नंबर पर वाहन चालकों को किसी प्रकार की समस्या होने पर फोन करने पर मदद पहुंचाई जाती है। हालांकि मैनेजर का दावा सोनिक टोल पर लगे संकेतक बोर्ड पर फेल नजर आया। यहां पर किसी भी बोर्ड पर कोई हेल्पलाइन लिखा नहीं मिला।
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मेरठ से प्रयागराज जाने वाली साइड में किलोमीटर संख्या 421 सोनिक के पास शुक्रवार को उतरने वाली रोड धंस गई थी। इसकी कार्यदायी संस्था ने आनन-फानन मरम्मत करा दी थी। शनिवार को इसी किलोमीटर संख्या पर साइडिंग वाली मिट्टी बही मिली। मिट्टी बहने से रोकने के लिए लगाई जानी वाली घास भी कहीं नजर नहीं आई। इसी के पास संकेतक किनारे गिरा पड़ा था। यहीं पर किनारे बनाई गई नालियां भी टूटी थीं। कार्यदायी संस्था पटेल इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रोजेक्ट मैनेजर सतीश सिंह ने बताया कि पहली बारिश में इस तरह की समस्या आती है। जहां मिट्टी बही है, उसे ठीक कराया जाएगा। संकेतक गिरने की जानकारी नहीं है। इसे भी सही कराया जाएगा।
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इंसेट-1
सोनिक टोल पर लगे संकेतक में हेल्पलाइन नंबर गायब
सोनिक। गंगा एक्सप्रेसवे पर हर दो किलोमीटर पर कार्यदायी संस्था ने हेल्पलाइन नंबरों का संकेतक लगाने का दावा किया है लेकिन सोनिक टोल पर लगे किसी भी संकेतक पर कोई हेल्पलाइन नंबर नहीं लिखा है। सोनिक टोल मैनेजर गौरव शर्मा ने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे पर हर दो किलोमीटर पर संकेतक में हेल्पलाइन नंबर 14449 लिखा है। इस नंबर पर वाहन चालकों को किसी प्रकार की समस्या होने पर फोन करने पर मदद पहुंचाई जाती है। हालांकि मैनेजर का दावा सोनिक टोल पर लगे संकेतक बोर्ड पर फेल नजर आया। यहां पर किसी भी बोर्ड पर कोई हेल्पलाइन लिखा नहीं मिला।

फोटो-23-गंगा एक्सप्रेसवे पर सोनिक के पास साइडिंग की बही मिट्टी। संवाद
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