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Unnao News: सेना के सूबेदार का शव पहुंचा तो बिलख पड़े परिजन
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फोटो-29- सूबेदार शैलेंद्र पांडेय का शव घर पहुंचने पर बिलखते परिजन। संवाद
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बीघापुर (उन्नाव)। पत्नी की खुदकुशी के बाद बुधवार की सुबह कोलकाता में जहर खाकर जान देने वाले सेना के सूबेदार शैलेंद्र पांडेय का शव बृहस्पतिवार की सुबह आते ही परिजन बेहाल हो गए। परिजन ने घटना के लिए ससुरालवालों को जिम्मेदार ठहराया। कानपुर की आठ राजपूत रेजीमेंट की सातवीं इंफेंट्री ब्रिगेड की टीम ने बक्सर घाट पर उन्हें अंतिम सलामी दी। सेना के जवानों ने मृतक के दोनों बच्चों को तिरंगा सौंपा। भाई ने चिता को अग्नि दी।
बीघापुर कोतवाली के दांदामऊ गांव निवासी सेना में सूबेदार शैलेंद्र पांडेय (40) कोलकाता के पानागढ़ में तैनात थे। मंगलवार की रात उनकी पत्नी साधना से फोन पर कहासुनी हो गई थी। इससे नाराज साधना ने ससुराल में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली थी। इसका पता शैलेंद्र को चला तो उन्होंने बुधवार की सुबह जहर खाकर जान दे दी। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद पत्नी साधना के शव को भाई अनुज मिश्र ने कानपुर में अंतिम संस्कार किया था।
शैलेंद्र पांडेय का शव पानागढ़ में साथ इंजीनियरिंग कोर में तैनात चचेरे भाई रुद्रशंकर हवाई जहाज से बृहस्पतिवार सुबह 10 बजे लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट लेकर पहुंचे। वहां से कानपुर की आठवीं राजपूत रेजीमेंट की सातवीं इन्फेंट्री ब्रिगेड के 18 जवान सूबेदार प्रदीप सिंह, महेंद्र प्रताप और राजेश के नेतृत्व में सुबह 11:30 बजे दांदामऊ स्थित घर लाया गया। एंबुलेंस से शव उतारते ही घर के बाहर खड़े पिता राजेंद्र, मां पुष्पा, भाई मनोज सहित परिवार के अन्य सदस्य बिलख पड़े। सैकड़ों की संख्या में मौजूद ग्रामीण और रिश्तेदार परिजन को ढांढस बंधाते रहे। ताबूत में आए शव पर सेना के जवानों ने पुष्प चक्र अर्पित किया। मां, पिता, भाई और बहन को शव से लिपट कर बिलखते देख मौजूद लोगों की भी आंखें नम हो गई।
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दोपहर करीब एक बजे शव बक्सर घाट पर ले जाते समय शैलेंद्र पांडेय अमर रहे के नारे लगे। जवानों ने सूबेदार के शव को कंधे पर रख बक्सर स्थित घाट ले गए। वहां अंतिम सलामी के बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया। बड़े भाई मनोज पांडेय ने चिता को अग्नि दी। कानपुर निवासी मामा अनुज मिश्रा के साथ बेटा यथार्थ और बेटी सान्वी बक्सर स्थित घाट पहुंचे। सेना के अधिकारियों ने बच्चों को तिरंगा सौंपा। परिजन ने बेटे ससुराल वालों पर फोन पर धमकी देकर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया।
कोतवाल अरविंद कुमार ने बताया कि अभी तक किसी भी पक्ष से तहरीर नहीं दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साधना की मौत हैंगिंग से होने की पुष्टि हुई है। तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अंतिम संस्कार के बाद बच्चों को फिर साथ ले गए मामा
बीघापुर। सूबेदार का शव आने पर मृतक के दोनों बच्चे मामा के साथ बक्सर स्थित घाट पर पहुंचे थे। पिता के अंतिम संस्कार के दौरान दोनों बच्चे रहे और चाचा से बात भी की। उन्हें जो जैसे बोल रहा था, वैसे ही कर रहे थे। अब बच्चे मामा के पास रहेंगे या फिर अपने बाबा के पास आएंगे, अभी यह तय नहीं हो पाया है। बच्चों के चेहरे देख जो भी उन्हें देख रहा था, उसकी आंखों से आंसू छलक रहे थे। सभी यह कह रहे थे आपसी विवाद में इन बच्चों का जीवन अंधकार में हो गया।
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बीघापुर कोतवाली के दांदामऊ गांव निवासी सेना में सूबेदार शैलेंद्र पांडेय (40) कोलकाता के पानागढ़ में तैनात थे। मंगलवार की रात उनकी पत्नी साधना से फोन पर कहासुनी हो गई थी। इससे नाराज साधना ने ससुराल में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली थी। इसका पता शैलेंद्र को चला तो उन्होंने बुधवार की सुबह जहर खाकर जान दे दी। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद पत्नी साधना के शव को भाई अनुज मिश्र ने कानपुर में अंतिम संस्कार किया था।
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शैलेंद्र पांडेय का शव पानागढ़ में साथ इंजीनियरिंग कोर में तैनात चचेरे भाई रुद्रशंकर हवाई जहाज से बृहस्पतिवार सुबह 10 बजे लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट लेकर पहुंचे। वहां से कानपुर की आठवीं राजपूत रेजीमेंट की सातवीं इन्फेंट्री ब्रिगेड के 18 जवान सूबेदार प्रदीप सिंह, महेंद्र प्रताप और राजेश के नेतृत्व में सुबह 11:30 बजे दांदामऊ स्थित घर लाया गया। एंबुलेंस से शव उतारते ही घर के बाहर खड़े पिता राजेंद्र, मां पुष्पा, भाई मनोज सहित परिवार के अन्य सदस्य बिलख पड़े। सैकड़ों की संख्या में मौजूद ग्रामीण और रिश्तेदार परिजन को ढांढस बंधाते रहे। ताबूत में आए शव पर सेना के जवानों ने पुष्प चक्र अर्पित किया। मां, पिता, भाई और बहन को शव से लिपट कर बिलखते देख मौजूद लोगों की भी आंखें नम हो गई।
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दोपहर करीब एक बजे शव बक्सर घाट पर ले जाते समय शैलेंद्र पांडेय अमर रहे के नारे लगे। जवानों ने सूबेदार के शव को कंधे पर रख बक्सर स्थित घाट ले गए। वहां अंतिम सलामी के बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया। बड़े भाई मनोज पांडेय ने चिता को अग्नि दी। कानपुर निवासी मामा अनुज मिश्रा के साथ बेटा यथार्थ और बेटी सान्वी बक्सर स्थित घाट पहुंचे। सेना के अधिकारियों ने बच्चों को तिरंगा सौंपा। परिजन ने बेटे ससुराल वालों पर फोन पर धमकी देकर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया।
कोतवाल अरविंद कुमार ने बताया कि अभी तक किसी भी पक्ष से तहरीर नहीं दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साधना की मौत हैंगिंग से होने की पुष्टि हुई है। तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अंतिम संस्कार के बाद बच्चों को फिर साथ ले गए मामा
बीघापुर। सूबेदार का शव आने पर मृतक के दोनों बच्चे मामा के साथ बक्सर स्थित घाट पर पहुंचे थे। पिता के अंतिम संस्कार के दौरान दोनों बच्चे रहे और चाचा से बात भी की। उन्हें जो जैसे बोल रहा था, वैसे ही कर रहे थे। अब बच्चे मामा के पास रहेंगे या फिर अपने बाबा के पास आएंगे, अभी यह तय नहीं हो पाया है। बच्चों के चेहरे देख जो भी उन्हें देख रहा था, उसकी आंखों से आंसू छलक रहे थे। सभी यह कह रहे थे आपसी विवाद में इन बच्चों का जीवन अंधकार में हो गया।

फोटो-29- सूबेदार शैलेंद्र पांडेय का शव घर पहुंचने पर बिलखते परिजन। संवाद

फोटो-29- सूबेदार शैलेंद्र पांडेय का शव घर पहुंचने पर बिलखते परिजन। संवाद