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Unnao News: हाईवे पर तीन दिन से खड़े हैं दुर्घटनाग्रस्त डंपर, हादसों का खतरा
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फोटो-12-हाईवे पर टोल प्लाजा के सड़क घेर कर खड़ा दुर्घटनाग्रस्त डंपर। संवाद
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उन्नाव/नवाबगंज। लखनऊ-कानपुर हाईवे पर पुलिस और एनएचएआई की लापरवाही यात्रियों के लिए खतरा बन गई है। अवैध पार्किंग रोकने और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को तुरंत हटाने की जिम्मेदारी से अधिकारी मुंह मोड़ रहे हैं। टोल प्लाजा के पास 19 जून को हुए हादसे में क्षतिग्रस्त दो डंपर 22 जून को भी सड़क घेरकर खड़े थे।
19 जून की सुबह टोल प्लाजा के पास मौरंग लदे डंपर में पीछे से दूसरा डंपर घुस गया था। इस तेज टक्कर से पीछे वाले डंपर का केबिन क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में क्लीनर की जान चली गई थी। पुलिस ने एनएचएआई की टीम की मदद से दोनों डंपरों को हाईवे के किनारे कराकर जाम खुलवाया था। हालांकि घटना के तीन दिन बाद सोमवार शाम तक तक इन डंपरों को हटाया नहीं गया। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का कहना है कि सड़क पर खड़े ये डंपर हादसों का खतरा बढ़ा रहे हैं। रात के समय ये डंपर दूर से नजर नहीं आते जिससे खतरा और अधिक हो जाता है। एनएचएआई की पेट्रोलिंग टीम दिन में कई बार इस हाईवे से गुजरती है। फिर भी उन्होंने इन क्षतिग्रस्त डंपरों को हटवाने की जहमत नहीं उठाई।
हाईवे पर हादसों की मुख्य वजहें
उन्नाव प्रदेश के उन 10 जिलों में शामिल है जहां दुर्घटनाएं अधिक होती हैं। शासन ने अवैध वाहन पार्किंग और नो पार्किंग खत्म करने के निर्देश दिए हैं। एनएचएआई की पेट्रोलिंग टीम के पास संसाधनों की कमी बड़ी समस्या है। हाईवे पर 40 से 60 टन माल लेकर चलने वाले खनिज लदे वाहन अक्सर हादसों का शिकार होते हैं। पेट्रोलिंग टीम के पास उपलब्ध हाइड्रा की क्षमता केवल 14 टन वजन उठाने की है। इससे भारी दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाने के लिए किराये पर हाइड्रा मंगवाना पड़ता है। वाहन तुरंत न हटने से हाईवे पर लंबा जाम लग जाता है। लखनऊ सीमा के बनी पुल से जाजमऊ तक 24 घंटे पेट्रोलिंग के लिए सिर्फ एक वाहन और तीन कर्मचारी तैनात हैं।
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वर्जन...
वाहनों को हटाने के लिए एक हाइड्रा उपलब्ध है उसकी क्षमता 14 टन का भार उठाने की है जबकि वाहन इससे कई गुना अधिक खनिज लादकर चलते हैं। ट्रक, डंपर पलटने पर उसमें लदे खनिज को खाली कराने के बाद ही उसे हटाया जा पाता है। शनिवार को दुर्घटनाग्रस्त हुए दोनों डंपरों को हटाने के लिए मोटर मालिक ने दो दिन का समय मांगा था। बताया था कि दूसरे डंपर में मौरंग पलटवाने के बाद वाहन को हटवा देंगे, हालांकि सोमवार देर शाम तक नहीं हटवाया है। पुलिस से संपर्क करके आगे की कार्रवाई की जाएगी। -संजय सिंह, पेट्रोलिंग इंचार्ज एनएचएआई
सुरक्षा के लिए लिहाज से ये जरूरी
-हाईवे पर किसी भी वाहन के खराब होने पर उसे तुरंत सड़क से हटाना।
-कोई भी हादसा होने पर तत्काल एंबुलेंस और क्रेन को मौके पर पहुंचा।
-घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाना और वाहनों को हटाना।
-हाईवे और एक्सप्रेसवे की पेट्रोलिंग करके वाहनों को खड़े होने से रोकना।
-एंबुलेंस में प्रशिक्षित मेडिकल टीम हो, जो घायलों का तुरंत प्राथमिक उपचार करे।
19 जून की सुबह टोल प्लाजा के पास मौरंग लदे डंपर में पीछे से दूसरा डंपर घुस गया था। इस तेज टक्कर से पीछे वाले डंपर का केबिन क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में क्लीनर की जान चली गई थी। पुलिस ने एनएचएआई की टीम की मदद से दोनों डंपरों को हाईवे के किनारे कराकर जाम खुलवाया था। हालांकि घटना के तीन दिन बाद सोमवार शाम तक तक इन डंपरों को हटाया नहीं गया। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का कहना है कि सड़क पर खड़े ये डंपर हादसों का खतरा बढ़ा रहे हैं। रात के समय ये डंपर दूर से नजर नहीं आते जिससे खतरा और अधिक हो जाता है। एनएचएआई की पेट्रोलिंग टीम दिन में कई बार इस हाईवे से गुजरती है। फिर भी उन्होंने इन क्षतिग्रस्त डंपरों को हटवाने की जहमत नहीं उठाई।
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हाईवे पर हादसों की मुख्य वजहें
उन्नाव प्रदेश के उन 10 जिलों में शामिल है जहां दुर्घटनाएं अधिक होती हैं। शासन ने अवैध वाहन पार्किंग और नो पार्किंग खत्म करने के निर्देश दिए हैं। एनएचएआई की पेट्रोलिंग टीम के पास संसाधनों की कमी बड़ी समस्या है। हाईवे पर 40 से 60 टन माल लेकर चलने वाले खनिज लदे वाहन अक्सर हादसों का शिकार होते हैं। पेट्रोलिंग टीम के पास उपलब्ध हाइड्रा की क्षमता केवल 14 टन वजन उठाने की है। इससे भारी दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाने के लिए किराये पर हाइड्रा मंगवाना पड़ता है। वाहन तुरंत न हटने से हाईवे पर लंबा जाम लग जाता है। लखनऊ सीमा के बनी पुल से जाजमऊ तक 24 घंटे पेट्रोलिंग के लिए सिर्फ एक वाहन और तीन कर्मचारी तैनात हैं।
वर्जन...
वाहनों को हटाने के लिए एक हाइड्रा उपलब्ध है उसकी क्षमता 14 टन का भार उठाने की है जबकि वाहन इससे कई गुना अधिक खनिज लादकर चलते हैं। ट्रक, डंपर पलटने पर उसमें लदे खनिज को खाली कराने के बाद ही उसे हटाया जा पाता है। शनिवार को दुर्घटनाग्रस्त हुए दोनों डंपरों को हटाने के लिए मोटर मालिक ने दो दिन का समय मांगा था। बताया था कि दूसरे डंपर में मौरंग पलटवाने के बाद वाहन को हटवा देंगे, हालांकि सोमवार देर शाम तक नहीं हटवाया है। पुलिस से संपर्क करके आगे की कार्रवाई की जाएगी। -संजय सिंह, पेट्रोलिंग इंचार्ज एनएचएआई
सुरक्षा के लिए लिहाज से ये जरूरी
-हाईवे पर किसी भी वाहन के खराब होने पर उसे तुरंत सड़क से हटाना।
-कोई भी हादसा होने पर तत्काल एंबुलेंस और क्रेन को मौके पर पहुंचा।
-घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाना और वाहनों को हटाना।
-हाईवे और एक्सप्रेसवे की पेट्रोलिंग करके वाहनों को खड़े होने से रोकना।
-एंबुलेंस में प्रशिक्षित मेडिकल टीम हो, जो घायलों का तुरंत प्राथमिक उपचार करे।

फोटो-12-हाईवे पर टोल प्लाजा के सड़क घेर कर खड़ा दुर्घटनाग्रस्त डंपर। संवाद