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Unnao News: हत्या के प्रयास में जेल भेजे गए श्रमिक की दूसरे ही दिन बिगड़ी हालत, मौत, सात घंटे हंगामा
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उन्नाव। बेगम नगर मोहल्ले में युवती से मिलने के दौरान हुई मारपीट के मामले में हत्या के प्रयास में जेल गए युवती के पिता शफीक (50) की बुधवार को जिला अस्पताल में मौत हो गई। परिजन ने पुलिस और जेल प्रशासन पर बेरहमी से मारपीट का आरोप लगाते हुए अस्पताल के बाहर शव रखकर दो घंटे तक हंगामा और जाम लगाया। सिटी मजिस्ट्रेट के जांच के आश्वासन के बाद सात घंटे बाद परिजन शांत हुए और पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए।
21 जून को आसीवन थाना क्षेत्र के बेगम नगर निवासी अनस (22) नुरुल्लानगर में एक युवती से मिलने गया था। वहां युवती के पिता शफीक और भाई मो. आदिल ने अनस की पिटाई की थी। अनस ने अपने परिजनों को बताया तो वे कई गाड़ियों से आकर शफीक और मो. आदिल को पीट दिया। अनस को गंभीर चोटें आने पर उसके भाई खुर्शीद की तहरीर पर 22 जून को शफीक और आदिल पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया। मियागंज सीएचसी में मेडिकल के बाद मंगलवार को दोनों को जेल भेजा गया था। जेल भेजे जाते समय शफीक के दाहिने हाथ में फ्रैक्चर और शरीर पर कई चोटें थीं। बुधवार सुबह शफीक के भाई आसिफ और अन्य लोग जेल में उससे मिलने गए। जेल प्रशासन ने उन्हें शफीक की हालत बिगड़ने की जानकारी दी। सुबह 11:30 बजे जेल की एंबुलेंस से उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
शफीक की मौत की खबर मिलते ही परिवार के लोग जिला अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने पुलिस और जेल में मारपीट का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। दोपहर करीब एक बजे शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाते समय परिजनों ने स्ट्रेचर को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। कोतवाल चंद्रकांत मिश्र पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और बातचीत का प्रयास किया। हालांकि, परिजन शांत नहीं हुए और आसीवन एसओ व अन्य पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग करने लगे।
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बाद में दिंवगत के गांव के पूर्व प्रधान मुन्नू सिंह सहित अन्य लोग मौके पर पहुंचे। पुलिस ने उनके माध्यम से परिजन से बात की और उन्हें समझाने का प्रयास किया। काफी समझाने के बाद परिजन शांत हुए और शव वाले स्ट्रेचर को किनारे कर रास्ता खोल दिया। हालांकि, वे तुरंत पोस्टमार्टम के लिए तैयार नहीं हुए। शाम करीब चार बजे के बाद सीओ सिटी विनी सिंह और सिटी मजिस्ट्रेट मनोज सिंह भी मौके पर पहुंचे।
सिटी मजिस्ट्रेट ने परिजनों से बात की और उन्हें हर बिंदु पर जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। पत्नी रुखसाना ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी तहरीर पर कोई कार्रवाई नहीं की थी। सिटी मजिस्ट्रेट के आश्वासन के बाद परिजन पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए। शाम सात बजे शव को पोस्टमार्टम के लिए अंदर ले जाया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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21 जून को आसीवन थाना क्षेत्र के बेगम नगर निवासी अनस (22) नुरुल्लानगर में एक युवती से मिलने गया था। वहां युवती के पिता शफीक और भाई मो. आदिल ने अनस की पिटाई की थी। अनस ने अपने परिजनों को बताया तो वे कई गाड़ियों से आकर शफीक और मो. आदिल को पीट दिया। अनस को गंभीर चोटें आने पर उसके भाई खुर्शीद की तहरीर पर 22 जून को शफीक और आदिल पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया। मियागंज सीएचसी में मेडिकल के बाद मंगलवार को दोनों को जेल भेजा गया था। जेल भेजे जाते समय शफीक के दाहिने हाथ में फ्रैक्चर और शरीर पर कई चोटें थीं। बुधवार सुबह शफीक के भाई आसिफ और अन्य लोग जेल में उससे मिलने गए। जेल प्रशासन ने उन्हें शफीक की हालत बिगड़ने की जानकारी दी। सुबह 11:30 बजे जेल की एंबुलेंस से उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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शफीक की मौत की खबर मिलते ही परिवार के लोग जिला अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने पुलिस और जेल में मारपीट का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। दोपहर करीब एक बजे शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाते समय परिजनों ने स्ट्रेचर को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। कोतवाल चंद्रकांत मिश्र पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और बातचीत का प्रयास किया। हालांकि, परिजन शांत नहीं हुए और आसीवन एसओ व अन्य पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग करने लगे।
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बाद में दिंवगत के गांव के पूर्व प्रधान मुन्नू सिंह सहित अन्य लोग मौके पर पहुंचे। पुलिस ने उनके माध्यम से परिजन से बात की और उन्हें समझाने का प्रयास किया। काफी समझाने के बाद परिजन शांत हुए और शव वाले स्ट्रेचर को किनारे कर रास्ता खोल दिया। हालांकि, वे तुरंत पोस्टमार्टम के लिए तैयार नहीं हुए। शाम करीब चार बजे के बाद सीओ सिटी विनी सिंह और सिटी मजिस्ट्रेट मनोज सिंह भी मौके पर पहुंचे।
सिटी मजिस्ट्रेट ने परिजनों से बात की और उन्हें हर बिंदु पर जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। पत्नी रुखसाना ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी तहरीर पर कोई कार्रवाई नहीं की थी। सिटी मजिस्ट्रेट के आश्वासन के बाद परिजन पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए। शाम सात बजे शव को पोस्टमार्टम के लिए अंदर ले जाया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।