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काशी आ सकते हैं अमित शाह: फॉरेंसिक यूनिवर्सिटी के स्थायी परिसर का होगा भूमि पूजन, तैयारियों में जुटा प्रशासन

Tue, 01 Sep 2026 06:02 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Tue, 01 Sep 2026 06:02 AM IST
सार

सितंबर के दूसरे सप्ताह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के काशी आने की संभावना है। उनके प्रस्तावित दौरे में जाल्हूपुर स्थित फॉरेंसिक साइंस विश्वविद्यालय के स्थायी परिसर का भूमि पूजन कराया जा सकता है। यहां फॉरेंसिक साइंस के पहले बैच की कक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। पांच वर्षीय बीएससी-एमएससी और दो वर्षीय एमएससी पाठ्यक्रम संचालित हैं। प्रशासन संभावित कार्यक्रम की तैयारियों में जुटा है, जबकि वर्चुअल लोकार्पण का विकल्प भी खुला है।

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Amit Shah likely to visit Kashi Groundbreaking ceremony Forensic University permanent campus held
गृह मंत्री अमित शाह। - फोटो : एएनआई

विस्तार

काशी में अपराध की वैज्ञानिक जांच और फॉरेंसिक शिक्षा को नई दिशा मिलने जा रही है। जाल्हूपुर में गुजरात स्थित राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय के ट्रांजिट कैंपस का संचालन शुरू हो चुका है। पहले बैच की कक्षाएं भी चल रही हैं। अब शहंशाहपुर में 50 एकड़ जमीन पर विश्वविद्यालय के स्थायी परिसर के निर्माण की तैयारी है। सितंबर के दूसरे सप्ताह में इसके भूमि पूजन और जाल्हूपुर ट्रांजिट कैंपस के लोकार्पण का प्रस्ताव है।

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना को देखते हुए प्रशासन तैयारियों में जुटा है। उनके काशी आगमन की स्थिति में कार्यक्रम स्थल और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। वहीं, यदि उनका काशी आना संभव नहीं होता है तो वर्चुअल माध्यम से लोकार्पण और भूमि पूजन कराने के विकल्प पर भी विचार किया जा रहा है। 
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स्थायी परिसर के अस्तित्व में आने के बाद काशी और पूर्वांचल के विद्यार्थियों को फॉरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में उच्च स्तरीय शिक्षा और प्रशिक्षण के लिए बेहतर अवसर मिलेंगे। फॉरेंसिक विज्ञान में विशेषज्ञता हासिल करने वाले युवाओं के लिए अपराध अनुसंधान, प्रयोगशाला, न्यायिक प्रक्रिया और अन्य संबंधित क्षेत्रों में करियर के नए रास्ते खुलेंगे।

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फॉरेंसिक विशेषज्ञ तैयार होंगे
विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को फॉरेंसिक विज्ञान की अत्याधुनिक शिक्षा और प्रशिक्षण दिया जाएगा। यहां से तैयार होने वाले विशेषज्ञ अपराध की वैज्ञानिक जांच, घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों के विश्लेषण और न्यायिक प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगे। स्थायी परिसर बनने के बाद प्रयोगशालाओं, प्रशिक्षण सुविधाओं और पाठ्यक्रमों का विस्तार भी प्रस्तावित है।

स्थानीय मामलों की जांच में मिलेगी मदद
फॉरेंसिक विश्वविद्यालय के कैंपस से काशी और पूर्वांचल में अपराध की वैज्ञानिक जांच को गति मिलने की उम्मीद है। अभी कई मामलों में फॉरेंसिक जांच के लिए नमूने और साक्ष्य दूसरे स्थानों पर भेजने पड़ते हैं। स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होने से जांच की प्रक्रिया तेज होगी। इससे मामलों के वैज्ञानिक विश्लेषण और साक्ष्यों के आधार पर जांच को मजबूती मिलने के साथ स्थानीय मामलों को स्थानीय स्तर पर ही सुलझाने में मदद मिलेगी।

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