Cough Syrup Case: चार एजेंसियों, चार राज्यों और पांच जिलों की पुलिस को चकमा दे रहा शुभम जायसवाल
Varanasi News: कफ सिरप रैकेट का सरगना शुभम जायसवाल अभी भी पकड़ से दूर है। तस्करी का सगरना चार एजेंसियों, चार राज्यों और पांच जिलों की पुलिस को चकमा दे रहा है।
विस्तार
कोडीन युक्त कफ सिरप तस्करी के सिंडिकेट की कमान संभालने वाले भगोड़े शुभम जायसवाल को चार एजेंसियां, चार राज्यों और पांच जिलों की पुलिस तलाश रही है। तस्करी के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी शुभम जायसवाल ने भी फिल्म ‘पुष्पा’ की तरह तस्करी के लिए सभी हथकंडे अपनाए, जिसे न तो पावर का खौफ था और न ही पैसे की कमी। गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने भी सभी हथकंडे अपनाए। 90 दिन के अंदर इनाम राशि घोषित करने, कुर्की का नोटिस जारी करने, संपत्ति कुर्क करने और भगोड़ा घोषित करने तक की कार्रवाई हो गई, लेकिन एजेंसियां उसकी लोकेशन तक नहीं ले सकीं।
उत्तर प्रदेश पुलिस की एसआईटी, नारकोटिक्स, ईडी और एसटीएफ की टीमें शुभम को तलाश रही हैं। हिमाचल, झारखंड, बिहार और यूपी के अलावा वाराणसी कमिश्नरेट, सोनभद्र, जौनपुर, चंदौली और गाजियाबाद की पुलिस को भी वह चकमा दे रहा है।
इसे भी पढ़ें; UP News: गैस की किल्लत के बीच बड़ा खुलासा, बंद पेट्रोल पंप की बिल्डिंग से 230 से ज्यादा कमर्शियल सिलिंडर बरामद
पिछले 90 दिनों से एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिरकार शुभम जायसवाल कहां छिपा है। अंतिम बार पांच नवंबर को उसकी लोकेशन बाबतपुर एयरपोर्ट से दुबई की मिली थी। बीच में शुभम का एक वीडियो वायरल हुआ, लेकिन वह वीडियो कहां से और किसके माध्यम से जारी हुआ, यह भी एजेंसियां पता नहीं लगा सकीं।
एजेंसियों को शक है कि दोनों ही गिरोह को ऑपरेट कर रहे हैं। दुबई में शुभम और कोलकाता में बैठकर प्रशांत इस जांच के भंवर से बाहर निकलने की पूरी पटकथा तैयार कर रहे हैं। जांच एजेंसियों को यह भी भनक लगी है कि वे प्रयागराज कोर्ट के कुछ अधिवक्ताओं से संपर्क साधने में जुटे हैं। पूरब से पश्चिम तक 50 से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। अधिकतर आरोपियों की अब तक 150 करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल संपत्ति भी जब्त की जा चुकी है।
शाइन सिटी के सीएमडी के बाद शैली ट्रेडर्स का कर्ताधर्ता शुभम हुआ भगोड़ा
जमीन समेत लुभावने ऑफर के जरिए हजारों निवेशकों से अरबों रुपये की ठगी में भगोड़ा घोषित शाइन सिटी के सीएमडी राशिद नसीम के बाद कफ सिरप तस्करी मामले में शुभम जायसवाल को भगोड़ा घोषित किया गया है।
शुभम के करीबियों की हर हफ्ते परेड, रडार पर मददगार
कफ सिरप तस्करी में शामिल शुभम के करीबियों की पुलिस हर हफ्ते परेड करवा रही है। पिछले चार वर्षों में शुभम से जुड़े नए और पुराने मददगारों को कोतवाली पुलिस व एसआईटी ने रडार पर लिया है। शक के आधार पर 25 से अधिक व्यापारियों को अब तक उठाया गया और पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। एसटीएफ लखनऊ और वाराणसी इकाई भी शुभम के मददगारों की तलाश में जुटी है। कोविड के बाद शुभम ने दवा के पुश्तैनी कारोबार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाया। आदमपुर थाना क्षेत्र के प्रह्लाद घाट, कायस्थ टोला निवासी शुभम जायसवाल ने धनबाद में शैली ट्रेडर्स फर्म का पंजीकरण कराया। हिमाचल में एबॉट और एस्कुफ कंपनी से कफ सिरप की खरीद की और करोड़ों रुपये की लाखों बोतलें खरीदीं। फर्जी फर्म और कूटरचित ई-वे बिल के जरिये बांग्लादेश तक तस्करी कराई।
क्या बोले अधिकारी
आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने से लेकर संपत्ति कुर्क की कार्रवाई की जा चुकी है। कफ सिरप तस्करी मामले में अन्य एजेंसियां भी अपने स्तर से जांच की जा रही है। शुभम को भगोड़ा घोषित किया गया है। प्रकरण की गहनता से एक-एक बिंदुओं की जांच कर प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। मुख्य आरोपी के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई होती है, पुलिस व एसआईटी उस दिशा में काम कर रही है। -गौरव बंशवाल, डीसीपी काशी जोन