कुछ छिपा रहे डॉ. लहरी: आंखों में लालिमा देख राज्यमंत्री को हुआ शक, बनाई जांच कमेटी; सीएम के कहने पर की मुलाकात
राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल ने फेसबुक पोस्ट में बीएचयू के डॉ. लहरी से मुलाकात का पूरा घटनाक्रम बताया। उन्होंने कहा कि डॉ. लहरी की आंखों में लालिमा देखकर लगा कि कहीं वह कुछ छिपा तो नहीं रहे, इसलिए जांच कमेटी बनाई गई। उन्होंने बीएचयू प्रशासन को सख्त निर्देश दिए। डॉ. लहरी से कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें भेजा है और उनकी चिंता है।
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यूपी सरकार के स्टांप एवं निबंधन राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल ने डॉ. टीके लहरी मामले में रविवार देर रात फेसबुक पर पोस्ट साझा किया। साथ ही तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाए जाने के सवाल पर राज्यमंत्री ने बताया कि मुझे लगा कि कहीं ऐसा तो नहीं यह कुछ छिपाना चाह रहे हो कि क्यों उनके कारण किसी को परेशानी हो क्योंकि लहरी ने तो पूरी जिंदगी सेवाभाव से काम किया है।
सच्चाई उनके शुभचिंतकों के सामने आए इसीलिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाकर मामले की जांच कराने और एक सप्ताह में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं ताकि जांच के बाद पूरा मामला सामने आए। जांच का उद्देश्य पूरे घटनाक्रम की तस्वीर स्पष्ट करना है, जिससे किसी तरह की आशंका या भ्रम की स्थिति न रहे।
रविवार की रात करीब नौ बजे बीएचयू में भर्ती पद्मश्री डॉ. टीके लहरी का स्वास्थ्य जानने राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल पहुंचे थे। वहां से आने के बाद राज्यमंत्री ने रविवार रात करीब पौने एक बजे अपने फेसबुक पोस्ट के माध्यम से डॉ. लहरी से मुलाकात और इसके बाद दिए गए निर्देशों की जानकारी साझा की।
राज्यमंत्री ने बताया कि मुलाकात के दौरान मैंने उनसे पूछा कि आपको कहीं कोई चोट आई है क्या। कोई अप्रिय घटना हुई है तो उन्होंने बताया कि कोई परेशानी नहीं है और वह स्वस्थ हैं। इस पर मैंने उनसे कहा कि मुझे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भेजा है। उन्हें आपकी चिंता है। हजारों शुभचिंतकों को, शहर को, देश को आपकी चिंता है। कोई परेशानी है तो बताइए। इसके जवाब में डॉ. लहरी ठहाका लगाकर हंसे और कहा मुझे कुछ नहीं हुआ, चिंता मत करिए।
प्रो. लहरी को मानसिक रोगी बताने से परिजन नाराज, फोन पर की बात
आईएमएस बीएचयू के कार्डियोथोरेसिक विभाग के डॉक्टर टीके लहरी को मानसिक बीमारी से ग्रसित बताए जाने संबंधी बीएचयू प्रशासन की रिपोर्ट से उनके परिजन हैरान और नाराज हैं। रविवार को बीएचयू प्रशासन की ओर से भेजे गए ईमेल के जवाब में सोमवार को परिजनों ने मेल भेजकर इस पर आपत्ति जताई। उन्होंने मांग की है कि पहले की अपेक्षा अब वार्ड में डॉ. लहरी की और बेहतर तरीके से देखभाल की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में उनके साथ इस तरह की कोई घटना दोबारा न हो।
सोमवार की दोपहर डॉ. लहरी ने वीडियो कॉल के जरिये परिजनों से बातचीत भी की। परिजनों की ओर से भेजे गए मेल में डॉ. लहरी के साथ हुई घटना पर नाराजगी जताई गई है। परिजनों ने मेल में कहा है कि जिस भी डॉक्टर ने डॉ. लहरी के साथ इस तरह का व्यवहार किया है, उसे दोबारा उनके पास नहीं भेजा जाए। उनका कहना है कि करीब आठ महीने से बीएचयू में भर्ती डॉ. लहरी के बारे में डॉक्टरों की ओर से दी गई मानसिक बीमारी संबंधी रिपोर्ट चिंतनीय है।
मेल की प्रतिलिपि बीएचयू के कुलपति, आईएमएस निदेशक, संकाय प्रमुख चिकित्सा संकाय, एमएस बीएचयू अस्पताल समेत अन्य संबंधित अधिकारियों को भेजी गई है। सोमवार की दोपहर बीएचयू के छात्रनेता आशुतोष सिंह ने अपने मोबाइल से डॉ. लहरी के परिजनों को वीडियो कॉल किया। इस दौरान डॉ. लहरी ने भी परिजनों से बातचीत की। कोलकाता में मौजूद उनकी बहन, भांजी और परिवार के अन्य सदस्यों ने उनका हालचाल जाना।
परिजनों ने इन सुझावों पर मांगा जवाब
परिजनों ने मेल के माध्यम से डॉ. लहरी की सुरक्षा और इलाज को लेकर कुछ सुझावों पर बीएचयू प्रशासन से जवाब भी मांगा है। उन्होंने कहा है कि भविष्य में डॉ. लहरी की सुरक्षा का विशेष ख्याल रखा जाए। जिस व्यक्ति ने उनके साथ इस तरह का दुर्व्यवहार किया है, उसे दोबारा उनकी सेवा में न लगाया जाए, क्योंकि आशंका है कि वह फिर ऐसा कर सकता है। परिजनों ने यह भी कहा है कि पूर्व में डॉ. लहरी के चिकित्सा परीक्षण की जो मांग की गई थी, उसके तहत उनके चेहरे के पास लगी चोट की जांच सही तरीके से कराई जानी चाहिए। इसके अलावा भविष्य में डॉ. लहरी को किसी तरह की समस्या होने पर तत्काल परिजनों को इसकी सूचना देने की मांग भी की गई है।