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वसूली और लूट का मामला: निलंबित थानाध्यक्ष दिव्य प्रकाश ने किया आत्मसमर्पण, होगी पूछताछ; तीन जिलों में छापेमारी

Mon, 28 Sep 2026 02:22 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, जाैनपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, जाैनपुर। Published by: Aman Vishwakarma Updated Mon, 28 Sep 2026 02:22 PM IST
सार

जिले में जबरन वसूली और लूट के मामलों में फरार चल रहे निलंबित थानाध्यक्ष दिव्य प्रकाश सिंह ने सोमवार को आत्मसमर्पण कर दिया। उन पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। एसआईटी ने करीब 40 मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाए हैं और वाराणसी, मिर्जापुर व प्रयागराज में आरोपियों की तलाश जारी है।

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Extortion and robbery case Suspended Station House Officer Divya Prakash surrenders undergo questioning
निलंबित थानाध्यक्ष दिव्य प्रकाश सिंह। - फोटो : संवाद

विस्तार

जौनपुर जिले के जलालपुर और सुरेरी थाना क्षेत्रों में दर्ज जबरन वसूली और लूट के मामलों में फरार चल रहे निलंबित थानाध्यक्ष दिव्य प्रकाश सिंह ने सोमवार को आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मामले की जांच कर रही एसआईटी आरोपियों के संपर्कों और घटनाक्रम से जुड़े साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है।

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एसआईटी से जुड़े अधिकारी के अनुसार, दिव्य प्रकाश सिंह और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए वाराणसी, मिर्जापुर और प्रयागराज में पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही थीं। इसी बीच दिव्य प्रकाश सिंह ने सोमवार को आत्मसमर्पण कर दिया। उनके खिलाफ 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। एसआईटी अब उनसे पूछताछ कर मामले में उनकी भूमिका और अन्य आरोपियों से संपर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है।

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जांच के दौरान करीब 40 मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाए गए हैं। इनके जरिये आरोपियों के आपसी संपर्क, बातचीत और कनेक्शन की पड़ताल की जा रही है। वाराणसी निवासी राजेंद्र दुबे, खाता धारक वंश नारायण गिरी और राज नारायण गिरी समेत अन्य आरोपियों की गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। राज नारायण गिरी पर भी 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

एसआईटी ने शुक्रवार को जेल पहुंचकर मामले में गिरफ्तार आरोपियों से करीब तीन घंटे तक पूछताछ की थी। टीम ने आत्मसमर्पण करने वाले केराकत कोतवाली क्षेत्र के पहाड़ी पट्टी निवासी संकीत और उसके भाई विकास सिंह से भी पूछताछ की। जांच टीम के अनुसार, पूछताछ में दोनों ने घटना में अपनी भूमिका स्वीकार की है। जांच में दोनों का संपर्क सुरेरी थाना क्षेत्र के देहुआ निवासी राज नारायण गिरी से सामने आया है।

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राज नारायण गिरी सुरेरी में ग्राहक सेवा केंद्र का संचालन करते थे। ग्राहक सेवा केंद्र का संचालन कबीरुद्दीनपुर निवासी मनीष पटेल करता था। मामले में निलंबित आरक्षी सत्येंद्र कुमार गौड़ और आरक्षी विष्णु सिंह की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है। दिव्य प्रकाश सिंह के आत्मसमर्पण के बाद एसआईटी अब फरार आरोपियों तक पहुंचने के लिए उनके मोबाइल संपर्क और नेटवर्क की जांच तेज कर रही है। अलग-अलग जिलों में पुलिस टीमों की दबिश जारी है।

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