UP: 'राम मंदिर में चंदे के नाम पर महापाप हुआ', वाराणसी में बोले संजय सिंह- SIT से कोई उम्मीद नहीं; लगाए आरोप
Varanasi News: वाराणसी पहुंचे संजय सिंह ने सर्किट हाउस में राम मंदिर निर्माण से जुड़े भूमि सौदे को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि चंदे के नाम पर महापाप हुआ है और SIT जांच से कोई उम्मीद नहीं है। संजय सिंह ने आरोप लगाया कि जमीन खरीद-फरोख्त में अनियमितताएं हुईं, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
UP Politics: आम आदमी पार्टी के नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह सोमवार को काशी पहुंचे। सर्किट हाउस में कहा कि राम मंदिर में चंदे के नाम पर महापाप किया गया है। चोर क्या चोर की जांच कर सकता है। एसआईटी से कोई उम्मीद नहीं है, क्योंकि जांच करने वाले वही लोग हैं जो इस पूरे मामले से जुड़े हैं।
कहा कि मंदिर परिसर में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की 8 महीने की फुटेज को डिलीट किया गया है, ताकि चंदे के पैसे को गबन किया जा सके। संजय सिंह ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत ने अयोध्या में 24 करोड़ में खरीदी जबकि उनकी मालियत 3 करोड़ की थी।
एसडीएम ने अभिलेख में नजूल की जमीन बताया है। कहा कि राम मंदिर के नाम पर देश के कोने-कोने से मिले चंदे के पैसे से अयोध्या में कम पैसे की जमीन बहुत अधिक रेट में अयोध्या में ट्रस्ट के नाम पर खरीदी गई। जमीन की खरीद फरोख्त में जमकर भ्रष्टाचार हुआ है।
अयोध्या के एसडीएम ने इसे सत्यापित किया कि खरीदी गई जमीन नजूल की थी। इसी साफ पता चलता है कि इसका खरीद फरोख्त अवैध रूप से किया गया था। जमीन को बेचने वाले महंत मुरली दास हैं, जो बाबा पूरन दास के चेले हैं और खरीदने वाले चंपत राय हैं, जिसमें मिथिलेश्वर नामक शख्स को गवाह बनाया गया है।
कहा कि जिस तरह से अयोध्या में चंदे में बंदरबाट की गई है, उसका आंकड़ा 200 करोड़ के पार है। राज्यसभा सांसद ने बोला कि रोज 15 से 20 लाख रुपये की चोरी होती थी। अब केवल विपक्ष ही नहीं, बल्कि भाजपा और राम मंदिर से जुड़े कुछ लोग भी सवाल उठा रहे हैं।
कहा कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी है कि चंपत राय के खिलाफ अब तक कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने पेपर लीक मामलों पर कहा कि अब परीक्षा प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए वायुसेना की मदद लेने की बात कही जा रही है, जो हास्यास्पद प्रतीत होती है। उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना का कार्य देश की सुरक्षा और दुश्मनों से मुकाबला करना है, न कि परीक्षा प्रश्नपत्रों की निगरानी करना।