'...तो आज नीरज जिंदा रहता': बेटे की लाश देख मां ने पुलिस पर लगाया आरोप, पीट-पीट कर हुई थी हत्या; चार गिरफ्तार
Varanasi News: वाराणसी के आदमपुर थाना क्षेत्र में माला-फूल की दुकान लगाने को लेकर शुरू हुई कहासुनी में नीरज केवट (18) की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद मंडलीय चिकित्सालय में परिजनों ने हंगामा किया और पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगाए थे।
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Varanasi News: आदमपुर थाना क्षेत्र के सक्का घाट पर युवक की हत्या के मामले में दूसरे दिन सोमवार को भी माहौल तनावपूर्ण बना रहा। दोपहर में पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही नीरज केवट (18) का शव सक्का घाट पहुंचा, परिजन और स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर घाट पर हंगामा शुरू हो गया।
मौके पर मौजूद पुलिस ने समझा-बुझाकर लोगों को शांत कराया, जिसके बाद परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गए। इंस्पेक्टर आदमपुर विमल मिश्रा ने बताया कि हत्या कांड में नामजद 9 आरोपियों में से चार को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है।
गौरतलब है कि माला-फूल की दुकान लगाने को लेकर सक्का घाट पर रहने वाले नीरज केवट और रवींद्र केवट के परिवार के बीच पुराना विवाद चला आ रहा है। रविवार रात दोनों पक्षों के लोगों के बीच पहले कहासुनी हुई फिर मारपीट होने लगा। जिसमें लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर चले। इसी दौरान सिर पर ईंट लगने से नीरज को गंभीर चोट आई।
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उसे मंडलीय अस्पताल ले जाया गया। जहां पर डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद नीरज के परिजनों ने आरोप लगाया कि रवींद्र और उसके पक्ष को लोग पहले भी झगड़ा कर चुके थें, जिसकी शिकायत पुलिस चौकी पर की गई थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। यदि पुलिस ने कार्रवाई की होती तो आज नीरज जिंदा रहता।
चार आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
आदमपुर पुलिस ने चार नामजद आरोपी सुमन देवी, किशन, कन्हैया और कल्लू को लोमवार को गिरफ्तार कर लिया है। इंस्पेक्टर विमल मिश्रा ने बताया कि मृतक के भाई धीरज केवट की तहरीर पर रविंद्र केवट समेत 9 के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
परिजनों ने कहा घाट पर एक नौका संचालक का है वर्चस्व
मृतक नीजर के परिजनों का आरोप है कि घाट पर दुकान लगाने को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था और इसकी शिकायत पहले भी पुलिस से की गई थी, लेकिन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। वहीं घाट पर रहने वाले एक नौका संचालक की सह पर मारपीट करने का भी आरोप लगाया। बताया कि नौका संचालक की कई नावें सक्का घाट और तेलियानाला घाट से चलती है। किसी दूसरे व्यक्ति की नाव को घाट से नहीं चलने दिया जाता है। कई बार घाट पर इसे लेकर संघर्ष हो चुका है, इसके बावजूद भी घाट पर स्थित तेलियानाला पुलिस चौकी के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाती है।

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